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राई सब स्टेशन की बिल्डिंग चार साल से कंडम घोषित, कई बार गिर चुका मलबा
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राई सब स्टेशन में लेंटर से प्लाटर गिरने के बाद छत् में दिखाई देते सरिया। संवाद
- फोटो : Sonipat
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राई सब डिविजन के अधिकारी व कर्मी डर के साये में काम करने को मजबूर हैं। चार साल पहले कंडम घोषित की गई बिल्डिंग में हर समय हादसा होने का डर बना रहता है। बिल्डिंग में एसडीओ समेत 72 कर्मी रोजाना काम करने आते हैं। इनमें से 25 कर्मी तो दिनभर अंदर बैठकर काम करते हैं। इतना ही नहीं बिल जमा किए जाने के समय तो यहां रोजाना 400 से अधिक उपभोक्ता पहुंचते हैं। जर्जर बिल्डिंग से कई बार लेंटर का प्लास्टर टूटकर गिर चुका है। उसके बावजूद मामले को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
गांव बढ़मलिक के पास हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन) की बिल्डिंग में राई सब स्टेशन संचालित किया जा रहा है। बताया गया है कि एचवीपीएन की तरफ से वर्ष 1985 में इस बिल्डिंग का निर्माण किया गया था। पहले यहां कर्मियों के आवास होते थे। वर्ष 2000 में यहां सब स्टेशन शुरू किया गया था। इस सब स्टेशन से 19 गांव जुड़े हुए हैं। साथ ही नाथूपुर का औद्योगिक क्षेत्र भी इसी कार्यालय के अंतर्गत आता है। यह कार्यालय बिजली निगम को हर माह 45 करोड़ रुपये देता है। उसके बावजूद विभागीय कर्मी कंडम बिल्डिंग में काम करने को मजबूर हैं। कर्मियों व अधिकारियों को हर समय हादसा होने का भय बना रहता है। यह बिल्डिंग वर्ष 2018 में कंडम घोषित कर दी गई थी। उसके बावजूद अब तक यहां से कार्यालय को नहीं बदला गया है। इसे लेकर कई बार एचवीपीएन को पत्र व रिमाइंडर तक भेजे जा चुके हैं।
छह माह पहले टूट गई थी एलईडी और मेज
बिजली सब स्टेशन की बिल्डिंग काफी जर्जर है। यहां अक्सर छत का प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है। करीब छह माह एसडीओ के कमरे के साथ लगते कमरे में छत का प्लास्टर टूटकर गिर गया था, जिससे दीवार पर लगी एलईडी और नीचे रखी मेज टूट गई थी। गनीमत रही थी कि कर्मी पर प्लास्टर का टुकड़ा नहीं गिरा था। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। अन्य कमरों के लेंटर का प्लास्टर अक्सर टूटकर गिरता रहता है। हालात यह हैं कि कुर्सी पर बैठने के दौरान कर्मियों की निगाह अक्सर छत की तरफ रहती है।
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वर्जन
राई स्थित सब स्टेशन में करीब 72 कर्मी हैं, जिनमें से 25 कर्मी तो कार्यालय में रहकर ही काम करते हैं। ऐसे में कंडम बिल्डिंग में काम करते हुए उनके साथ हर समय हादसा होने का डर बना रहता है। सब स्टेशन से करीब 45 करोड़ रुपये निगम को मिल रहे हैं। उसके बाद भी यहां बेहतर सुविधा नहीं है। इस दिशा में तुरंत ठोस पहल किए जाने की आवश्यकता है।
- राजबीर, जेई बिजली निगम
बिल्डिंग पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। उसके बावजूद यहां काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। साथ ही सुरक्षा का भी बेहतर प्रबंध नहीं है। खराब ट्रांसफार्मर व अन्य सामान बाहर रखना पड़ता है, जिसमें चोरी का भय बना रहता है। लोगों के घरों को रोशन करने वाला बिजली सब स्टेशन रात को अंधेरे में डूब जाता है।
- हितेश, जेई, बिजली निगम
सब स्टेशन जिस बिल्डिंग में चल रहा है, यह 1985 में बनाई गई थी। उसके बाद यहां हालात खराब हो चुके हैं। अब तो यहां कभी भी हादसा होने का डर लगा रहता है। यहां काम करने वाले कर्मियों को तो खतरा है ही, साथ ही यहां आने वाले उपभोक्ताओं के साथ भी हादसा होने का भय बना रहता है। तुरंत इस बिल्डिंग से कार्यालय को शिफ्ट किया जाना चाहिए।
- रोहताश, उपभोक्ता
लंबे समय से बिल्डिंग की हालत ऐसी है कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यहां बिजली का बिल जमा कराने आना पड़ता है। ऐसे में हादसे का डर बना रहता है। बिल्डिंग इतनी पुरानी हो चुकी है कि कभी भी गिर सकती है। मैं सरकार से अपील करता हूं कि बिल्डिंग को नया बनाया जाए या फिर कार्यालय को दूसरी बेहतर बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाए।
- अशोक, उपभोक्ता
वर्जन
राई सब स्टेशन की बिल्डिंग कंडम होने का मामला संज्ञान में है। यह बिल्डिंग एचवीपीएन की है। उन्हें बिल्डिंग का पुनर्निर्माण करने को पत्र लिखा गया है। साथ ही फिलहाल राई सब स्टेशन के लिए नई बिल्डिंग की तलाश की जा रही है। कार्यालय को जल्द शिफ्ट कराया जाएगा।
- संदीप जैन, एसई, बिजली निगम
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गांव बढ़मलिक के पास हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन) की बिल्डिंग में राई सब स्टेशन संचालित किया जा रहा है। बताया गया है कि एचवीपीएन की तरफ से वर्ष 1985 में इस बिल्डिंग का निर्माण किया गया था। पहले यहां कर्मियों के आवास होते थे। वर्ष 2000 में यहां सब स्टेशन शुरू किया गया था। इस सब स्टेशन से 19 गांव जुड़े हुए हैं। साथ ही नाथूपुर का औद्योगिक क्षेत्र भी इसी कार्यालय के अंतर्गत आता है। यह कार्यालय बिजली निगम को हर माह 45 करोड़ रुपये देता है। उसके बावजूद विभागीय कर्मी कंडम बिल्डिंग में काम करने को मजबूर हैं। कर्मियों व अधिकारियों को हर समय हादसा होने का भय बना रहता है। यह बिल्डिंग वर्ष 2018 में कंडम घोषित कर दी गई थी। उसके बावजूद अब तक यहां से कार्यालय को नहीं बदला गया है। इसे लेकर कई बार एचवीपीएन को पत्र व रिमाइंडर तक भेजे जा चुके हैं।
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छह माह पहले टूट गई थी एलईडी और मेज
बिजली सब स्टेशन की बिल्डिंग काफी जर्जर है। यहां अक्सर छत का प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है। करीब छह माह एसडीओ के कमरे के साथ लगते कमरे में छत का प्लास्टर टूटकर गिर गया था, जिससे दीवार पर लगी एलईडी और नीचे रखी मेज टूट गई थी। गनीमत रही थी कि कर्मी पर प्लास्टर का टुकड़ा नहीं गिरा था। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। अन्य कमरों के लेंटर का प्लास्टर अक्सर टूटकर गिरता रहता है। हालात यह हैं कि कुर्सी पर बैठने के दौरान कर्मियों की निगाह अक्सर छत की तरफ रहती है।
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राई स्थित सब स्टेशन में करीब 72 कर्मी हैं, जिनमें से 25 कर्मी तो कार्यालय में रहकर ही काम करते हैं। ऐसे में कंडम बिल्डिंग में काम करते हुए उनके साथ हर समय हादसा होने का डर बना रहता है। सब स्टेशन से करीब 45 करोड़ रुपये निगम को मिल रहे हैं। उसके बाद भी यहां बेहतर सुविधा नहीं है। इस दिशा में तुरंत ठोस पहल किए जाने की आवश्यकता है।
- राजबीर, जेई बिजली निगम
बिल्डिंग पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। उसके बावजूद यहां काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। साथ ही सुरक्षा का भी बेहतर प्रबंध नहीं है। खराब ट्रांसफार्मर व अन्य सामान बाहर रखना पड़ता है, जिसमें चोरी का भय बना रहता है। लोगों के घरों को रोशन करने वाला बिजली सब स्टेशन रात को अंधेरे में डूब जाता है।
- हितेश, जेई, बिजली निगम
सब स्टेशन जिस बिल्डिंग में चल रहा है, यह 1985 में बनाई गई थी। उसके बाद यहां हालात खराब हो चुके हैं। अब तो यहां कभी भी हादसा होने का डर लगा रहता है। यहां काम करने वाले कर्मियों को तो खतरा है ही, साथ ही यहां आने वाले उपभोक्ताओं के साथ भी हादसा होने का भय बना रहता है। तुरंत इस बिल्डिंग से कार्यालय को शिफ्ट किया जाना चाहिए।
- रोहताश, उपभोक्ता
लंबे समय से बिल्डिंग की हालत ऐसी है कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यहां बिजली का बिल जमा कराने आना पड़ता है। ऐसे में हादसे का डर बना रहता है। बिल्डिंग इतनी पुरानी हो चुकी है कि कभी भी गिर सकती है। मैं सरकार से अपील करता हूं कि बिल्डिंग को नया बनाया जाए या फिर कार्यालय को दूसरी बेहतर बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाए।
- अशोक, उपभोक्ता
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राई सब स्टेशन की बिल्डिंग कंडम होने का मामला संज्ञान में है। यह बिल्डिंग एचवीपीएन की है। उन्हें बिल्डिंग का पुनर्निर्माण करने को पत्र लिखा गया है। साथ ही फिलहाल राई सब स्टेशन के लिए नई बिल्डिंग की तलाश की जा रही है। कार्यालय को जल्द शिफ्ट कराया जाएगा।
- संदीप जैन, एसई, बिजली निगम

राई सब स्टेशन में जर्जर हो चुकी बिल्डिंग। संवाद- फोटो : Sonipat