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एसआईटी ने योगेंद्र यादव से डेढ़ घंटे तक की पूछताछ, बोले मैं गवाह बनने को तैयार

Wed, 12 May 2021 12:16 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 12 May 2021 12:16 AM IST
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SIT questioned Yogendra Yadav for one and a half hours, said I am ready to be a witness
किसान आंदोलन में शामिल होने आई बंगाल की युवती से दुष्कर्म के मामले में एसआईटी ने स्वराज इंडिया के संयोजक व संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य योगेंद्र यादव से मंगलवार को डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। पुलिस ने पहले योगेंद्र यादव की पूरी बात सुनी, उसके बाद योगेंद्र यादव ने पुलिस के सवालों के जवाब दिए। योगेंद्र ने मामले में गवाह बनने की सहमति दी।
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बंगाल की युवती से दुष्कर्म के मामले में गठित एसआईटी ने योगेंद्र यादव को सोमवार शाम को नोटिस भेजा था। जिसके मिलने पर मंगलवार को वे बहादुरगढ़ पहुंचे, जहां डीएसपी के साथ ही एसएचओ भी मौजूद रहे। वहां पुलिस ने सबसे पहले योगेंद्र यादव से कहा कि इस मामले में वह जितना भी जानते हैं बता दें। जिस पर उन्होंने पुलिस को बताया कि वह 24 अप्रैल से पहले उस युवती या आरोपियों के बारे में नहीं जानते थे। 24 अप्रैल की रात को पहली बार उनकी युवती से बात हुई, जब उसके बीमार होने का पता चला और वह युवक उसे बंगाल उसके घर लेकर जाने की बात कह रहे थे। उन्होंने तुरंत ही युवती की लोकेशन मंगवाई तो वह हांसी के पास मिली। इस पर उन्होंने उनको वापस टीकरी बॉर्डर पहुंचने के लिए कह दिया। उसके बाद उनको 25 अप्रैल को पता चला कि ट्रेन में युवती के साथ छेड़छाड़ हुई थी। लेकिन उस समय युवती की हालत को देखते हुए उपचार कराना जरूरी था। उसे अस्पताल में भर्ती करके उसके पिता को बुलाया गया। जिसके बाद उसके पिता आ गए तो 2 मई को किसान मोर्चा को पता चला कि युवती के साथ दुष्कर्म हुआ है।
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इसके बाद पुलिस ने योगेंद्र यादव से पूछा कि 24 अप्रैल को जब युवक उस युवती को अपने साथ लेकर गए थे तो उसी समय पुलिस को क्यों नहीं बताया। जिसका जवाब देते हुए योगेंद्र ने कहा कि उन्होंने उनको वापस आने के लिए कह दिया था और लाइव लोकेशन पर वह चेक भी कर रहे थे। अगर वह वापस नहीं आते तो पुलिस को जरूर बताते। उसके बाद युवती का उपचार कराना प्राथमिकता था तो इसलिए नहीं बताया गया। पुलिस ने उनसे यह भी पूछा कि 2 मई को युवती के साथ दुष्कर्म का पता चलने के बाद उन्होंने पुलिस को क्यों नहीं बताया। जिस पर योगेंद्र यादव ने जवाब दिया कि तब युवती के पिता वहां आ चुके थे और उनको साफ कहा गया था कि उनको ही कार्रवाई करनी चाहिए। वह इसका ही इंतजार कर रहे थे कि पिता की तरफ से कार्रवाई की जाए। लेकिन वह इस असमंजस में थे कि इससे किसान आंदोलन को नुकसान हो सकता है। उनको विश्वास दिलाया गया कि इससे किसान आंदोलन को नुकसान नहीं होगा और उनको कार्रवाई करनी चाहिए। तब उन्होंने पुलिस में शिकायत दी। योगेंद्र यादव ने बताया कि पुलिस ने उनसे पूछा कि क्या वह गवाह बनने को तैयार हैं तो वह गवाह बनने के लिए तैयार हो गए।
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