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गेहूं का नहीं हुआ उठान, सवा लाख बोरों से मंडी हुुई फुल
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Thu, 13 Apr 2017 12:04 AM IST
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मंडी के बाहर सड़क पर मिट्टी में डाला गया गेहूं
- फोटो : bureau
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रोहतक रोड पर नई अनाज मंडी में एक तरफ गेहूं की आवक काफी बढ़ गई है, वहीं दूसरी ओर पिछले कई दिनों से गेहूं का उठान नहीं हो रहा। इससे अनाज मंडी सवा लाख बोरे इकट्ठे होने से भर गई। किसानों को मंडी में गेहूं बेचने के लिए मिट्टी व कंक्रीट भरी सड़कों पर अपनी फसल डालने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उठान नहीं होने पर मंडी भर जाने के बाद भी अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। यही कारण है कि किसानों को मिट्टी व कंक्रीट में गेहूं की फसल डालनी पड़ रही है और यह गेहूं ही बोरों में भरकर गोदाम में भेज दिया जाएगा।
मंडी के बाहर से बोतलें खरीद बुझा रहे प्यास
जिले में मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू हुए करीब एक सप्ताह ही हुआ है और गेहूं की आवक बहुत ज्यादा बढ़ गई है। आवक बढ़ते ही अधिकारियों की तैयारियों की पोल खुल गई है। मंडी से गेहूं का उठान नहीं हो रहा है और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समय मंडी में लगभग सवा लाख बोरे जमा हो गए हैं और गेहूं की आवक लगातार जारी है। इस समस्या को अधिकारी नजरअंदाज करने में लगे हुए हैं तो मार्केट कमेटी के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे हुए अपने कार्यालयों में बैठे हुए हैं। किसानों और आढ़तियों का कहना है कि मंडी के शुरू होने से पहले अधिकारियों ने दावे कर दिए थे कि इस बार उठान में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। किसानों का सारा गेहूं खरीदा जाएगा, लेकिन मंडी में पिछले चार दिन से गेहूं का उठान न के बराबर हो रहा है। वहीं, किसानों के लिए पेयजल की भी समुचित व्यवस्था तक नहीं है। किसान मंडी के बाहर से ही पानी की बोतलें खरीदने के लिए मजबूर हैं।
4 अप्रैल को हुई थी मंडी में खरीद शुरू
चार अप्रैल को सोनीपत अनाज मंडी में गेहूं की खरीद एसडीएम निशांत यादव ने शुरू करवाई थी। इस दौरान उन्होंने मंडी के अंदर व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया था, ताकि आढ़तियों व किसानों को दिक्कतें न हों। मार्केट कमेटी कार्यालय में किसानों, आढ़तियों व खरीद एजेंसियों की सामूहिक बैठक के दौरान निर्देश दिए थे कि गेहूं की लिफ्टिंग समय से होगी। साथ ही मंडी में आने वाले किसानों के लिए पेयजल व शौचालयों समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे।
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गोहाना मंडी में बारदाने की कमी, गन्नौर भी हालात खराब
गोहाना स्थित अनाज मंडी में बारदाने की कमी है। समय पर बारदाना न मिलने से अनाज खुले में डाला जा रहा है। मंडी में रोजाना एक लाख क्विंटल गेहूं का उठाना हो रहा है। बारदाना ही सबसे बड़ी बाधा बन रहा है। वहीं, गन्नौर मंडी में मूलभूत सुविधाओं के लिए किसानों को जूझना पड़ रहा है। खरखौदा मंडी में भी हालात सही नहीं हैं। वहां, सड़कें टूटी हुई है तो पीने के पानी तक की समस्या बनी हुई है।
पेयजल के लिए भी नहीं कोई व्यवस्था
मंडी में अधिकारियों के दौरे पर मंडी प्रशासन की ओर से व्यवस्था पूरी होने के दावे किए जाते हैं। उनके जाने के बाद मंडी प्रशासन की ओर से अनदेखी की जाती है। पेयजल की व्यवस्था नहीं है। बाहर से लाना पड़ रहा है।
- सतबीर, किसान, गांव झरोठ
गेहूं डलवाने के लिए प्रशासन की नहीं कोई व्यवस्था
60 मण गेहूं बेचने के लिए यहां पहुंचा हूं। गेहूं डलवाने के लिए मंडी में कोई इंतजाम तक नहीं है। मिट्टी व कंक्रीट में ही मंडी प्रशासन की ओर से गेहूं डलवाया जा रहा है। मंडी के अंदर उठान न होने से दिक्कतें सामने आ रही हैं।
- प्रविंद्र, किसान, गांव झरोठ
सुबह से बैठा हूं, लेकिन अभी तक तौलाई तक नहीं
एक एकड़ का गेहूं लेकर मंडी में सुबह सात बजे पहुंचा गया था। दोपहर हो गई है, लेकिन एजेंसियों की ओर से कोई अधिकारी गेहूं की तौलाई करने के लिए नहीं पहुंचा है। खरीद तो पता नहीं कब होगी।
- हरि, किसान, गांव कुराड़
गोदामों में लोडिंग की समस्या, नहीं हो रहा उठान
भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में लोडिंग की समस्या है। वहां पर पर्याप्त मजदूर नहीं हैं, जिसके चलते सोनीपत मंडी फुल हो गई है। इसी को लेकर एसडीएम निशांत यादव मंडी का जायजा लेंगे। मंडी में मिट्टी में डाले जा रहे गेहूं की सूचना नहीं है। अगर ऐसा मामला है तो किसानों को तिरपाल मुहैया कराई जाएगी। अब तक 6 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है।
सुरेंद्र सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी
विकास कार्य रुकने से किसान परेशान
मंडी के शुरू होने से पहले ही मंडी का विकास कार्य जारी था। गेहूं की आवक शुरू होते ही काम रुक गया है, जिसके चलते किसानों को गेहूं डालने में परेशानी हो रही है।
-राजेश कक्कड़, एक्सईएन, मार्केटिंग बोर्ड
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मंडी के बाहर से बोतलें खरीद बुझा रहे प्यास
जिले में मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू हुए करीब एक सप्ताह ही हुआ है और गेहूं की आवक बहुत ज्यादा बढ़ गई है। आवक बढ़ते ही अधिकारियों की तैयारियों की पोल खुल गई है। मंडी से गेहूं का उठान नहीं हो रहा है और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समय मंडी में लगभग सवा लाख बोरे जमा हो गए हैं और गेहूं की आवक लगातार जारी है। इस समस्या को अधिकारी नजरअंदाज करने में लगे हुए हैं तो मार्केट कमेटी के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे हुए अपने कार्यालयों में बैठे हुए हैं। किसानों और आढ़तियों का कहना है कि मंडी के शुरू होने से पहले अधिकारियों ने दावे कर दिए थे कि इस बार उठान में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। किसानों का सारा गेहूं खरीदा जाएगा, लेकिन मंडी में पिछले चार दिन से गेहूं का उठान न के बराबर हो रहा है। वहीं, किसानों के लिए पेयजल की भी समुचित व्यवस्था तक नहीं है। किसान मंडी के बाहर से ही पानी की बोतलें खरीदने के लिए मजबूर हैं।
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4 अप्रैल को हुई थी मंडी में खरीद शुरू
चार अप्रैल को सोनीपत अनाज मंडी में गेहूं की खरीद एसडीएम निशांत यादव ने शुरू करवाई थी। इस दौरान उन्होंने मंडी के अंदर व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया था, ताकि आढ़तियों व किसानों को दिक्कतें न हों। मार्केट कमेटी कार्यालय में किसानों, आढ़तियों व खरीद एजेंसियों की सामूहिक बैठक के दौरान निर्देश दिए थे कि गेहूं की लिफ्टिंग समय से होगी। साथ ही मंडी में आने वाले किसानों के लिए पेयजल व शौचालयों समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे।
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गोहाना मंडी में बारदाने की कमी, गन्नौर भी हालात खराब
गोहाना स्थित अनाज मंडी में बारदाने की कमी है। समय पर बारदाना न मिलने से अनाज खुले में डाला जा रहा है। मंडी में रोजाना एक लाख क्विंटल गेहूं का उठाना हो रहा है। बारदाना ही सबसे बड़ी बाधा बन रहा है। वहीं, गन्नौर मंडी में मूलभूत सुविधाओं के लिए किसानों को जूझना पड़ रहा है। खरखौदा मंडी में भी हालात सही नहीं हैं। वहां, सड़कें टूटी हुई है तो पीने के पानी तक की समस्या बनी हुई है।
पेयजल के लिए भी नहीं कोई व्यवस्था
मंडी में अधिकारियों के दौरे पर मंडी प्रशासन की ओर से व्यवस्था पूरी होने के दावे किए जाते हैं। उनके जाने के बाद मंडी प्रशासन की ओर से अनदेखी की जाती है। पेयजल की व्यवस्था नहीं है। बाहर से लाना पड़ रहा है।
- सतबीर, किसान, गांव झरोठ
गेहूं डलवाने के लिए प्रशासन की नहीं कोई व्यवस्था
60 मण गेहूं बेचने के लिए यहां पहुंचा हूं। गेहूं डलवाने के लिए मंडी में कोई इंतजाम तक नहीं है। मिट्टी व कंक्रीट में ही मंडी प्रशासन की ओर से गेहूं डलवाया जा रहा है। मंडी के अंदर उठान न होने से दिक्कतें सामने आ रही हैं।
- प्रविंद्र, किसान, गांव झरोठ
सुबह से बैठा हूं, लेकिन अभी तक तौलाई तक नहीं
एक एकड़ का गेहूं लेकर मंडी में सुबह सात बजे पहुंचा गया था। दोपहर हो गई है, लेकिन एजेंसियों की ओर से कोई अधिकारी गेहूं की तौलाई करने के लिए नहीं पहुंचा है। खरीद तो पता नहीं कब होगी।
- हरि, किसान, गांव कुराड़
गोदामों में लोडिंग की समस्या, नहीं हो रहा उठान
भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में लोडिंग की समस्या है। वहां पर पर्याप्त मजदूर नहीं हैं, जिसके चलते सोनीपत मंडी फुल हो गई है। इसी को लेकर एसडीएम निशांत यादव मंडी का जायजा लेंगे। मंडी में मिट्टी में डाले जा रहे गेहूं की सूचना नहीं है। अगर ऐसा मामला है तो किसानों को तिरपाल मुहैया कराई जाएगी। अब तक 6 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है।
सुरेंद्र सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी
विकास कार्य रुकने से किसान परेशान
मंडी के शुरू होने से पहले ही मंडी का विकास कार्य जारी था। गेहूं की आवक शुरू होते ही काम रुक गया है, जिसके चलते किसानों को गेहूं डालने में परेशानी हो रही है।
-राजेश कक्कड़, एक्सईएन, मार्केटिंग बोर्ड