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गन्नौर नपा चेयरमैन का चुनाव 4 महीने पहले जीते सतप्रकाश, हाईकोर्ट में फंसा मामला तो अब संभाला कार्यभार
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नगरपालिका चेयरमैन सतप्रकाश शर्मा।
- फोटो : Sonipat
गन्नौर (सोनीपत)। गन्नौर नगरपालिका चेयरमैन का चुनाव 6 जुलाई को जीतने और हाईकोर्ट का फैसला पक्ष में आने के बाद भी सतप्रकाश शर्मा को शहरी निकाय विभाग ने नोटिफिकेशन जारी नहीं किया था। इस पर जब उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो हाईकोर्ट ने मामले के सुनवाई करते हुए सरकार को नोटिफिकेशन जारी करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार अब शहरी निकाय विभाग की तरफ से चेयरमैन पद पर नियुक्ति के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। जिसके बाद सतप्रकाश शर्मा ने विधिवत रूप से सोमवार को बतौर चेयरमैन अपना कार्यभार संभाल लिया है।
छह जुलाई को 19 में से 10 वोटों के साथ जीते चुनाव
नगरपालिका के निवर्तमान अध्यक्ष ईश्वर कश्यप के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद 6 जुलाई को हुए चेयरमैन पद के चुनाव के दौरान 19 में 10 वोटों के साथ सतप्रकाश शर्मा प्रधान पद का चुनाव जीत गए थे। लेकिन सरकार की तरफ से इस संबंध में एक माह बीत जाने के बाद भी नोटिफिकेशन जारी नहीं हो सका तो सतप्रकाश शर्मा ने 6 अगस्त को नगरपालिका एक्ट 24 (2) के अनुसार बतौर चेयरमैन कार्यभार संभाल लिया। एक्ट के अनुसार यदि 30 दिन में सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन जारी नहीं की जाती तो नवनिर्वाचित चेयरमैन नगरपालिका चेयरमैन की कमान स्वत: संभाल सकते हैं। एसी एक्ट के अनुसार उन्होंने अपना कार्यभार संभाला।
25 जुलाई को विरोधी गुट ने हाईकोर्ट में याचिका की थी दायर
इसी बीच 25 जुलाई को चेयरमैन चुनाव के लेकर विरोधी गुट के कुछ पार्षदों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। पार्षदों ने नगरपालिका चेयरमैन चुनाव में सांसद व विधायक की वोट को अवैध बताते हुए याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट द्वारा मामले का फैसला आने तक स्टे की वजह से चेयरमैन सतप्रकाश शर्मा शहर के विकास कार्य व अन्य मामलों को लेकर बैठक नहीं कर पा रहे थे और न ही कर्मचारियों का वेतन निकल रहा था। जिस वजह से गन्नौर नगरपालिका में काम सुचारू रूप से चलाने के लिए शहरी स्थानीय निकाय के निदेशक ने चेयरमैन की अनुपस्थिति में नगरपालिका के उप प्रधान द्वारा उनके कर्तव्य का निर्वहन करने के निर्देश जारी कर दिए। जिसके तहत नगरपालिका उपप्रधान सुनील लंबू ने बतौर कार्यवाहक चेयरमैन चार्ज संभाल लिया।
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एक नवंबर को हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने चुनाव में विधायक व सांसद की वोट को वैध माना और गन्नौर नगरपालिका चेयरमैन चुनाव की कार्रवाई को सही माना। लेकिन विभाग की तरफ से नोटिफिकेशन न आने का हवाला देते हुए जब नगरपालिका सचिव द्वारा जब सतप्रकाश शर्मा बतौर प्रधान कार्य नहीं लिया गया तो उन्हें इस संबंध में 5 नवंबर को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 13 नवंबर को गन्नौर नगरपालिका चेयरमैन की ज्वाइनिंग के नोटिफिकेशन जारी करने के लिए सरकार को आदेश दिए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार व शहरी निकाय विभाग ने चेयरमैन सतप्रकाश शर्मा की ज्वाइनिंग करवाने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया। सरकार व शहरी निकाय विभाग द्वारा नोटिफिकेशन जारी करने के बाद सतप्रकाश शर्मा ने सोमवार को विधिवत रूप से बतौर नगरपालिका चेयरमैन का पद संभाल ही लिया।
राजनीतिक दबाव के कारण नहीं हो रहा था नोटिफिकेशन
नगरपालिका चेयरमैन सतप्रकाश शर्मा ने कहा कि राजनीतिक दबाव के चलते नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जा रहा था। हाईकोर्ट ने फैसला आने तक नगरपालिका मे विकास कार्य व अन्य मामलों को लेकर बैठक नहीं करने के निर्देश दिए थे, लेकिन नोटिफिकेशन जारी करने पर हाईकार्ट द्वारा कोई स्टे नहीं लगाया गया था। फिर भी सरकार ने नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। जिस वजह से उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अब उन्होंने चेयरमैन का कार्यभार भी संभाल लिया है।
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छह जुलाई को 19 में से 10 वोटों के साथ जीते चुनाव
नगरपालिका के निवर्तमान अध्यक्ष ईश्वर कश्यप के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद 6 जुलाई को हुए चेयरमैन पद के चुनाव के दौरान 19 में 10 वोटों के साथ सतप्रकाश शर्मा प्रधान पद का चुनाव जीत गए थे। लेकिन सरकार की तरफ से इस संबंध में एक माह बीत जाने के बाद भी नोटिफिकेशन जारी नहीं हो सका तो सतप्रकाश शर्मा ने 6 अगस्त को नगरपालिका एक्ट 24 (2) के अनुसार बतौर चेयरमैन कार्यभार संभाल लिया। एक्ट के अनुसार यदि 30 दिन में सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन जारी नहीं की जाती तो नवनिर्वाचित चेयरमैन नगरपालिका चेयरमैन की कमान स्वत: संभाल सकते हैं। एसी एक्ट के अनुसार उन्होंने अपना कार्यभार संभाला।
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25 जुलाई को विरोधी गुट ने हाईकोर्ट में याचिका की थी दायर
इसी बीच 25 जुलाई को चेयरमैन चुनाव के लेकर विरोधी गुट के कुछ पार्षदों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। पार्षदों ने नगरपालिका चेयरमैन चुनाव में सांसद व विधायक की वोट को अवैध बताते हुए याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट द्वारा मामले का फैसला आने तक स्टे की वजह से चेयरमैन सतप्रकाश शर्मा शहर के विकास कार्य व अन्य मामलों को लेकर बैठक नहीं कर पा रहे थे और न ही कर्मचारियों का वेतन निकल रहा था। जिस वजह से गन्नौर नगरपालिका में काम सुचारू रूप से चलाने के लिए शहरी स्थानीय निकाय के निदेशक ने चेयरमैन की अनुपस्थिति में नगरपालिका के उप प्रधान द्वारा उनके कर्तव्य का निर्वहन करने के निर्देश जारी कर दिए। जिसके तहत नगरपालिका उपप्रधान सुनील लंबू ने बतौर कार्यवाहक चेयरमैन चार्ज संभाल लिया।
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एक नवंबर को हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने चुनाव में विधायक व सांसद की वोट को वैध माना और गन्नौर नगरपालिका चेयरमैन चुनाव की कार्रवाई को सही माना। लेकिन विभाग की तरफ से नोटिफिकेशन न आने का हवाला देते हुए जब नगरपालिका सचिव द्वारा जब सतप्रकाश शर्मा बतौर प्रधान कार्य नहीं लिया गया तो उन्हें इस संबंध में 5 नवंबर को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 13 नवंबर को गन्नौर नगरपालिका चेयरमैन की ज्वाइनिंग के नोटिफिकेशन जारी करने के लिए सरकार को आदेश दिए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार व शहरी निकाय विभाग ने चेयरमैन सतप्रकाश शर्मा की ज्वाइनिंग करवाने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया। सरकार व शहरी निकाय विभाग द्वारा नोटिफिकेशन जारी करने के बाद सतप्रकाश शर्मा ने सोमवार को विधिवत रूप से बतौर नगरपालिका चेयरमैन का पद संभाल ही लिया।
राजनीतिक दबाव के कारण नहीं हो रहा था नोटिफिकेशन
नगरपालिका चेयरमैन सतप्रकाश शर्मा ने कहा कि राजनीतिक दबाव के चलते नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जा रहा था। हाईकोर्ट ने फैसला आने तक नगरपालिका मे विकास कार्य व अन्य मामलों को लेकर बैठक नहीं करने के निर्देश दिए थे, लेकिन नोटिफिकेशन जारी करने पर हाईकार्ट द्वारा कोई स्टे नहीं लगाया गया था। फिर भी सरकार ने नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। जिस वजह से उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अब उन्होंने चेयरमैन का कार्यभार भी संभाल लिया है।