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Sonipat News: सर छोटू राम स्टेडियम उपेक्षा का शिकार
Fri, 28 Aug 2026 07:15 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 28 Aug 2026 07:15 PM IST
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स्टेडियम में देखरेख के अभाव में पड़ी ओपन जिम की मशीनें। संवाद
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खरखौदा। शहर का एकमात्र सर छोटू राम खेल स्टेडियम वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। नगर पालिका के अधीन होने के बावजूद इसका रखरखाव ठीक से नहीं हो रहा है। इससे खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्टेडियम परिसर में लगी ओपन जिम के लगभग सभी उपकरण टूट चुके हैं। इनसे खिलाड़ियों और युवाओं के घायल होने का खतरा बना रहता है। पूरे परिसर में झाड़ियां उग आई हैं, जिससे खेल मैदान जंगल जैसा दिखता है। ट्रैक और मैदान की नियमित देखभाल नहीं होने से अभ्यास प्रभावित हो रहा है।
खिलाड़ी अशोक, मनोज और रोहित आदि ने सुविधाओं के अभाव पर चिंता जताई। उनका कहना है कि स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का उचित माहौल नहीं मिल पा रहा है। यदि समय रहते स्टेडियम की स्थिति सुधारी जाए, तो युवा बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। शहरवासियों ने भी रखरखाव के लिए स्थायी व्यवस्था न होने की बात कही।
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बीते वर्ष मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये की घोषणा की थी। इस घोषणा से स्टेडियम की बदहाली के बीच उम्मीद जगी थी। हालांकि, घोषणा के बाद भी धरातल पर कार्य शुरू नहीं हो सका है। खिलाड़ी और अभिभावक चाहते हैं कि घोषित राशि से जल्द विकास कार्य शुरू हों। वे स्टेडियम को आधुनिक सुविधाओं से लैस देखना चाहते हैं।
इंसेट
बदहाल सुविधाओं का अंबार
ओपन जिम के उपकरण काफी समय से खराब हैं, पर उन्हें ठीक नहीं कराया गया। स्टेडियम बनने के बाद से इसकी नियमित सफाई भी नहीं होती है। टूटी हुई सुविधाओं की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह बदहाली खिलाड़ियों के लिए बड़ी बाधा बन गई है।
वर्जन
खेल स्टेडियम में होने वाले कार्यों की योजना बनाई जा चुकी है। साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जल्द किसी कंपनी को स्टेडियम की हालत सुधारने का ठेका दिया जाएगा। -मनीष रेढू, सचिव, नपा खरखौदा,
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स्टेडियम परिसर में लगी ओपन जिम के लगभग सभी उपकरण टूट चुके हैं। इनसे खिलाड़ियों और युवाओं के घायल होने का खतरा बना रहता है। पूरे परिसर में झाड़ियां उग आई हैं, जिससे खेल मैदान जंगल जैसा दिखता है। ट्रैक और मैदान की नियमित देखभाल नहीं होने से अभ्यास प्रभावित हो रहा है।
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खिलाड़ी अशोक, मनोज और रोहित आदि ने सुविधाओं के अभाव पर चिंता जताई। उनका कहना है कि स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का उचित माहौल नहीं मिल पा रहा है। यदि समय रहते स्टेडियम की स्थिति सुधारी जाए, तो युवा बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। शहरवासियों ने भी रखरखाव के लिए स्थायी व्यवस्था न होने की बात कही।
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बीते वर्ष मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये की घोषणा की थी। इस घोषणा से स्टेडियम की बदहाली के बीच उम्मीद जगी थी। हालांकि, घोषणा के बाद भी धरातल पर कार्य शुरू नहीं हो सका है। खिलाड़ी और अभिभावक चाहते हैं कि घोषित राशि से जल्द विकास कार्य शुरू हों। वे स्टेडियम को आधुनिक सुविधाओं से लैस देखना चाहते हैं।
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बदहाल सुविधाओं का अंबार
ओपन जिम के उपकरण काफी समय से खराब हैं, पर उन्हें ठीक नहीं कराया गया। स्टेडियम बनने के बाद से इसकी नियमित सफाई भी नहीं होती है। टूटी हुई सुविधाओं की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह बदहाली खिलाड़ियों के लिए बड़ी बाधा बन गई है।
वर्जन
खेल स्टेडियम में होने वाले कार्यों की योजना बनाई जा चुकी है। साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जल्द किसी कंपनी को स्टेडियम की हालत सुधारने का ठेका दिया जाएगा। -मनीष रेढू, सचिव, नपा खरखौदा,

स्टेडियम में देखरेख के अभाव में पड़ी ओपन जिम की मशीनें। संवाद