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45 लाख में लिया था किला, कमाएंगे 4 करोड़
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 21 Jan 2016 11:36 PM IST
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10 सालों में कई चीजें बदल गईं, जमीनों के दाम भी बढ़ गए, लेकिन क्या इतने बढ़ गए कि अधिकतम 45 लाख रुपये प्रति किला जमीन लेने के बाद उसे बेचकर 4 करोड़ रुपये के करीब कमाई की जाएगी। हरियाणा अर्बन डेवलेपमेंट अथॉरिटी (हुडा) तो ऐसा ही कर रहा है। वर्ष 2006 में राजीव गांधी एजूकेशन सिटी (आरजीईसी) के लिए जमीन अधिग्रहीत करने के बाद हुडा ने आवासीय एरिया में जो प्लॉटिंग की है, उसका रेट रिवाइज्ड कर दिया है। नई कीमत के मुताबिक अब उस जमीन की प्रति एकड़ कीमत 5 करोड़ से अधिक बनती है। जो अधिग्रहण के समय 45 लाख रुपये प्रति एकड़ थी। बता दें कि जब हुडा ने जमीन का अधिग्रहण किया था, तब भी किसानों का विरोध-प्रदर्शन झेलना पड़ा था। अब नई कीमत जारी होने के बाद बवाल मचना तय है। क्योंकि आंदोलन के प्रमुख रहे नेता और किसानों की मांग है कि सरकार उनसे डेवलेपमेंट चार्ज ले ले और प्लॉट दे दे। सरकार के दामों पर प्लॉट नहीं खरीदा जाएगा।
आंदोलन के बाद बढ़ाया था बेसिक रेट
वर्ष 2006 में हुडा ने सेक्टर 65, 66, 67, 68 के लिए 2514.52 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की थी। यह जमीन पतला, असावरपुर और सेवली गांवों की थी। नाम राजीव गांधी एजूकेशन सिटी दिया गया था। जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों को प्रति एकड़ 12.50 का मुआवजा तय किया गया था। जो रॉयलिटी और अन्य चीजें मिलाकर अधिकतम 16.68 लाख रुपये प्रति एकड़ बनता था। इस पर उस समय किसानों ने संगठित होकर आंदोलन कर दिया था। इसके बाद सरकार ने बेसिक रेट 25 लाख रुपये कर दिया था, जोकि अन्य फायदों के साथ अधिकतम 45 लाख रुपये हो गया था।
पहले था 9850 का रेट अब संभावित कीमत की जारी
हुडा ने अपने इस एजूकेशनल सेक्टर में 1400 के करीब रेजीडेंशियल प्लॉटों की प्लानिंग तैयार की है। इन प्लॉटों के लिए पहले 9,850 रुपये प्रति वर्ग मीटर की कीमत तय की गई थी। बुधवार को ही हुडा मुख्यालय की ओर से 13,500 रुपये प्रति वर्गमीटर संभावित कीमत जारी की है। बताया जा रहा है कि फाइनल दाम इससे अधिक ही होगा, कम नहीं।
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ऐसे समझें 5 करोड़ रुपये का मामला
हुडा ने एक एकड़ जमीन 45 लाख रुपये में खरीदी थी। 1 एकड़ जमीन में 4046 मीटर होते हैं। अब हुडा इस जमीन को 13,500 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर बेचेगा। मतलब यह है कि एक एकड़ जमीन हुडा कुल 5 करोड़, 46 लाख 21 हजार रुपये में बेचेगा। हालांकि इस जमीन मेें सड़क भी बनाई जाएगी, पार्क भी विकसित होंगे, बिजली, पानी और सीवर लाइन भी बिछाई जाएंगी। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि क्या इसको विकसित करने का खर्चा प्रति एकड़ 5 करोड़ रुपये आएगा। जानकारों की मानें तो प्रति एकड़ विकास कार्यों पर हुडा लगभग 1 करोड़ रुपये खर्च करता है। ऐसे में प्रति एकड़ 4 करोड़ के करीब हुडा की कमाई हो जाएगी।
1088 हैं आवेदक
बता दें कि राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में आवासीय इलाके पर लगभग 1400 प्लॉट की प्लानिंग की गई है। दूसरी ओर हुडा के पास अब तक ओस्टिज कोटे के तहत 1088 लोगों ने आवेदन किया था। जिसमें बाद में 60 लोगों की लिस्ट और जोड़ने के लिए मुख्यालय भेजी जा चुकी है। कुल मिलाकर 1148 लोग प्लॉट लेने के लिए लाइन में हैं।
जमीन के दाम उच्चाधिकारियों द्वारा तय किए जाते हैं। यह दाम भी गहन चर्चा और सभी तरह के खर्चों का आंकलन कर तय होते हैं। हुडा हमेशा नो-प्रोफिट, नो-लॉस पर काम करता है।
-दीपक गोयल, एक्सईएन, हुडा
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टेन्टेटिव रेट जारी किया गया है। जिसमें आरजीईसी के लिए 13,500 रुपए प्रति वर्गमीटर का रेट है। यह रेट प्रशासक स्तर के अधिकारी ही तय करते हैं।
विजय राठी, संपदा अधिकारी, हुडा
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आंदोलन के बाद बढ़ाया था बेसिक रेट
वर्ष 2006 में हुडा ने सेक्टर 65, 66, 67, 68 के लिए 2514.52 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की थी। यह जमीन पतला, असावरपुर और सेवली गांवों की थी। नाम राजीव गांधी एजूकेशन सिटी दिया गया था। जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों को प्रति एकड़ 12.50 का मुआवजा तय किया गया था। जो रॉयलिटी और अन्य चीजें मिलाकर अधिकतम 16.68 लाख रुपये प्रति एकड़ बनता था। इस पर उस समय किसानों ने संगठित होकर आंदोलन कर दिया था। इसके बाद सरकार ने बेसिक रेट 25 लाख रुपये कर दिया था, जोकि अन्य फायदों के साथ अधिकतम 45 लाख रुपये हो गया था।
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पहले था 9850 का रेट अब संभावित कीमत की जारी
हुडा ने अपने इस एजूकेशनल सेक्टर में 1400 के करीब रेजीडेंशियल प्लॉटों की प्लानिंग तैयार की है। इन प्लॉटों के लिए पहले 9,850 रुपये प्रति वर्ग मीटर की कीमत तय की गई थी। बुधवार को ही हुडा मुख्यालय की ओर से 13,500 रुपये प्रति वर्गमीटर संभावित कीमत जारी की है। बताया जा रहा है कि फाइनल दाम इससे अधिक ही होगा, कम नहीं।
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ऐसे समझें 5 करोड़ रुपये का मामला
हुडा ने एक एकड़ जमीन 45 लाख रुपये में खरीदी थी। 1 एकड़ जमीन में 4046 मीटर होते हैं। अब हुडा इस जमीन को 13,500 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर बेचेगा। मतलब यह है कि एक एकड़ जमीन हुडा कुल 5 करोड़, 46 लाख 21 हजार रुपये में बेचेगा। हालांकि इस जमीन मेें सड़क भी बनाई जाएगी, पार्क भी विकसित होंगे, बिजली, पानी और सीवर लाइन भी बिछाई जाएंगी। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि क्या इसको विकसित करने का खर्चा प्रति एकड़ 5 करोड़ रुपये आएगा। जानकारों की मानें तो प्रति एकड़ विकास कार्यों पर हुडा लगभग 1 करोड़ रुपये खर्च करता है। ऐसे में प्रति एकड़ 4 करोड़ के करीब हुडा की कमाई हो जाएगी।
1088 हैं आवेदक
बता दें कि राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में आवासीय इलाके पर लगभग 1400 प्लॉट की प्लानिंग की गई है। दूसरी ओर हुडा के पास अब तक ओस्टिज कोटे के तहत 1088 लोगों ने आवेदन किया था। जिसमें बाद में 60 लोगों की लिस्ट और जोड़ने के लिए मुख्यालय भेजी जा चुकी है। कुल मिलाकर 1148 लोग प्लॉट लेने के लिए लाइन में हैं।
जमीन के दाम उच्चाधिकारियों द्वारा तय किए जाते हैं। यह दाम भी गहन चर्चा और सभी तरह के खर्चों का आंकलन कर तय होते हैं। हुडा हमेशा नो-प्रोफिट, नो-लॉस पर काम करता है।
-दीपक गोयल, एक्सईएन, हुडा
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टेन्टेटिव रेट जारी किया गया है। जिसमें आरजीईसी के लिए 13,500 रुपए प्रति वर्गमीटर का रेट है। यह रेट प्रशासक स्तर के अधिकारी ही तय करते हैं।
विजय राठी, संपदा अधिकारी, हुडा