{"_id":"628a775813a9b41d7532c92e","slug":"rs-49-999-cheated-by-downloading-any-desk-app-sonipat-news-rtk64742283","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनी-डेस्क एप डाउनलोड कराकर 49,999 रुपये की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनी-डेस्क एप डाउनलोड कराकर 49,999 रुपये की ठगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राई(सोनीपत) । राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित कंपनी के कर्मचारी को झांसे में लेकर साइबर ठगों ने 49,999 रुपये की ठगी कर ली। वह अपने भाई के पास रुपये भेज रहे थे। फोन-पे पर उसके खाते से रुपये कट गए और ट्रांजेक्शन फेल का मैसेज आ गया। रुपये उसके भाई के पास नहीं पहुंचे। युवक ने गूगल से फोन-पे हेल्पलाइन का नंबर लेकर बात की तो साइबर ठगों ने उसके साथ ठगी कर ली।
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के गांव अमौली ठाकुरान के रहने वाले मनोज कुमार ने राई थाना पुलिस को बताया कि वह राई औद्योगिक क्षेत्र की ठुकरान इलेक्ट्रॉनिक्स बाइक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में काम करते हैं। वह अपने भाई सौरभ सिंह के पास 15 हजार रुपये भेज रहे थे। उन्होंने फोन-पे से रुपये ट्रांसफर कर दिए। उनके खाते से रुपये कट गए, लेकिन भाई के खाते में नहीं पहुंचे। इस दौरान ट्रांजेक्शन फेल का मैसेज आने लगा। इस पर उन्होंने गूगल से फोन-पे का हेल्पलाइन नंबर तलाश किया और उनको पूरी जानकारी दी। हेल्पलाइन नंबर पर बातचीत कर रहे युवक ने उनको एक एप भेजकर उसको डाउनलोड करने को कहा और उनके डेबिट कार्ड का नंबर ले लिया। उन्होंने एप को डाउनलोड कर लिया। वह एनी डेस्क एप था। इसी दौरान उनके खाते से 49999 रुपये और कट गए। उन्होंने हेल्पलाइन नंबर पर बात करने वाले युवक से शिकायत की तो वह किसी दूसरे खाते का नंबर और मांगने लगा। इस पर वह समझ गया कि उनके साथ ठगी हो गई है। हालांकि बाद में ट्रांजेक्शन फेल होने के बाद कटे 15 हजार रुपये उनके भाई के खाते में पहुंच गए। उसने पुलिस को शिकायत दी। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
वर्जन
ठगी से बचने का सबसे महत्वपूर्ण आधार जागरूकता है। किसी को अपने खाते की जानकारी ना दें। किसी भी प्रकार की ठगी होने तक जल्द से जल्द संबंधित थाने की साइबर हेल्प डेस्क पर संपर्क करें।
विज्ञापन
-जोगेंद्र सिंह, साइबर सेल प्रभारी, एसपी कार्यालय सोनीपत
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के गांव अमौली ठाकुरान के रहने वाले मनोज कुमार ने राई थाना पुलिस को बताया कि वह राई औद्योगिक क्षेत्र की ठुकरान इलेक्ट्रॉनिक्स बाइक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में काम करते हैं। वह अपने भाई सौरभ सिंह के पास 15 हजार रुपये भेज रहे थे। उन्होंने फोन-पे से रुपये ट्रांसफर कर दिए। उनके खाते से रुपये कट गए, लेकिन भाई के खाते में नहीं पहुंचे। इस दौरान ट्रांजेक्शन फेल का मैसेज आने लगा। इस पर उन्होंने गूगल से फोन-पे का हेल्पलाइन नंबर तलाश किया और उनको पूरी जानकारी दी। हेल्पलाइन नंबर पर बातचीत कर रहे युवक ने उनको एक एप भेजकर उसको डाउनलोड करने को कहा और उनके डेबिट कार्ड का नंबर ले लिया। उन्होंने एप को डाउनलोड कर लिया। वह एनी डेस्क एप था। इसी दौरान उनके खाते से 49999 रुपये और कट गए। उन्होंने हेल्पलाइन नंबर पर बात करने वाले युवक से शिकायत की तो वह किसी दूसरे खाते का नंबर और मांगने लगा। इस पर वह समझ गया कि उनके साथ ठगी हो गई है। हालांकि बाद में ट्रांजेक्शन फेल होने के बाद कटे 15 हजार रुपये उनके भाई के खाते में पहुंच गए। उसने पुलिस को शिकायत दी। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
वर्जन
ठगी से बचने का सबसे महत्वपूर्ण आधार जागरूकता है। किसी को अपने खाते की जानकारी ना दें। किसी भी प्रकार की ठगी होने तक जल्द से जल्द संबंधित थाने की साइबर हेल्प डेस्क पर संपर्क करें।
विज्ञापन
-जोगेंद्र सिंह, साइबर सेल प्रभारी, एसपी कार्यालय सोनीपत