{"_id":"67312b23ae5d771ced027414","slug":"relief-100-metric-tons-of-dap-fertilizer-reached-farmers-sonipat-news-c-197-1-snp1008-127500-2024-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत : किसानों के लिए पहुंची 100 मीट्रिक टन डीएपी खाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत : किसानों के लिए पहुंची 100 मीट्रिक टन डीएपी खाद
Mon, 11 Nov 2024 03:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 11 Nov 2024 03:22 AM IST
विज्ञापन
सोनीपत। जिला के किसानों को डीएपी खाद को लेकर परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। सोनीपत में शनिवार को करीब 80 मीट्रिक टन (एमटी) डीएपी आने के बाद रविवार को भी 100 एमटी खाद पहुंची है। इसे सोनीपत, गोहाना, खरखौदा व गन्नौर क्षेत्र के किसानों में वितरित किया जाएगा। कृषि अधिकारियों ने कहा कि सोमवार को गोहाना में भी डीएपी का बड़ा रैक पहुंचने की उम्मीद है। गोहाना में 1100 एमटी डीएपी खाद का रैक लग सकता है। इससे किसानों को राहत मिलेगी।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि गेहूं बिजाई की प्रक्रिया तेज हो गई है। यह दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक जारी रहेगी। जिला के कई क्षेत्रों में किसानों को खाद की किल्लत झेलनी पड़ रही थी। कृषि विभाग जिला में डीएपी खाद की कमी को दूर करने के लिए सजग है। रविवार को भी जिला में 100 एमटी डीएपी खाद पहुंची है। अब तक कुल 10829 एमटी डीएपी खाद पहुंच चुकी है। जिला में मांग के अनुसार करीब 2500 से 3000 एमटी खाद की कमी है। सोमवार को गोहाना में 1100 से 1200 डीएपी खाद पहुंच सकती है। इसके बाद खाद की किल्लत नहीं रहेगी। सप्ताहभर में और भी डीएपी खाद मंगवाई जा सकती है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वह जरूरत अनुसार ही डीएपी खाद खरीदें।
विज्ञापन
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि गेहूं बिजाई की प्रक्रिया तेज हो गई है। यह दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक जारी रहेगी। जिला के कई क्षेत्रों में किसानों को खाद की किल्लत झेलनी पड़ रही थी। कृषि विभाग जिला में डीएपी खाद की कमी को दूर करने के लिए सजग है। रविवार को भी जिला में 100 एमटी डीएपी खाद पहुंची है। अब तक कुल 10829 एमटी डीएपी खाद पहुंच चुकी है। जिला में मांग के अनुसार करीब 2500 से 3000 एमटी खाद की कमी है। सोमवार को गोहाना में 1100 से 1200 डीएपी खाद पहुंच सकती है। इसके बाद खाद की किल्लत नहीं रहेगी। सप्ताहभर में और भी डीएपी खाद मंगवाई जा सकती है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वह जरूरत अनुसार ही डीएपी खाद खरीदें।
विज्ञापन