{"_id":"61521a528ebc3e0a28379ab4","slug":"punjab-farmer-involved-in-agitation-at-kundli-border-dies-sonipat-news-rtk6253235164","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुंडली बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल पंजाब के किसान की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुंडली बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल पंजाब के किसान की मौत
विज्ञापन
सोनीपत। कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर जारी आंदोलन में शामिल पंजाब के किसान की सोमवार सुबह मौत हो गई। शुरुआती जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत के सही कारणों का पता लग सकेगा। पुलिस ने सामान्य अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
पंजाब के जिला जालंधर की तहसील फिलौर के गांव खेला के रहने वाले बघेल राम (55) कुंडली बॉर्डर पर जारी आंदोलन में शामिल होने आए थे। वह 18 सितंबर को दोबारा कुंडली पहुंचे थे। सोमवार सुबह वह अपने टेंट में मृत मिले। जब साथी किसानों ने उन्हें उठाने का प्रयास किया तो वह नहीं उठे। इस पर चिकित्सक को बुलाकर जांच कराई तो उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना कुंडली थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सामान्य अस्पताल में भिजवा दिया। जहां शव का पोस्टमार्टम कराकर साथी किसानों को सौंप दिया गया।
बघेल राम लगातार किसान आंदोलन में आकर सेवा कर रहे थे। वह कुछ दिन पहले ही वापस गए थे और अब 18 सितंबर से कुंडली में हनुमान मंदिर के पास अपने टेंट में रह रहे थे। साथी किसान गुरनाम सिंह ने बताया कि सभी ने भारत बंद को लेकर देर रात तक चर्चा की थी। जिसमें बघेल राम ने भी भाग लिया था। लेकिन सुबह उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
तीन बेटियों की शादी, बेटा अविवाहिता
गुरनाम सिंह ने बताया कि बघेल राम काफी मेहनती था। उसके पास तीन बेटियां व एक बेटा है। उसने तीन बेटियों की शादी कर दी और बेटा अविवाहित है। उसके शव का मंगलवार को पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा। उसने किसान आंदोलन के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है।
वर्जन
किसान आंदोलन में शामिल पंजाब के किसान की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता लग सकेगा। शव उसके साथियों के हवाले कर दिया गया है।
- इंस्पेक्टर रवि कुमार, थाना प्रभारी, कुंडली
विज्ञापन
पंजाब के जिला जालंधर की तहसील फिलौर के गांव खेला के रहने वाले बघेल राम (55) कुंडली बॉर्डर पर जारी आंदोलन में शामिल होने आए थे। वह 18 सितंबर को दोबारा कुंडली पहुंचे थे। सोमवार सुबह वह अपने टेंट में मृत मिले। जब साथी किसानों ने उन्हें उठाने का प्रयास किया तो वह नहीं उठे। इस पर चिकित्सक को बुलाकर जांच कराई तो उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना कुंडली थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सामान्य अस्पताल में भिजवा दिया। जहां शव का पोस्टमार्टम कराकर साथी किसानों को सौंप दिया गया।
विज्ञापन
बघेल राम लगातार किसान आंदोलन में आकर सेवा कर रहे थे। वह कुछ दिन पहले ही वापस गए थे और अब 18 सितंबर से कुंडली में हनुमान मंदिर के पास अपने टेंट में रह रहे थे। साथी किसान गुरनाम सिंह ने बताया कि सभी ने भारत बंद को लेकर देर रात तक चर्चा की थी। जिसमें बघेल राम ने भी भाग लिया था। लेकिन सुबह उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
तीन बेटियों की शादी, बेटा अविवाहिता
गुरनाम सिंह ने बताया कि बघेल राम काफी मेहनती था। उसके पास तीन बेटियां व एक बेटा है। उसने तीन बेटियों की शादी कर दी और बेटा अविवाहित है। उसके शव का मंगलवार को पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा। उसने किसान आंदोलन के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है।
वर्जन
किसान आंदोलन में शामिल पंजाब के किसान की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता लग सकेगा। शव उसके साथियों के हवाले कर दिया गया है।
- इंस्पेक्टर रवि कुमार, थाना प्रभारी, कुंडली