{"_id":"69e6182f0541b2d36c01cf30","slug":"resentment-over-delay-in-teachers-salary-hike-demand-for-immediate-payment-decruta-sonipat-news-c-197-1-snp1007-152719-2026-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षकों के वेतन वृद्धि में देरी पर नाराजगी, तत्काल भुगतान की मांग : डीक्रूटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षकों के वेतन वृद्धि में देरी पर नाराजगी, तत्काल भुगतान की मांग : डीक्रूटा
Tue, 21 Apr 2026 02:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 21 Apr 2026 02:41 AM IST
विज्ञापन
सोनीपत। दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल में डीक्रूटा ने आरोप लगाया कि शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि में प्रशासन जानबूझ कर देरी कर रहा है। इंक्रीमेंट में देरी को लेकर शिक्षकों में गहरी नाराजगी है। जनवरी 2026 से देय इंक्रीमेंट तीन माह से अधिक समय बीतने के बावजूद अब तक जारी नहीं किया गया है।
डीसीआरयूएसटी टीचर्स एसोसिएशन डीक्रूटा ने कहा कि टीचरों की वार्षिक वेतन वृद्धि में देरी न केवल अनुचित है बल्कि यह एक नियमित समस्या बनती जा रही है जिससे शिक्षकों में असंतोष और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. अजय कुमार ने कहा कि विवि में पूर्ण रूप से अव्यवस्था फैली हुई है।
कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि एक रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा है लेकिन वार्षिक वेतन वृद्धि जो शिक्षकों का अधिकार है इसे बिना किसी ठोस कारण के रोके रखना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। इससे शिक्षकों के मनोबल और उनके आर्थिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
विज्ञापन
एसोसिएशन ने कुलपति से मांग की है कि लंबित इंक्रीमेंट को बिना किसी और देरी के तुरंत जारी किया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने और सभी देयों के समयबद्ध भुगतान के लिए एक पारदर्शी प्रणाली लागू करने की भी मांग की गई है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए वे आगे उचित कदम उठाने को बाध्य होंगे।
विज्ञापन
डीसीआरयूएसटी टीचर्स एसोसिएशन डीक्रूटा ने कहा कि टीचरों की वार्षिक वेतन वृद्धि में देरी न केवल अनुचित है बल्कि यह एक नियमित समस्या बनती जा रही है जिससे शिक्षकों में असंतोष और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. अजय कुमार ने कहा कि विवि में पूर्ण रूप से अव्यवस्था फैली हुई है।
विज्ञापन
कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि एक रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा है लेकिन वार्षिक वेतन वृद्धि जो शिक्षकों का अधिकार है इसे बिना किसी ठोस कारण के रोके रखना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। इससे शिक्षकों के मनोबल और उनके आर्थिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
विज्ञापन
एसोसिएशन ने कुलपति से मांग की है कि लंबित इंक्रीमेंट को बिना किसी और देरी के तुरंत जारी किया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने और सभी देयों के समयबद्ध भुगतान के लिए एक पारदर्शी प्रणाली लागू करने की भी मांग की गई है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए वे आगे उचित कदम उठाने को बाध्य होंगे।