Sonipat: रेल कोच नवीनीकरण कारखाना का 585 करोड़ से 161 एकड़ में हुआ निर्माण, आज गृह मंत्री करेंगे लोकार्पित
बड़ी औद्योगिक क्षेत्र स्थित कारखाने का अमित शाह फरीदाबाद से वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन करेंगे। बड़ी में इस दौरान सांसद रमेश कौशिक, गन्नौर विधायक निर्मल चौधरी के अलावा अन्य नेता व अधिकारी मौजूद रहेंगे।
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गन्नौर के बड़ी में रेल कोच नवीनीकरण कारखाना बनाए जाने की घोषणा वर्ष 2018 में की गई थी। दिसंबर 2019 में रोहतक में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारखाने का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया था। फैक्टरी के निर्माण के लिए जून 2021 तक की समय सीमा तय की गई थी, लॉकडाउन के कारण निर्धारित समय सीमा बढ़ती चली गई।
अब कारखाना बनकर तैयार है। वीरवार को इसका लोकार्पण किया जाएगा। 161 एकड़ जमीन में बने रेल कोच नवीनीकरण कारखाने पर अब तक करीब 585 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। कारखाना कुल 161 एकड़ में हैं। जिसमें 146 एकड़ में फैक्टरी के अलावा करीब 11 एकड़ में आवासीय क्षेत्र है। वहीं 5 एकड़ में शानदार पार्क बनाया गया है।
फैक्टरी 9 अलग-अलग शेड में है। एक शेड में पेंट शेड बनाया गया है, जहां पर तैयार रेल कोच पर पेंट किया जाएगा। कंडम कोच को गलाने के लिए ग्लेजिंग शेड बनाया गया है। फैक्टरी में मरम्मत के बाद तैयार कोच की मियाद 35 साल निर्धारित की गई है। इस बीच 12 साल के बाद कोच को फिर से फैक्टरी में मंगाया जाएगा और उसे रिन्यू किया जाएगा।
रेल कोच नवीनीकरण कारखाना आधुनिक तकनीक पर आधारित है। इसके परिसर में करीब 19 हजार पौधे लगाए गए हैं। वहीं वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, एक मेगावाट का सोलर भी स्थापित किया गया है। प्रदूषण कम करने के कई उपाय किए गए हैं।
करीब 2 माह से रेल कोच नवीनीकरण कारखाना बनकर तैयार है। यहां पर काम भी शुरू हो चुका है, लेकिन उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय नहीं मिलने के कारण लोकार्पण में देरी हुई।
शुरुआत में 1200 युवकों को मिलेगा रोजगार
रेल कोच नवीनीकरण कारखाना में सहायक वर्क्स मैनेजर विनोद कटारिया ने बताया कि कारखाने में लाइटवेट (कम भार) कोच तैयार होंगे, जो आधुनिक समय की मांग को पूरा करेंगे। कोच पूरी तरह से संतुलित, मजबूत होंगे। हालांकि, शुरुआत में सामान्य ट्रेनों के कोच तैयार किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ समय बाद लाइटवेट कोच भी तैयार होने लगेंगे। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में कारखाने में एक शिफ्ट में काम किया जा रहा है। जैसे लोड बढ़ेगा तो दोनों शिफ्टों में काम शुरू कर दिया जाएगा। शुरुआत में यहां 1200 युवाओं को रोजगार दिया जा रहा है, लेकिन लोड बढ़ने के साथ ही रोजगार बढ़ेगा।