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चंडीगढ़ बार एसोसिएशन के आह्वान पर सोनीपत बार ने किया कार्य निलंबित
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चंडीगढ़ बार एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को सोनीपत बार एसोसिएशन ने कार्य निलंबित रखा। अधिवक्ता मुकदमों की सुनवाई में पेश नहीं हुए। मुवक्किल कोर्ट परिसर में भटकते रहे। चंडीगढ़ के सेक्टर-15 में एडवोकेट अशोक सहगल की कार से मादक पदार्थ मिलने की घटना के विरोध में कार्य निलंबित रखने का फैसला लिया गया था।
सोनीपत बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप शर्मा स्वीटी ने बताया कि चंडीगढ़ बार एसोसिएशन के आह्वान पर बैठक कर कार्य निलंबित रखने का फैसला लिया गया था। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन एडवोकेट अशोक सहगल मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रही है। वकील अशोक सहगल की कार से गांजा बरामद हुआ था। उनकी कार में मादक पदार्थ रखा गया था। इसमें एक संदिग्ध सीसीटीवी में भी दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि वकीलों पर हमला और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश गंभीर विषय है। इस मामले में सभी अधिवक्ता एकजुट हैं। उनकी कार में नशीला पदार्थ रखने वाले असली अपराधी का पता लगाकर गिरफ्तार किया जाना चाहिए। वहीं अधिवक्ताओं के कार्य निलंबित रखने से न्यायालय परिसर में पहुंचे मुवक्किल भटकते रहे। उनके केसों की सुनवाई नहीं हो सकी। उन्हें बिना सुनवाई के ही वापस लौटना पड़ा।
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सोनीपत बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप शर्मा स्वीटी ने बताया कि चंडीगढ़ बार एसोसिएशन के आह्वान पर बैठक कर कार्य निलंबित रखने का फैसला लिया गया था। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन एडवोकेट अशोक सहगल मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रही है। वकील अशोक सहगल की कार से गांजा बरामद हुआ था। उनकी कार में मादक पदार्थ रखा गया था। इसमें एक संदिग्ध सीसीटीवी में भी दिखाई दे रहा है।
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उन्होंने कहा कि वकीलों पर हमला और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश गंभीर विषय है। इस मामले में सभी अधिवक्ता एकजुट हैं। उनकी कार में नशीला पदार्थ रखने वाले असली अपराधी का पता लगाकर गिरफ्तार किया जाना चाहिए। वहीं अधिवक्ताओं के कार्य निलंबित रखने से न्यायालय परिसर में पहुंचे मुवक्किल भटकते रहे। उनके केसों की सुनवाई नहीं हो सकी। उन्हें बिना सुनवाई के ही वापस लौटना पड़ा।
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