फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Russia-Ukraine war: Students of Sonipat said that if help is not given soon they will die of hunger and thirst

यूक्रेन में बिगड़ते हालात: फोन पर परिजनों से बोले युवा- जल्द नहीं निकाला तो मर जाएंगे भूखे-प्यासे

Sun, 27 Feb 2022 01:26 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 27 Feb 2022 01:26 AM IST
सार

यूक्रेन में बिगड़ते हालातों के साथ परिजनों की चिंता बढ़ रही है। बच्चों के सकुशल लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं। छात्रा उर्वशी व रिया के परिजन अरुण कौशिक, उमेश व वीना ने प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय और रूसी दूतावास में ज्ञापन दिया। बच्चों को सकुशल वापस लाने की मांग को लेकर विभिन्न स्थानों से दिल्ली पहुंचे 100 परिजनों ने ज्ञापन सौंपे।

विज्ञापन
Russia-Ukraine war: Students of Sonipat said that if help is not given soon they will die of hunger and thirst
यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों को वापस लाने की मांग को लेकर विदेश मंत्रालय में दिए ज्ञापन की प्रति दिखाते सोनीपत निवासी अरुण कौशिक व अन्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

यूक्रेन के बिगड़ते हालातों के साथ ही परिजनों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। परिजन यूक्रेन में फंसे अपने बच्चों के सकुशल लौटने के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं। इसी बीच सोनीपत के आदर्श नगर निवासी उर्वशी और रिया के परिजन अरुण कौशिक, उमेश व वीना दिल्ली पहुंचे। जहां यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों को सुरक्षित व जल्द वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय व रूसी दूतावास में ज्ञापन दिया। वहीं फोन पर परिजनों से युवा बोले कि अगर, उन्हें यहां से जल्द नहीं निकाला तो वे भूखे-प्यासे ही मर जाएंगे। उनके पास न खाने को पर्याप्त भोजन है और न ही पीने को पानी। 

विज्ञापन


यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों के परिजनों ने बताया कि पश्चिमी शहरों से तो निकाला जा रहा है, लेकिन पूर्वी शहरों के विद्यार्थी बंकरों में छिपे हैं। बम धमाकों के बीच भय के साये में फंसे युवाओं के पास खाद्य सामग्री व पेयजल तक खत्म होने को है। बंकरों के अंदर विद्यार्थी दो डिग्री तापमान में कड़ाके की ठंड में रहने को मजबूर हैं।
विज्ञापन


परिजनों ने कहा कि अगर उन्हें निकालने के जल्द प्रयास नहीं किए गए तो वे भूख-प्यास से ही मर जाएंगे। परिजनों ने सरकार ने मांग की है कि यूक्रेन में फंसे सभी विद्यार्थियों को शीघ्र निकालने के प्रयास किए जाएं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अरुण कौशिक ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय व रूसी दूतावास पर अपने बच्चों को जल्द वापस लाने की मांग को लेकर हरियाणा के विभिन्न जिलों, पंजाब, उत्तर प्रदेश से करीब 100 परिजनों ने अलग-अलग समय में ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास व भारत सरकार की तरफ से यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों की वापसी के लिए त्वरित कदम नहीं उठाए जा रहे।

उन्होंने कहा कि भारत की तरफ से एक दिन में 500 से एक हजार विद्यार्थियों को लाने की बात कही जा रही है। ऐसे में 18 हजार विद्यार्थियों को लाने में कई दिन निकल जाएंगे। इतने समय में तो बंकरों में फंसे विद्यार्थी भूख व ठंड से मर जाएंगे। परिजनों ने कहा कि हमारी केंद्र सरकार से मांग है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन से बात करके विद्यार्थियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में अरुण कौशिक, वीना शर्मा, धर्मेंद्र सिंह हरमन, राजीव, सुनील, राहुल, राजीव सिंह शामिल रहे। उन्होंने संतोषजनक जवाब न मिलने पर विदेश मंत्रालय के बाहर धरना भी दिया। परिजनों का कहना है कि जब तब यूक्रेन में फंसे सभी विद्यार्थियों की वतन वापसी नहीं होगी, वे वहीं डटे रहेंगे।

बम के धमाकों के साथ ही दहल जाता है दिल 
आदर्श नगर निवासी उर्वशी व रिया ने अपने परिजनों से फोन पर बताया कि उन्हें बंकरों में रखा गया है। बार-बार बंकरों में ही रहने की हिदायतें दी जा रही हैं। बम धमाकों के साथ ही दिल दहल जाता है। यहां की स्थिति बेहद खराब है। हमारे पास अब तो खाने का सामान भी थोड़ा ही रह गया है। युद्ध खत्म होने के भी आसार नहीं लग रहे। बंकर में सैकड़ों युवा फंसे हुए हैं। रात के समय यहां का तापमान भी दो डिग्री तक पहुंच जाता है। सभी को भय के साये में रहना पड़ रहा है। 

छात्र शिवम पहुंचा हंगरी, जगी वतन वापसी की उम्मीद
गन्नौर। यूक्रेन में फंसा गन्नौर का छात्र शिवम अपने साथियों व अन्य विद्यार्थियों के साथ शनिवार को हंगरी पहुंच गया। राजेश शर्मा ने बताया कि 24 घंटे से शिवम के साथ संपर्क टूटा हुआ था। जिससे उसकी सुरक्षा की चिंता सता रही थी। न खाना अच्छा लग रहा था, न ही रात को नींद आ रही थी। बेटे ने मैसेज कर हंगरी पहुंचने की सूचना दी, उसके बाद ही राहत मिली।

शिवम ने बताया कि उन्हें पहले एक स्कूल में ठहराया गया था। यहां से यूनिवर्सिटी की बस में भारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजे निकाला गया। करीब साढ़े पांच घंटे का सफर तय कर बस ने शाम 5:30 बजे हंगरी बॉर्डर पार किया।

शिवम ने बताया कि जब तक बस हंगरी नहीं पहुंची, तब तक हम सभी की सांसें अटकी हुई थीं। हंगरी पहुंचने के बाद ही परिजनों से संपर्क किया। शिवम ने बताया कि बस में उनके साथ पानीपत के भी दो विद्यार्थी हैं। राजेश शर्मा ने बताया कि अब बेटे की वतन वापसी की उम्मीद जगी है। 


सभी भारतीयों को सुरक्षित लाना सरकार की जिम्मेदारी : देवेंद्र त्यागी 
सोनीपत से आम आदमी पार्टी के जिला संगठन मंत्री देवेंद्र त्यागी ने चिंता जताते हुए कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता। दोनों देशों को आपस में वार्ता करके इसका समाधान निकालना चाहिए। केंद्र एवं राज्य सरकार से आग्रह है कि यूक्रेन में फंसे सभी भारतीयों को जल्द सुरक्षित देश वापस लाया जाए। यह केंद्र व राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed