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Sonipat News: शिक्षा दर में सुधार की तैयारी, गुरुजन संभालेंगे जिम्मेदारी
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गोहाना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों को प्रशिक्षण देते प्राचार्य सितेंद्र। ?
- फोटो : Sonipat
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गोहाना। शिक्षा दर में सुधार करने के लिए शिक्षा विभाग ने नई योजना तैयार की है, जिसके तहत अब 0 से 8 साल तक के बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए गुरुजनों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में लगने वाले छह दिवसीय प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत सोमवार को की गई। पहले बैच में 40 शिक्षकों को विद्यालय से बाहर के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य सितेंद्र ने की।
प्राचार्य सितेंद्र ने बताया कि योजना के तहत 240 गुरुजनों को प्रशिक्षण किया जाएगा। गुरुजन स्कूल न जाने वाले 0 से 8 साल तक के बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूल से जोड़ने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के बाद शिक्षक बच्चों को उम्र के अनुसार दक्षता के लिए छह माह का विशेष गैर आवासीय प्रशिक्षण देंगे। चिह्नित बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा और उन्हें स्कूलों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि बच्चे के पैदा होने के बाद से ही ऐसे बच्चों की निगरानी की जाएगी। बच्चे को शुरुआत में आंगनबाड़ी केंद्रों तक लाने की पहल की जाएगी। उसके बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चा स्कूल में दाखिला ले। अगर कोई बच्चा स्कूल नहीं जा रहा है तो उसके बारे में पता कर उसे स्कूल भेजने का प्रयास किया जाएगा।
ये हैं प्रशिक्षण शिविर लगाने के उद्देश्य
-शिक्षकों को उनके कार्य एवं दायित्व का बोध कराना।
-शिक्षक बच्चों को समझ सकें और उनकी क्षमता विकसित कर सकें।
-आकलन एवं मूल्यांकन के महत्व का बोध कराना।
-आकलन एवं मूल्यांकन के तरीकों से अवगत कराना।
-कलात्मक शिक्षण, सृजनात्मक शिक्षण गतिविधि को सीखने की प्रक्रिया से जोड़ना।
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प्राचार्य सितेंद्र ने बताया कि योजना के तहत 240 गुरुजनों को प्रशिक्षण किया जाएगा। गुरुजन स्कूल न जाने वाले 0 से 8 साल तक के बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूल से जोड़ने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के बाद शिक्षक बच्चों को उम्र के अनुसार दक्षता के लिए छह माह का विशेष गैर आवासीय प्रशिक्षण देंगे। चिह्नित बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा और उन्हें स्कूलों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि बच्चे के पैदा होने के बाद से ही ऐसे बच्चों की निगरानी की जाएगी। बच्चे को शुरुआत में आंगनबाड़ी केंद्रों तक लाने की पहल की जाएगी। उसके बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चा स्कूल में दाखिला ले। अगर कोई बच्चा स्कूल नहीं जा रहा है तो उसके बारे में पता कर उसे स्कूल भेजने का प्रयास किया जाएगा।
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ये हैं प्रशिक्षण शिविर लगाने के उद्देश्य
-शिक्षकों को उनके कार्य एवं दायित्व का बोध कराना।
-शिक्षक बच्चों को समझ सकें और उनकी क्षमता विकसित कर सकें।
-आकलन एवं मूल्यांकन के महत्व का बोध कराना।
-आकलन एवं मूल्यांकन के तरीकों से अवगत कराना।
-कलात्मक शिक्षण, सृजनात्मक शिक्षण गतिविधि को सीखने की प्रक्रिया से जोड़ना।