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Sonipat News: भीषण गर्मी में बढ़ रहे चर्म रोगी, रोजाना 250 से ज्यादा पहुंच रहे
Thu, 06 Jun 2024 06:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 06 Jun 2024 06:06 AM IST
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सोनीपत। भीषण गर्मी में चर्म रोगियों की संख्या बढ़ रही है। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना खुजली और फंगस इंफेक्शन के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। हालत ये है कि अस्पताल में चर्म रोग से जुड़े रोजाना 250 से ज्यादा रोगी आ रहे हैं।
अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना है। भीषण गर्मी में पसीना आ रहा है तो उमस से फंगल इंफेक्शन की समस्या पनप रही है। शरीर में छोटे-छोटे लाल रंग के चकते पड़ रहे हैं। बच्चों के शरीर में भी लाल दाने निकल रहे हैं। मरीज परेशानी की वजह से चिड़चिड़ा हो जाते हैं। जिला नागरिक अस्पताल में दाद, खाज, फंगल इंफेक्शन, त्वचा पर एलर्जी जैसी समस्या लेकर मरीज आ रहे हैं। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश सिंघल ने बताया कि धूप में निकलने पर एलर्जी होती है। शरीर पर लाल दाने के साथ कई को खुजली की दिक्कत हो रही है। ऐसे में मरीज सीधे चिकित्सक को दिखाने के बजाय बाजार में सस्ते सुलभ मिलने वाली दवाएं लेता है। इससे उसे खुजली में तो आराम मिलता है, लेकिन फंगस की समस्या बढ़ती जाती है।
जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सक बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं। त्वचा रोग के मरीज की किसी भी तरह की वस्तु का प्रयोग न करें। तापमान में जैसे जैसे बढ़ोतरी हो रही वैसे ही सूर्य से होने वाली एलर्जी (फोटोडर्माटाइटिस) में चेहरा लाल हो जाता है। इसके अलावा शरीर पर लाल रंग के दाने निकल जाते है। इसमें बार-बार खारिश होती है।
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फंगल इंफेक्शन के बचाव के उपाय
- गर्मी में धूप से बचाव करें, खानपान पर ध्यान दें।
- बाजार की तली हुई और तेल से निर्मित चीजों से बचें।
- नमी या आर्द्रता में रहने से बचें।
- गीले व सीलन वाले कपड़े ना पहनें।
- पसीने सोख लेने वाले कपड़े या सूती कपड़े पहनें
- परिवार में एक से अधिक सदस्यों को फंगल इंफेक्शन हाेने पर सभी अवश्य उपचार लें।
अस्पताल में रोजाना 250 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों को उपचार के साथ गर्मी में एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। चर्म रोगियों को बीमारी में स्वयं घरेलू उपचार करने के बजाय चिकित्सक से सलाह लेकर उपचार कराना चाहिए।
- डॉ. राजेश सिंघल, चर्म रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल
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अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना है। भीषण गर्मी में पसीना आ रहा है तो उमस से फंगल इंफेक्शन की समस्या पनप रही है। शरीर में छोटे-छोटे लाल रंग के चकते पड़ रहे हैं। बच्चों के शरीर में भी लाल दाने निकल रहे हैं। मरीज परेशानी की वजह से चिड़चिड़ा हो जाते हैं। जिला नागरिक अस्पताल में दाद, खाज, फंगल इंफेक्शन, त्वचा पर एलर्जी जैसी समस्या लेकर मरीज आ रहे हैं। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश सिंघल ने बताया कि धूप में निकलने पर एलर्जी होती है। शरीर पर लाल दाने के साथ कई को खुजली की दिक्कत हो रही है। ऐसे में मरीज सीधे चिकित्सक को दिखाने के बजाय बाजार में सस्ते सुलभ मिलने वाली दवाएं लेता है। इससे उसे खुजली में तो आराम मिलता है, लेकिन फंगस की समस्या बढ़ती जाती है।
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जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सक बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं। त्वचा रोग के मरीज की किसी भी तरह की वस्तु का प्रयोग न करें। तापमान में जैसे जैसे बढ़ोतरी हो रही वैसे ही सूर्य से होने वाली एलर्जी (फोटोडर्माटाइटिस) में चेहरा लाल हो जाता है। इसके अलावा शरीर पर लाल रंग के दाने निकल जाते है। इसमें बार-बार खारिश होती है।
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फंगल इंफेक्शन के बचाव के उपाय
- गर्मी में धूप से बचाव करें, खानपान पर ध्यान दें।
- बाजार की तली हुई और तेल से निर्मित चीजों से बचें।
- नमी या आर्द्रता में रहने से बचें।
- गीले व सीलन वाले कपड़े ना पहनें।
- पसीने सोख लेने वाले कपड़े या सूती कपड़े पहनें
- परिवार में एक से अधिक सदस्यों को फंगल इंफेक्शन हाेने पर सभी अवश्य उपचार लें।
अस्पताल में रोजाना 250 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों को उपचार के साथ गर्मी में एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। चर्म रोगियों को बीमारी में स्वयं घरेलू उपचार करने के बजाय चिकित्सक से सलाह लेकर उपचार कराना चाहिए।
- डॉ. राजेश सिंघल, चर्म रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल