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बुटाना में पुलिस कर्मियों की हत्यारोपियों से थाने में सामूहिक दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज, तीन नामजद समेत अन्य अज्ञात
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सोनीपत। बुटाना क्षेत्र में सिपाही और एसपीओ की हत्या के मामले में नामजद हुई युवतियों के साथ पुलिस कस्टडी में सामूहिक दुष्कर्म किए जाने के आरोप लगे हैं। युवती की मां ने इसे लेकर महिला आयोग को शिकायत दी थी। जिस पर करीब डेढ़ माह पहले ही सामूहिक दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में न्याय की मांग को लेकर युवती के परिजन व सामाजिक संगठन धरना दे चुके हैं। मामले पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज करने के बाद कोर्ट के निर्देश पर कराए मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। उसके बावजूद पुलिस ने नामजद पुलिस कर्मियों को जांच में शामिल किया है। पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी।
गांव बुटाना के पास रात को गश्त के दौरान सिपाही व एसपीओ की तेजधार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी। मामले में दो लड़कियों का भी नाम सामने आया था। जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लड़कियों में एक की मां ने महिला आयोग को शिकायत दी थी कि वह बेटी की गिरफ्तारी के बाद जेल में उससे मिली तो उसने 10-12 पुलिस कर्मियों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म करने की बात उसे कही थी। उसकी बेटी ने इस बारे में करनाल जेल में डॉक्टर को भी बताया था। महिला की शिकायत के बाद सोनीपत पुलिस ने 30 जुलाई को सामूहिक दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले को लेकर विभिन्न संगठनों ने वीरवार को धरना दिया था। शुक्रवार को लड़की की मां के बयान पर दर्ज एफआईआर वायरल हो गई। मामले में पुलिस जांच कराने की बात कह रही है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान पर मुकदमा दर्ज किया था, जिसकी सच्चाई का पता लगाया जा रहा है।
मेडिकल में नहीं हुई दुष्कर्म की पुष्टि
पुलिस का दावा है कि मुकदमा दर्ज करने के बाद कोर्ट के निर्देश पर चिकित्सकों के बोर्ड से मेडिकल कराया था। जिसमें किसी तरह के ऐसे तथ्य सामने नहीं आए। जिससे दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हो सकी है। साथ ही कहा जा रहा है कि रिमांड व पुलिस कस्टडी के दौरान हर समय महिला पुलिस कर्मी युवतियों के साथ थी। साथ ही युवतियों ने न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के दौरान कोर्ट में कोई शिकायत नहीं दी थी।
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कोर्ट भी खारिज कर चुका है याचिका
पुलिस का कहना है कि लड़कियों के परिजनों की तरफ से मामले को लेकर गोहाना कोर्ट में याचिका भी लगाई थी। जिसे कोर्ट भी खारिज कर चुका है। हालांकि कोर्ट के आदेश मिलने के बाद चिकित्सकों के बोर्ड से कराए मेडिकल में भी कोई तथ्य सामने नहीं आए।
पांच पुलिस कर्मियों को किया जांच में शामिल
हत्या के मामले में नामजद लड़की की मां की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें कोर्ट के आदेश पर चिकित्सकों के बोर्ड से मेडिकल कराया, जिसमें कोई तथ्य सामने नहीं आया। कोर्ट भी उनकी याचिका को खारिज कर चुका है। उसके बावजूद पुलिस ने मामले में जिन पांच पुलिस कर्मियों के नाम आए हैं उन्हें जांच में शामिल कर लिया है। मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है।
- डॉ. रवींद्र कुमार, डीएसपी सिटी।
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गांव बुटाना के पास रात को गश्त के दौरान सिपाही व एसपीओ की तेजधार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी। मामले में दो लड़कियों का भी नाम सामने आया था। जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लड़कियों में एक की मां ने महिला आयोग को शिकायत दी थी कि वह बेटी की गिरफ्तारी के बाद जेल में उससे मिली तो उसने 10-12 पुलिस कर्मियों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म करने की बात उसे कही थी। उसकी बेटी ने इस बारे में करनाल जेल में डॉक्टर को भी बताया था। महिला की शिकायत के बाद सोनीपत पुलिस ने 30 जुलाई को सामूहिक दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले को लेकर विभिन्न संगठनों ने वीरवार को धरना दिया था। शुक्रवार को लड़की की मां के बयान पर दर्ज एफआईआर वायरल हो गई। मामले में पुलिस जांच कराने की बात कह रही है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान पर मुकदमा दर्ज किया था, जिसकी सच्चाई का पता लगाया जा रहा है।
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मेडिकल में नहीं हुई दुष्कर्म की पुष्टि
पुलिस का दावा है कि मुकदमा दर्ज करने के बाद कोर्ट के निर्देश पर चिकित्सकों के बोर्ड से मेडिकल कराया था। जिसमें किसी तरह के ऐसे तथ्य सामने नहीं आए। जिससे दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हो सकी है। साथ ही कहा जा रहा है कि रिमांड व पुलिस कस्टडी के दौरान हर समय महिला पुलिस कर्मी युवतियों के साथ थी। साथ ही युवतियों ने न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के दौरान कोर्ट में कोई शिकायत नहीं दी थी।
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कोर्ट भी खारिज कर चुका है याचिका
पुलिस का कहना है कि लड़कियों के परिजनों की तरफ से मामले को लेकर गोहाना कोर्ट में याचिका भी लगाई थी। जिसे कोर्ट भी खारिज कर चुका है। हालांकि कोर्ट के आदेश मिलने के बाद चिकित्सकों के बोर्ड से कराए मेडिकल में भी कोई तथ्य सामने नहीं आए।
पांच पुलिस कर्मियों को किया जांच में शामिल
हत्या के मामले में नामजद लड़की की मां की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें कोर्ट के आदेश पर चिकित्सकों के बोर्ड से मेडिकल कराया, जिसमें कोई तथ्य सामने नहीं आया। कोर्ट भी उनकी याचिका को खारिज कर चुका है। उसके बावजूद पुलिस ने मामले में जिन पांच पुलिस कर्मियों के नाम आए हैं उन्हें जांच में शामिल कर लिया है। मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है।
- डॉ. रवींद्र कुमार, डीएसपी सिटी।