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2500 से अधिक एकड़ में भरा बारिश का पानी, निकालने को मशक्कत करा रहा सिंचाई विभाग
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गांव सिकंदरपुर माजरा के खेतों में भरे पानी में खड़े किसान।
- फोटो : Sonipat
गोहाना। पिछले सप्ताह में हुई बारिश से क्षेत्र में किसानों की 2500 एकड़ से अधिक रकबे में पानी भर गया है। जिससे फसलों के नुकसान की आशंका है। वहीं अब तक 45 पंचायतों ने सिंचाई विभाग से पंप लगाकर खेतों में भरे पानी को निकालने के लिए आवेदन किया है। जबकि विभाग के पास एक साथ इतने बड़े क्षेत्रफल से पानी निकालने के लिए संसाधनों की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर अधिकारी किसानों से मिले आवेदन के बाद जहां खेतों का पहले निरीक्षण कर रहे हैं, वहीं उसके बाद दूसरी जगह से पंप खाली होने व बिजली कनेक्शन मिलने के बाद पानी निकाला जा रहा है।
गोहाना क्षेत्र के पिछले सप्ताह जमकर बारिश हुई। बारिश के कारण किसानो के खेतों में पानी भर गया है। इससे उन्हें फसलों में नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। खेतों सेे पानी निकलवाने के लिए किसान सिंचाई विभाग के एसडीएम या सिंचाई विभाग के कार्यालयों में जाकर अस्थाई पंप लगवाने की मांग कर रहे हैं। अभी तक सिंचाई विभाग के कार्यालय में 45 गांवों से किसान पंप लगवाने की मांग कर चुके हैं। किसानों की शिकायतों के आधार पर अधिकारियों ने खेतों में जाकर दौरा किया तो 2500 से अधिक एकड़ में फसल डूबी मिली। इसके बावजूद सिंचाई विभाग के पास 12 पंप हाउस, 29 पंपसेट व 58 मोटरें उपलब्ध हैं। यह संसाधन बनवासा, कथूरा, आहुलाना, मोई हुड्डा समेत अन्य गांवों में पानी निकालने में लगाए गए हैं। ऐसे में अधिकारी इनके खाली होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि दूसरे खेतों में पानी निकाला जाए। इसके साथ ही अधिकारी बिजली कनेक्शन ले रहे हैं, जिसमें भी समय लग रहा है। इससे किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। किसान लगातार कार्यालयों के चक्कर काटते हुए अधिकारियों से पानी निकासी की मांग कर रहे हैं।
सिकंदरपुर माजरा में 300 एकड़ फसल डूबी, पानी निकलवाने व गिरदावरी कराने की मांग
बारिश के कारण खरखौदा रोड स्थित गांव सिकंदरपुर माजरा में करीब 300 एकड़ फसल डूब गई है। इससे किसानों को फसलों में भारी नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। मंगलवार को किसानों ने खेतों में पहुंचकर प्रशासन से पानी निकलवाने की मांग की। इसके साथ ही फसलों की गिरदावरी करवा उन्हें मुआवजा दिलाने की भी मांग की।
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खेतों में पानी निकलवाने के लिए रोजाना 15 किसानों के आवेदन मिल रहे हैं। इसके लिए खेतों में पंपसेट लगवाने के साथ ही बिजली कनेक्शन भी लिया जा रहा है, जिसमें समय लग रहा है। इससे पहले खेतों का जायजा भी लिया जा रहा है, ताकि पहले वहां पानी निकलवाया जाए जहां उसकी मात्रा अधिक हो।
-गौरव जिंदल, जेई, सिंचाई विभाग।
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गोहाना क्षेत्र के पिछले सप्ताह जमकर बारिश हुई। बारिश के कारण किसानो के खेतों में पानी भर गया है। इससे उन्हें फसलों में नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। खेतों सेे पानी निकलवाने के लिए किसान सिंचाई विभाग के एसडीएम या सिंचाई विभाग के कार्यालयों में जाकर अस्थाई पंप लगवाने की मांग कर रहे हैं। अभी तक सिंचाई विभाग के कार्यालय में 45 गांवों से किसान पंप लगवाने की मांग कर चुके हैं। किसानों की शिकायतों के आधार पर अधिकारियों ने खेतों में जाकर दौरा किया तो 2500 से अधिक एकड़ में फसल डूबी मिली। इसके बावजूद सिंचाई विभाग के पास 12 पंप हाउस, 29 पंपसेट व 58 मोटरें उपलब्ध हैं। यह संसाधन बनवासा, कथूरा, आहुलाना, मोई हुड्डा समेत अन्य गांवों में पानी निकालने में लगाए गए हैं। ऐसे में अधिकारी इनके खाली होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि दूसरे खेतों में पानी निकाला जाए। इसके साथ ही अधिकारी बिजली कनेक्शन ले रहे हैं, जिसमें भी समय लग रहा है। इससे किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। किसान लगातार कार्यालयों के चक्कर काटते हुए अधिकारियों से पानी निकासी की मांग कर रहे हैं।
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सिकंदरपुर माजरा में 300 एकड़ फसल डूबी, पानी निकलवाने व गिरदावरी कराने की मांग
बारिश के कारण खरखौदा रोड स्थित गांव सिकंदरपुर माजरा में करीब 300 एकड़ फसल डूब गई है। इससे किसानों को फसलों में भारी नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। मंगलवार को किसानों ने खेतों में पहुंचकर प्रशासन से पानी निकलवाने की मांग की। इसके साथ ही फसलों की गिरदावरी करवा उन्हें मुआवजा दिलाने की भी मांग की।
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खेतों में पानी निकलवाने के लिए रोजाना 15 किसानों के आवेदन मिल रहे हैं। इसके लिए खेतों में पंपसेट लगवाने के साथ ही बिजली कनेक्शन भी लिया जा रहा है, जिसमें समय लग रहा है। इससे पहले खेतों का जायजा भी लिया जा रहा है, ताकि पहले वहां पानी निकलवाया जाए जहां उसकी मात्रा अधिक हो।
-गौरव जिंदल, जेई, सिंचाई विभाग।