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Sonipat News: सोनीपत व गन्नौर में सफाई कर्मियों ने किया झाडू प्रदर्शन
Thu, 02 Jul 2026 09:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 02 Jul 2026 09:31 PM IST
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फोटो : सोनीपत के गन्नौर में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते नगरपालिका सफाई कर्मचारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
गन्नौर। सोनीपत और गन्नौर शहर में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा, सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित इकाई शाखा के सफाई कर्मचारियों ने वीरवार को झाड़ू प्रदर्शन कर सरकार के प्रति रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से हुए समझौते के तहत लंबित मांगों के शीघ्र आदेश जारी करने की मांग की।
कर्मचारियों ने मांग की कि पैरोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को नियमित किया जाए। साथ ही हरियाणा कौशल रोजगार निगम और अन्य ठेकों पर कार्यरत तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कच्चे कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाकर उन्हें नियमित किया जाए।
उन्होंने यह भी मांग रखी कि नियमितीकरण होने तक सभी कच्चे कर्मचारियों को 30 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। इसके अलावा एक्सग्रेशिया पॉलिसी को सरल बनाकर कच्चे कर्मचारियों को भी इसका लाभ देने, छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर लेने तथा रोहतक के 42 डोर-टू-डोर और जींद के 192 ठेका कर्मचारियों की बहाली की भी मांग उठाई गई।
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कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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गन्नौर। सोनीपत और गन्नौर शहर में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा, सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित इकाई शाखा के सफाई कर्मचारियों ने वीरवार को झाड़ू प्रदर्शन कर सरकार के प्रति रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से हुए समझौते के तहत लंबित मांगों के शीघ्र आदेश जारी करने की मांग की।
कर्मचारियों ने मांग की कि पैरोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को नियमित किया जाए। साथ ही हरियाणा कौशल रोजगार निगम और अन्य ठेकों पर कार्यरत तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कच्चे कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाकर उन्हें नियमित किया जाए।
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उन्होंने यह भी मांग रखी कि नियमितीकरण होने तक सभी कच्चे कर्मचारियों को 30 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। इसके अलावा एक्सग्रेशिया पॉलिसी को सरल बनाकर कच्चे कर्मचारियों को भी इसका लाभ देने, छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर लेने तथा रोहतक के 42 डोर-टू-डोर और जींद के 192 ठेका कर्मचारियों की बहाली की भी मांग उठाई गई।
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कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।