{"_id":"58ff984a4f1c1bb365c0d90a","slug":"sai-study-centre-to-work-the-certificate-course-start","type":"story","status":"publish","title_hn":"साई में पढ़ाया जाएगा कुश्ती का पाठ, सर्टिफिकेट कोर्स होगा शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साई में पढ़ाया जाएगा कुश्ती का पाठ, सर्टिफिकेट कोर्स होगा शुरू
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
Updated Wed, 26 Apr 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब कुश्ती को केवल खेलते हुए ही नहीं देखेंगे, बल्कि कुश्ती की पढ़ाई भी सकेंगे। साई के नार्थ जोन सेंटर सोनीपत से इसकी शुरुआत होगी। ये पहली बार है कि साई के किसी सेंटर में कुश्ती की पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए कुश्ती का छह सप्ताह का स्पेशल सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जाएगा, जिसमें ट्रेनिंग के साथ ही टेकिभनक के बारे में बताया जाएगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा स्कूलों में कार्यरत पीईटी को मिलेगा जो केवल छह सप्ताह के कोर्स को करके कुश्ती के विशेषज्ञ बन जाएंगे। वह अपने यहां जाकर कुश्ती की बारीकियों के बारे में बच्चों को बता सकेंगे तो उनको नई तकनीक की जानकारी देकर आगे बढ़ा सकेंगे। यह कोर्स 16 मई से शुरू होगा।
अभी एनआईएस पटियाला में होता है डिप्लोमा
कुश्ती में अभी तक डिप्लोमा कराया जाता था, जिसके लिए स्कूल, यूनिवर्सिटी व अन्य में नेशनल चैंपियन होना जरूरी होता है। यह डिप्लोमा भी एनआईएस पटियाला में कराया जाता है, जिसको करने के लिए खिलाड़ियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। उनको एक साल तक वहां रहना पड़ता है और उनके अन्य कार्य प्रभावित होते हैं, लेकिन अब डिप्लोमा की तरह ही सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जा रहा है। इसके लिए एक साल का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि यह सर्टिफिकेट कोर्स केवल 6 सप्ताह में हो जाएगा।
इस तरह मिलेगा बड़ा फायदा
सर्टिफिकेट कोर्स को स्कूलों के पीईटी कर सकते हैं, क्योंकि वह कोर्स को करके अपने स्कूलों को बेहतरीन तकनीकों के बारे में जानकारी देंगे और उससे कुश्ती के खेल में युवा आगे बढ़ेंगे। इसमें साई सेंटर के अंदर कुश्ती के लिए सुबह से लेकर शाम तक की जरूरी चीजों के बारे में बताया जाएगा। पहलवान के खानपान से लेकर मैट पर इस्तेमाल होने वाले हर दांव, नियम, किस दांव से कितना फायदा व नुकसान होगा आदि को बताया जाएगा। यह भी माना जा रहा है कि जिस तरह से डिप्लोमा करने वालों की संख्या कम हो रही है, उसको देखते हुए सरकार भी कोच की नियुक्ति के नियम में सर्टिफिकेट कोर्स को रख सकती है, जिससे आगे चलकर कोच भी बना जा सकता है।
विज्ञापन
साई सेंटर में कुश्ती में छह सप्ताह का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जा रहा है। जिस तरह से डिप्लोमा में एक साल तक कुश्ती के बारे में हर तरह की चीजों को पढ़ाया जाता है और बताया जाता है उसी तरह इस कोर्स में सब कुछ सिखाया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि कोर्स करने वाले कुश्ती में नए बच्चों को तैयार कर सकें। इसके अलावा कोच बनने के नियमों में सरकार इस सर्टिफिकेट कोर्स को शामिल करती है तो इसका वहां भी फायदा हो सकता है।
-संजय सारस्वत, डायरेक्टर नार्थ रीजन सेंटर साई
विज्ञापन
अभी एनआईएस पटियाला में होता है डिप्लोमा
कुश्ती में अभी तक डिप्लोमा कराया जाता था, जिसके लिए स्कूल, यूनिवर्सिटी व अन्य में नेशनल चैंपियन होना जरूरी होता है। यह डिप्लोमा भी एनआईएस पटियाला में कराया जाता है, जिसको करने के लिए खिलाड़ियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। उनको एक साल तक वहां रहना पड़ता है और उनके अन्य कार्य प्रभावित होते हैं, लेकिन अब डिप्लोमा की तरह ही सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जा रहा है। इसके लिए एक साल का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि यह सर्टिफिकेट कोर्स केवल 6 सप्ताह में हो जाएगा।
विज्ञापन
इस तरह मिलेगा बड़ा फायदा
सर्टिफिकेट कोर्स को स्कूलों के पीईटी कर सकते हैं, क्योंकि वह कोर्स को करके अपने स्कूलों को बेहतरीन तकनीकों के बारे में जानकारी देंगे और उससे कुश्ती के खेल में युवा आगे बढ़ेंगे। इसमें साई सेंटर के अंदर कुश्ती के लिए सुबह से लेकर शाम तक की जरूरी चीजों के बारे में बताया जाएगा। पहलवान के खानपान से लेकर मैट पर इस्तेमाल होने वाले हर दांव, नियम, किस दांव से कितना फायदा व नुकसान होगा आदि को बताया जाएगा। यह भी माना जा रहा है कि जिस तरह से डिप्लोमा करने वालों की संख्या कम हो रही है, उसको देखते हुए सरकार भी कोच की नियुक्ति के नियम में सर्टिफिकेट कोर्स को रख सकती है, जिससे आगे चलकर कोच भी बना जा सकता है।
विज्ञापन
साई सेंटर में कुश्ती में छह सप्ताह का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जा रहा है। जिस तरह से डिप्लोमा में एक साल तक कुश्ती के बारे में हर तरह की चीजों को पढ़ाया जाता है और बताया जाता है उसी तरह इस कोर्स में सब कुछ सिखाया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि कोर्स करने वाले कुश्ती में नए बच्चों को तैयार कर सकें। इसके अलावा कोच बनने के नियमों में सरकार इस सर्टिफिकेट कोर्स को शामिल करती है तो इसका वहां भी फायदा हो सकता है।
-संजय सारस्वत, डायरेक्टर नार्थ रीजन सेंटर साई