फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   roof rail down, rmp doctor and his wife dead

मकान की छत गिरने से मलबे में दबकर आरएमपी डाक्टर व पत्नी की मौत

Sun, 06 Sep 2020 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2020 11:39 PM IST
विज्ञापन
roof rail down, rmp doctor and his wife dead
गांव फरमाणा में मकान की छत गिरने के बाद पड़ा मलबा। - फोटो : Sonipat
खरखौदा। गांव फरमाणा में शनिवार देर रात को दो मंजिला मकान गिरने से निचले हिस्से में सो रहे आरएमपी डॉक्टर और उनकी पत्नी की मलबे में दबकर मौत हो गई। पुलिस ने पीजीआई रोहतक में शवों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
विज्ञापन

रोहतक के गांव बलियाना निवासी डॉ. रघुवीर (60) आरएमपी डॉक्टर थे और गांव रिढाऊ में क्लीनिक चलाते थे। पहले वह रोजाना बलियाणा से रिढाऊ आते थे। लेकिन लॉकडाउन में जब लोगों को घरों से बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी तो उन्होंने अपने परिचित गांव फरमाणा निवासी पवन से संपर्क किया और उनके खाली पड़े मकान में पत्नी कृष्णा (58) के साथ आकर रहने लगे। पवन ने 2003 में गांव फरमाणा में मकान बनवाया था। पवन फिलहाल अपने परिवार के साथ रोहतक में रहते हैं।
विज्ञापन

लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी डॉक्टर रघुवीर इसी मकान में रह रहे थे। शनिवार को वह अपनी पत्नी कृष्णा के साथ मकान के निचले हिस्से में बने कमरे में सो रहे थे। देर रात मकान का ऊपर का हिस्सा भरभरा कर ढह गया। चौबारा का कमरा गिरने के चलते नीचे के कमरे की छत भी ढह गई। जिसके नीचे डॉक्टर व उनकी पत्नी दब गए। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग बाहर की तरफ दौड़े और मलबा हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। काफी मशक्कत के बाद दंपती को बाहर निकाला गया। जिसके बाद उन्हें पीजीआई रोहतक ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

डाट की बनी थी चौबारे की छत
बताया गया है कि मकान में चौबारे की छत डाट (ईंट में जोड़कर) बनाई गई थी। अंदेशा है कि डाट की छत रात को अचानक गिर गई। जिससे नीचे के कमरे की छत भी टूट गई और अंदर सो रहे दंपती की मलबे में दबकर मौत हो गई।

पहले भी सामने आए हैं मकान गिरने के मामले
खरखौदा क्षेत्र में मकान के हिस्से गिरकर पहले भी लोगों की जान जा चुकी है। वर्ष 2015 में निजामपुर माजरा में दो मंजिला मकान गिरने से बिहार के रहने वाले पांच मजदूरों समेत निजामपुर माजरा के युवक की मौत हो गई थी। वर्ष 2019 में भी पिपली गांव की तत्कालीन सरपंच गीता के पति रवींद्र की कमरा गिरने से मौत हो गई थी। वर्ष 2018 में रिढाऊ में मकान की छत गिरी और इस वर्ष अगस्त माह में खांडा में सतीश का मकान गिर था और एक दिन बाद पुराना शहर में मकान की दीवार गिर गई थी। 18 सितंबर 2017 खरखौदा सिगलीकर बस्ती में नफे मकान गिर गया था।
वर्जन
गांव फरमाणा में छत गिरने से मलबे के नीचे दबकर आरएमपी चिकित्सक व उनकी पत्नी की मौत हो गई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के हवाले कर दिए।
-बिजेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, खरखौदा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed