{"_id":"587bc5c64f1c1b3503efe80e","slug":"sonipat-500-outlets-will-run-today-s-hammer-corporation","type":"story","status":"publish","title_hn":"500 दुकानों पर आज चलेगा निगम का हथौड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
500 दुकानों पर आज चलेगा निगम का हथौड़ा
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 16 Jan 2017 12:26 AM IST
विज्ञापन
जमालपुरा में मकानों व दुकानों के आगे बने थड़ों को तोड़ते निगम कर्मी
- फोटो : sonipat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनजीटी की फटकार का असर दिखने लगा है, जिसके कारण ही नगर निगम के अधिकारी छुट्टी के दिन में भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहे हैं। निगम अधिकारियों ने रविवार को जमालपुरा की गलियों में मकानों व दुकानों पर हथौड़ा चलवाया। यहां मजदूर लगाकर मकान व दुकानों के बाहर बनाए गए रैंप, चबूतरे, सीढ़ियां सभी को तोड़ दिया गया। 100 से ज्यादा दुकानों व मकानों के आगे यह कार्रवाई की गई, जिससे वहां दिनभर हड़कंप मचा रहा। वहां के लोगों ने निगम अफसरों पर बिना कोई सूचना व नोटिस के यह कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। वहीं, अब फैज बाजार में दुकानों के आगे अतिक्रमण को तोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा, जहां लगभग 500 दुकानों पर कार्रवाई होगी। रविवार की कार्रवाई के बाद से व्यापारियों में हड़कंप मच गया है जो किसी तरह अधिकारियों से खुद ही अतिक्रमण हटाने की बात कह रहे हैं।
वाहनों को निकलने में होती है परेशानी
नगर निगम व प्रशासन की ओर से शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया हुआ है। व्यापारियों ने सड़कों पर अपनी दुकानों को आगे बढ़ाकर पक्का निर्माण कर लिया है। उसके बाद भी सड़क पर सामान रखा जाता है, जिससे सड़क पर निकलने का रास्ता भी नहीं रहता। वहां से वाहनों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इस तरह पूरे शहर में हालात खराब हैं और हर सड़क व गली में अतिक्रमण बढ़ गया है। जमालपुरा की गली में लगभग 100 दुकानों व मकानों के आगे रैंप, चबूतरे, सीढ़ियां बना दी गईं, जिससे गली ओर ज्यादा छोटी हो गई और वहां से निकलने में परेशानी होने लगी। उसको देखते हुए ही नगर निगम ने रविवार को छुट्टी के दिन भी वहां अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। वहां पहले जेसीबी लेकर पहुंचे, लेकिन रास्ते में अतिक्रमण होने के कारण वहां जेसीबी नहीं जा सकी। इसके बाद निगम अधिकारियों ने अतिक्रमण तोड़ने के लिए मजदूरों को हथोड़े लेकर बुलाया और उसके बाद अतिक्रमण तुड़वाना शुरू किया गया। वहां रास्ते में जिस किसी ने पक्का अतिक्रमण किया हुआ था, उन सभी को तोड़ दिया गया।
लोगों ने किया विरोध
लोगों ने वहां विरोध भी किया, जिनका कहना था कि निगम की ओर से पहले ना कोई नोटिस दिया गया और ना कोई सूचना दी गई। इस तरह सीधे तोड़फोड़ शुरू कर दी गई है। वहां रहने वाले दिनेश, कमल, संदीप ने कहा कि निगम की ओर से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया है, जबकि निगम के एक्सईएन अशोक मलिक ने कहा कि पूरे शहर में नोटिस देकर कह दिया गया कि लोग अपने अतिक्रमण खुद तोड़ ले, नहीं तो निगम उनको जेसीबी से तुड़वा देगा। वहीं इस कार्रवाई से लोगों में दिनभर हड़कंप मचा रहा और वह किसी तरह अपना मकान बचवाने में लगे रहे।
विज्ञापन
यहां आज होगी कार्रवाई
निगम की ओर से अतिक्रमण तुड़वाने की कार्रवाई लगातार की जा रही है और इसके तहत ही अब फैज बाजार में कार्रवाई कराने की बात कही जा रही है। जहां लगभग 500 दुकानें बनी हुई हैं और वहां अधिकतर दुकानों के बाहर पक्का अतिक्रमण किया गया है। वहां किसी ने दुकान के बाहर सीढ़ी बनाई हुई है तो किसी ने सामान रखने के लिए चबूतरा बना लिया है। इस तरह वहां अतिक्रमण ज्यादा होने पर ही निगम ने अपने निशाने पर उस बाजार को रखा है और वहां कार्रवाई की जाएगी।
कच्चे क्वार्टर मार्केट वाले वादे पर नहीं टिके
कच्चे क्वार्टर मार्केट के व्यापारियों ने मंत्री कविता जैन के दरबार में अतिक्रमण हटाने के मामले को लेकर निगम अधिकारियों के सामने कहा था कि वह अतिक्रमण नहीं करेंगे और वहां गंदगी भी नहीं होने देंगे, लेकिन वहां के व्यापारी एक ही दिन में अपने वादे से मुकर गए। बाजार में गंदगी फैली रही। उसको उठवाया भी नहीं गया। यह केवल इसलिए कहा गया था, क्योंकि निगम अधिकारियों ने वहां कूड़ा उठाने वाली गाड़ी भी नहीं पहुंच पाने की बात कही थी। इस पर कूड़ा खुद उठवाने के लिए कहा गया था। उसके बाद कच्चे क्वार्टर मार्केट के व्यापारी अपनी ही बात पर कायम नहीं रह सके।
विज्ञापन
वाहनों को निकलने में होती है परेशानी
नगर निगम व प्रशासन की ओर से शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया हुआ है। व्यापारियों ने सड़कों पर अपनी दुकानों को आगे बढ़ाकर पक्का निर्माण कर लिया है। उसके बाद भी सड़क पर सामान रखा जाता है, जिससे सड़क पर निकलने का रास्ता भी नहीं रहता। वहां से वाहनों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इस तरह पूरे शहर में हालात खराब हैं और हर सड़क व गली में अतिक्रमण बढ़ गया है। जमालपुरा की गली में लगभग 100 दुकानों व मकानों के आगे रैंप, चबूतरे, सीढ़ियां बना दी गईं, जिससे गली ओर ज्यादा छोटी हो गई और वहां से निकलने में परेशानी होने लगी। उसको देखते हुए ही नगर निगम ने रविवार को छुट्टी के दिन भी वहां अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। वहां पहले जेसीबी लेकर पहुंचे, लेकिन रास्ते में अतिक्रमण होने के कारण वहां जेसीबी नहीं जा सकी। इसके बाद निगम अधिकारियों ने अतिक्रमण तोड़ने के लिए मजदूरों को हथोड़े लेकर बुलाया और उसके बाद अतिक्रमण तुड़वाना शुरू किया गया। वहां रास्ते में जिस किसी ने पक्का अतिक्रमण किया हुआ था, उन सभी को तोड़ दिया गया।
विज्ञापन
लोगों ने किया विरोध
लोगों ने वहां विरोध भी किया, जिनका कहना था कि निगम की ओर से पहले ना कोई नोटिस दिया गया और ना कोई सूचना दी गई। इस तरह सीधे तोड़फोड़ शुरू कर दी गई है। वहां रहने वाले दिनेश, कमल, संदीप ने कहा कि निगम की ओर से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया है, जबकि निगम के एक्सईएन अशोक मलिक ने कहा कि पूरे शहर में नोटिस देकर कह दिया गया कि लोग अपने अतिक्रमण खुद तोड़ ले, नहीं तो निगम उनको जेसीबी से तुड़वा देगा। वहीं इस कार्रवाई से लोगों में दिनभर हड़कंप मचा रहा और वह किसी तरह अपना मकान बचवाने में लगे रहे।
विज्ञापन
यहां आज होगी कार्रवाई
निगम की ओर से अतिक्रमण तुड़वाने की कार्रवाई लगातार की जा रही है और इसके तहत ही अब फैज बाजार में कार्रवाई कराने की बात कही जा रही है। जहां लगभग 500 दुकानें बनी हुई हैं और वहां अधिकतर दुकानों के बाहर पक्का अतिक्रमण किया गया है। वहां किसी ने दुकान के बाहर सीढ़ी बनाई हुई है तो किसी ने सामान रखने के लिए चबूतरा बना लिया है। इस तरह वहां अतिक्रमण ज्यादा होने पर ही निगम ने अपने निशाने पर उस बाजार को रखा है और वहां कार्रवाई की जाएगी।
कच्चे क्वार्टर मार्केट वाले वादे पर नहीं टिके
कच्चे क्वार्टर मार्केट के व्यापारियों ने मंत्री कविता जैन के दरबार में अतिक्रमण हटाने के मामले को लेकर निगम अधिकारियों के सामने कहा था कि वह अतिक्रमण नहीं करेंगे और वहां गंदगी भी नहीं होने देंगे, लेकिन वहां के व्यापारी एक ही दिन में अपने वादे से मुकर गए। बाजार में गंदगी फैली रही। उसको उठवाया भी नहीं गया। यह केवल इसलिए कहा गया था, क्योंकि निगम अधिकारियों ने वहां कूड़ा उठाने वाली गाड़ी भी नहीं पहुंच पाने की बात कही थी। इस पर कूड़ा खुद उठवाने के लिए कहा गया था। उसके बाद कच्चे क्वार्टर मार्केट के व्यापारी अपनी ही बात पर कायम नहीं रह सके।