{"_id":"65ad6a74b43d47f56408bf64","slug":"shree-ram-shaurya-and-chants-of-jai-shri-ram-echoed-in-the-utsav-yatra-the-city-became-filled-with-ram-sonipat-news-c-197-1-snp1002-12742-2024-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: श्रीराम शौर्य एवं उत्सव यात्रा में गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, राममय हुआ शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: श्रीराम शौर्य एवं उत्सव यात्रा में गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, राममय हुआ शहर
Mon, 22 Jan 2024 12:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 22 Jan 2024 12:33 AM IST
विज्ञापन
श्रीराम शौर्य एवं उत्सव यात्रा में शामिल झांकी पर राम भजन गाते हनुमान स्वरूप। संवाद
सोनीपत। श्रीराम शौर्य एवं उत्सव यात्रा को लेकर रविवार को पूरा शहर राम के रंग में रंगा नजर आया। यात्रा जहां से भी गुजरी वहीं भगवान श्रीराम के जयकारों से आसमान गूंजता रहा। जगह-जगह महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग यात्रा के स्वागत के लिए घरों से बाहर निकल कर पुष्प वर्षा करते दिखाई दिए। यात्रा मार्ग को भव्य तरीके से सजाया गया था। पूरा शहर भगवा रंग में रंगा रहा। चौक-चौराहों पर झंडे लगाए गए थे। वहीं यात्रा के स्वागत के लिए 125 स्थानों पर गेट लगाए गए थे।
अयोध्या में श्रीराम की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शहर में निकाली गई श्रीराम शौर्य एवं उत्सव यात्रा का रविवार सुबह गोहाना रोड स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर से शुभारंभ किया गया। हनुमान चालीसा के पाठ के बाद पूर्व मंत्री कविता जैन व भाजपा नेता राजीव जैन ने भगवान श्रीराम की मूर्ति को सिर पर उठाकर रथ में सवार किया तो पूरा वातावरण जय सियाराम के नारों से गूंज उठा। अयोध्या में निर्मित मंदिर के प्रारूप के सामने भगवान श्रीराम की स्वामी दिव्यानंद भिक्षु, स्वामी दयानंद सरस्वती ने पूजा अर्चना की और शंखनाद किया गया। भाजपा नेता राजीव जैन ने श्रीराम शौर्य एवं उत्सव यात्रा का पुष्प वर्षा करके स्वागत करने वाली संस्थाओं का पटका पहनकर स्वागत किया और पंच मेवा का प्रसाद वितरित किया।
आकर्षण का केंद्र रहीं झांकियां
करीब छह घंटे तक चली श्रीराम शौर्य एवं उत्सव यात्रा का विभिन्न संस्थाओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया। यात्रा का प्रारंभ से समापन तक स्वागत करने वालों की क़तार लगी रही। शोभा यात्रा का नेतृत्व कर रहे घोड़े पर बैठे लवकुश की जोड़ी, एक ही रंग की पगड़ियां पहने बाइक सवार युवकों का जत्था, श्रीराम मंदिर का प्रारूप, राम परिवार, महर्षि वाल्मीकि एवं शबरी की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा में महिलाएं प्रभु श्रीराम का कीर्तन करते हुए चल रही थी।
विज्ञापन
भावी पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा : स्वामी दिव्यानंद
स्वामी दिव्यानंद ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण से सनातन धर्म का जबरदस्त जागरण होगा और भावी पीढ़ियों को राम चरित्र अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। स्वामी दयानंद सरस्वती ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए लोगों का बलिदान काम आया है। इसलिए यह शौर्य मंदिर भी है।
विज्ञापन
अयोध्या में श्रीराम की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शहर में निकाली गई श्रीराम शौर्य एवं उत्सव यात्रा का रविवार सुबह गोहाना रोड स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर से शुभारंभ किया गया। हनुमान चालीसा के पाठ के बाद पूर्व मंत्री कविता जैन व भाजपा नेता राजीव जैन ने भगवान श्रीराम की मूर्ति को सिर पर उठाकर रथ में सवार किया तो पूरा वातावरण जय सियाराम के नारों से गूंज उठा। अयोध्या में निर्मित मंदिर के प्रारूप के सामने भगवान श्रीराम की स्वामी दिव्यानंद भिक्षु, स्वामी दयानंद सरस्वती ने पूजा अर्चना की और शंखनाद किया गया। भाजपा नेता राजीव जैन ने श्रीराम शौर्य एवं उत्सव यात्रा का पुष्प वर्षा करके स्वागत करने वाली संस्थाओं का पटका पहनकर स्वागत किया और पंच मेवा का प्रसाद वितरित किया।
विज्ञापन
आकर्षण का केंद्र रहीं झांकियां
करीब छह घंटे तक चली श्रीराम शौर्य एवं उत्सव यात्रा का विभिन्न संस्थाओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया। यात्रा का प्रारंभ से समापन तक स्वागत करने वालों की क़तार लगी रही। शोभा यात्रा का नेतृत्व कर रहे घोड़े पर बैठे लवकुश की जोड़ी, एक ही रंग की पगड़ियां पहने बाइक सवार युवकों का जत्था, श्रीराम मंदिर का प्रारूप, राम परिवार, महर्षि वाल्मीकि एवं शबरी की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा में महिलाएं प्रभु श्रीराम का कीर्तन करते हुए चल रही थी।
विज्ञापन
भावी पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा : स्वामी दिव्यानंद
स्वामी दिव्यानंद ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण से सनातन धर्म का जबरदस्त जागरण होगा और भावी पीढ़ियों को राम चरित्र अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। स्वामी दयानंद सरस्वती ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए लोगों का बलिदान काम आया है। इसलिए यह शौर्य मंदिर भी है।