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सीआरपीएफ भर्ती में फर्जीवाड़ा : पुलिस ने राजस्थान में दी दबिश, रिश्तेदारों का नहीं लग सका सुराग
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राई (सोनीपत)। सीआरपीएफ में सिपाही भर्ती होने के लिए फर्जीवाड़ा करने करने वालों के रिश्तेदारों व परिजनों के नाम सामने आने के बाद से उनकी तलाश को लगातार दबिश जारी है। पुलिस की टीम उनकी तलाश में राजस्थान तक पहुंच गई। पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी व नारनौल में दबिश दी। हालांकि पुलिस को आरोपियों का सुराग नहीं लग सका। वहीं सीआरपीएफ के भर्ती विभाग से भी पुलिस को अभी अन्य अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी नहीं मिली है।
विदित रहे कि भर्ती बोर्ड के चेयरमैन व सीआरपीएफ चंडीगढ़ के द्वितीय कमांडेंट संजय कुमार ने राई थाना पुलिस को बताया था कि ग्रुप केंद्र खेवड़ा में सीआरपीएफ सिपाही भर्ती के लिए लिखित परीक्षा के बाद फिजिकल लिए जा रहे थे। फिजिकल लेने का मंगलवार को अंतिम दिन था। इसी बीच डीआईजी (भर्ती), नई दिल्ली की तरफ से पत्र मिला कि जिन अभ्यार्थियों की बायोमीट्रिक हाजिरी मिलान नहीं कर रही है उन्हें परीक्षा से हटा दिया जाए और उनके खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया जाए। जिस पर मंगलवार को फिजिकल के लिए पहुंचे चार अभ्यर्थी ऐसे मिले जिनकी बायोमीट्रिक हाजिरी का मिलान नहीं हुआ था। राई थाना से एएसआई रवींद्र दहिया की टीम ने मौके पर पहुंचकर चरखी दादरी के गांव पंडवान के रहने वाले अनिल कुमार व गांव रानीला के रहने वाले योगेश कुमार, पानीपत के गांव जलमाना के रहने वाले सच्चेंद्र तथा भिवानी के गांव खरक खुर्द निवासी सुरेश को गिरफ्तार कर लिया था। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। उनकी नौकरी के लिए पिता, मामा, भाई व अन्य रिश्तेदारों ने परीक्षा दूसरों से दिलवाने का निर्णय लिया था। इसके लिए पूरा षड्यंत्र रचा गया। आरोपियों के इन रिश्तेदारों व परिजनों की तलाश में राई थाना पुलिस ने शुक्रवार को दबिश दी, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपियों को रिश्तेदार राजस्थान के भिवाड़ी में छिपा हुआ है। जहां पुलिस को वह नहीं मिला।
सूचना मिली थी कि आरोपियों के परिजन राजस्थान में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपे हुए हैं। इसी आशंका पर पुलिस वहां पहुंची थी। पुलिस के अनुसार एक रिश्तेदार के यहां पता चला कि आरोपी का भाई वहां से एक घंटा पहले ही निकल गया। इस पर फिलहाल पुलिस ने राजस्थान में डेरा डाला हुआ है।
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रवींद्र दहिया, जांच अधिकारी राई थाना
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विदित रहे कि भर्ती बोर्ड के चेयरमैन व सीआरपीएफ चंडीगढ़ के द्वितीय कमांडेंट संजय कुमार ने राई थाना पुलिस को बताया था कि ग्रुप केंद्र खेवड़ा में सीआरपीएफ सिपाही भर्ती के लिए लिखित परीक्षा के बाद फिजिकल लिए जा रहे थे। फिजिकल लेने का मंगलवार को अंतिम दिन था। इसी बीच डीआईजी (भर्ती), नई दिल्ली की तरफ से पत्र मिला कि जिन अभ्यार्थियों की बायोमीट्रिक हाजिरी मिलान नहीं कर रही है उन्हें परीक्षा से हटा दिया जाए और उनके खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया जाए। जिस पर मंगलवार को फिजिकल के लिए पहुंचे चार अभ्यर्थी ऐसे मिले जिनकी बायोमीट्रिक हाजिरी का मिलान नहीं हुआ था। राई थाना से एएसआई रवींद्र दहिया की टीम ने मौके पर पहुंचकर चरखी दादरी के गांव पंडवान के रहने वाले अनिल कुमार व गांव रानीला के रहने वाले योगेश कुमार, पानीपत के गांव जलमाना के रहने वाले सच्चेंद्र तथा भिवानी के गांव खरक खुर्द निवासी सुरेश को गिरफ्तार कर लिया था। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। उनकी नौकरी के लिए पिता, मामा, भाई व अन्य रिश्तेदारों ने परीक्षा दूसरों से दिलवाने का निर्णय लिया था। इसके लिए पूरा षड्यंत्र रचा गया। आरोपियों के इन रिश्तेदारों व परिजनों की तलाश में राई थाना पुलिस ने शुक्रवार को दबिश दी, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपियों को रिश्तेदार राजस्थान के भिवाड़ी में छिपा हुआ है। जहां पुलिस को वह नहीं मिला।
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सूचना मिली थी कि आरोपियों के परिजन राजस्थान में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपे हुए हैं। इसी आशंका पर पुलिस वहां पहुंची थी। पुलिस के अनुसार एक रिश्तेदार के यहां पता चला कि आरोपी का भाई वहां से एक घंटा पहले ही निकल गया। इस पर फिलहाल पुलिस ने राजस्थान में डेरा डाला हुआ है।
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रवींद्र दहिया, जांच अधिकारी राई थाना