{"_id":"63cbba14d392f206f148e305","slug":"sarpanch-protest-in-unique-way-against-e-tendering-and-right-to-recall-in-sonipat-2023-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat: ई टेंडरिंग के विरोध में प्रदर्शन, सीएम-डिप्टी सीएम और पंचायत मंत्री को बापू के तीन बंदरों की संज्ञा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat: ई टेंडरिंग के विरोध में प्रदर्शन, सीएम-डिप्टी सीएम और पंचायत मंत्री को बापू के तीन बंदरों की संज्ञा
Sat, 21 Jan 2023 03:41 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 21 Jan 2023 03:41 PM IST
सार
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने कहा कि बापू के तीन बंदर जहां बुरा मत सुनो, बुरा मत कहो और बुरा मत देखो की सीख देते हैं। वहीं सरकार इनके विपरीत काम कर रही है। बुरा बोलती है, बुरा सुनती है और बुरा देखती है।
विज्ञापन
सोनीपत में प्रदर्शन करते सरपंच।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोनीपत में ई-टेंडरिंग और राइट टू रिकॉल के विरोध में सरपंच अनोखे तरीके अपना रहे हैं। शनिवार को सरपंच बीडीपीओ कार्यालय में धरनास्थल पर एकत्रित हुए। यहां से सभी गांधी चौक पर पहुंचे और महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ नारेबाजी की। सरपंचों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के पोस्टर लगाकर उन्हें बापू के तीन बंदरों की संज्ञा दी।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने कहा कि बापू के तीन बंदर जहां बुरा मत सुनो, बुरा मत कहो और बुरा मत देखो की सीख देते हैं। वहीं सरकार इनके विपरीत काम कर रही है। बुरा बोलती है, बुरा सुनती है और बुरा देखती है। सरपंचों ने तीनों पोस्टरों के नीचे कैप्शन भी लिखा। जिसमें मुख्यमंत्री कह रहे हैं कुछ नहीं सुनूंगा गठबंधन सरकार चलानी है। पंचायत मंत्री कह रहे हैं कि बुरा बोलूंगा तीन साल बाद मंत्रालय मिला है और उप मुख्यमंत्री के पोस्टर पर कैप्शन लिखा कि कुछ नहीं देखूंगा, मुश्किल से सरकार में हिस्सा मिला है। सरपंचों ने करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन किया और दोनों नियमों को खत्म करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक उनकी मांग पूरी नहीं करती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
विज्ञापन
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने कहा कि बापू के तीन बंदर जहां बुरा मत सुनो, बुरा मत कहो और बुरा मत देखो की सीख देते हैं। वहीं सरकार इनके विपरीत काम कर रही है। बुरा बोलती है, बुरा सुनती है और बुरा देखती है। सरपंचों ने तीनों पोस्टरों के नीचे कैप्शन भी लिखा। जिसमें मुख्यमंत्री कह रहे हैं कुछ नहीं सुनूंगा गठबंधन सरकार चलानी है। पंचायत मंत्री कह रहे हैं कि बुरा बोलूंगा तीन साल बाद मंत्रालय मिला है और उप मुख्यमंत्री के पोस्टर पर कैप्शन लिखा कि कुछ नहीं देखूंगा, मुश्किल से सरकार में हिस्सा मिला है। सरपंचों ने करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन किया और दोनों नियमों को खत्म करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक उनकी मांग पूरी नहीं करती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
विज्ञापन