फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Shilpi took up hockey to take her parents' name to international stage

Haryana: माता-पिता के नाम को अंतरराष्ट्रीय फलक पर ले जाने को शिल्पी ने थामी हॉकी, सोनीपत से हुई सफर की शुरुआत

Wed, 30 Oct 2024 09:39 AM IST
नवीन दलाल रविंद्र कौशिक, सोनीपत (हरियाणा)
रविंद्र कौशिक, सोनीपत (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 30 Oct 2024 09:39 AM IST
सार

शिल्पी डबास बताती है कि उनके माता-पिता अपने समय के बेहतरीन हॉकी खिलाड़ी रहे हैं। जिनको देखकर ही उनके मन में हॉकी खेलने की ललक जगी थी। अब महिला हॉकी इंडिया लीग में खेलने का मौका मिलेगा। 

विज्ञापन
Shilpi took up hockey to take her parents' name to international stage
हॉकी खिलाड़ी शिल्पी डबास - फोटो : संवाद

विस्तार

हॉकी खिलाड़ी शिल्पी डबास माता-पिता के पदचिह्न पर चलकर हॉकी में नाम चमका रही हैं। शिल्पी महिला हॉकी इंडिया लीग में शरांची रार बंगाल टाइगर्स की तरफ से खेलेंगी। शिल्पी डबास ने छठी कक्षा से हॉकी खेलना शुरू किया था। इसके बाद कड़ी मेहनत व दृढ़ संकल्प के साथ अपनी अलग पहचान बनाई है। शिल्पी टीम में बतौर मिड फिल्डर खेलेंगी। शिल्पी को दो लाख रुपये में शरांची रार बंगाल टाइगर्स की टीम ने अपने दल में शामिल किया है।

विज्ञापन


परिवार में शुरुआत से ही खेल का वातावरण होने से शिल्पी डबास ने महज 10 साल की आयु में हॉकी स्टिक थाम ली थी। इसके बाद वर्ष 2013 में राष्ट्रीय जूनियर हॉकी प्रतियोगिता में बेहतर खेल का प्रदर्शन किया, तबसे शिल्पी ने लगातार कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी छाप छोड़ी। सीनियर राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं।
विज्ञापन


शिल्पी के पिता अनिल डबास हॉकी में अपने समय के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे हैं। अपने प्रदर्शन की बदौलत उन्हें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में नौकरी मिली थी। अनिल अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि शिल्पी की मां अनीता भी राष्ट्रीय स्तर की हॉकी खिलाड़ी रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अनिल बताते हैं कि शिल्पी में बचपन से ही हॉकी के प्रति जुनून था। शिल्पी तड़के चार बजे उठकर मैदान पर हॉकी का अभ्यास करने जाने लगी थी। शिल्पी की मां अनीता ने बताया कि बेटी ने यहां तक पहुंचने के लिए कड़ा अभ्यास किया है। शिल्पी के महिला लीग में शामिल होने से परिवार में जश्न का माहौल है।

शिल्पी की उपलब्धियां
शिल्पी ने अब तक जूनियर व सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने खेल प्रदर्शन की छाप छोड़ी है। उन्होंने वर्ष 2021 में आयोजित राष्ट्रीय जूनियर हॉकी प्रतियोगिता में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अपने नाम किया था। इसके बाद शिल्पी जूनियर भारतीय हॉकी शिविर का भी हिस्सा रही हैं।


माता-पिता व प्रशिक्षक की अहम भूमिका
शिल्पी डबास बताती है कि उनके माता-पिता अपने समय के बेहतरीन हॉकी खिलाड़ी रहे हैं। जिनको देखकर ही उनके मन में हॉकी खेलने की ललक जगी थी। उनको खेल की बारीकियां सीखने में मदद मिली, साथ ही भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान एवं द्रोणाचार्य अवार्डी प्रशिक्षक प्रीतम सिवाच ने उनके हुनर को निखारा। उनसे हॉकी के गुर सीखकर आगे बढ़ती चली गई। अब महिला हॉकी इंडिया लीग में खेलने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि लीग में ओलंपियन उदिता व महिमा चौधरी के साथ खेलना एक बेहतरीन अनुभव रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed