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पाटिल अस्पताल में प्री-मैच्योर बच्ची को बास्केट में डालने पर मुकदमा, एसडीएम भी जांच करेंगे

Mon, 01 Jun 2020 08:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2020 08:33 PM IST
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pre matured baby girl
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सोनीपत। पाटिल अस्पताल में जिंदा बच्ची को बास्केट में डालने के मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने शिकायत कर्ता के नाम से केस दर्ज जरूर किया, लेकिन उसमें जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को अज्ञात रखा गया है। पुलिस ने यह मुकदमा भी डीसी के सख्त होने के बाद दर्ज किया है, डीसी ने इस मामले को दबाए जाने पर सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जहां मुकदमे की जांच पुलिस करेगी, वहीं एसडीएम भी इस मामले में एक जांच अलग से करेंगे। जिसमें बयान के लिए एसडीएम ने शिकायतकर्ता को बुलाया है और वह शिकायतकर्ता उन सभी सुबूत को सौंपेगा, जिससे सब कुछ साफ हो जाएगा।
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शहर के पाटिल अस्पताल में एक प्रसूता ने दो बच्चों को जन्म दिया था। इनमें पहला बच्चा मृत था तो इसे दफना दिया गया। वहीं दूसरी बच्ची को जन्म लेने के बाद मरने के लिए बास्केट में डाल दिया गया था। इस मामले में एक युवक रवि दहिया ने पुलिस में शिकायत दी और अस्पताल में पुलिस को अपने साथ लेकर पहुंचा था। वहां पुलिस के सामने डाक्टर ने तर्क दिया था कि बच्ची प्री मैच्योर है और उसका वजन भी काफी कम है। हालांकि उसके बाद रवि ने पुलिस की मदद से बच्ची को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया था और वहां उसकी मौत हो गई थी। इस शर्मसार करने वाली घटना के सामने आने पर डीसी श्यामलाल पूनिया के निर्देश पर एसडीएम आशुतोष राजन ने सीएमओ को जांच के लिए पत्र लिखा था। इसकी जांच रिपोर्ट रविवार को एसडीएम को भेजी गई। उस जांच रिपोर्ट में डाक्टरों की टीम ने शिकायतकर्ता पर ही सवाल उठाए हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पताल प्रशासन ने बच्ची को वार्मर में रखा था, लेकिन बाहर से आए कुछ लोगों ने बच्ची को वार्मर से उठाकर बास्केट में डाल दिया। इस तरह की जांच रिपोर्ट का पता चलने पर डीसी श्यामलाल पूनिया ने खुद ही उसपर सवाल उठाते हुए कहा था कि अस्पताल प्रशासन ने इस तरह का मामला होने पर उसी दिन मुकदमा दर्ज क्यों नहीं करवाया। इसमें डीसी ने मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। जिसमें सिविल लाइन थाना पुलिस ने शिकायतकर्ता रवि दहिया के नाम से मुकदमा जरूर दर्ज कर लिया, लेकिन उसमें शिकायतकर्ता ने जिसपर आरोप लगाया था। उसकी जगह स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट को आधार बनाते हुए अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया। जिसमें पाटिल अस्पताल की डाक्टर ने कहा था कि बच्ची को वार्मर में रखा गया था और उसे कुछ लोगों ने बाहर से आकर बास्केट में डाला था। इस मामले में एसआई शमशेर सिंह का कहना है कि इसमें अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है और इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
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एसडीएम भी करेंगे जांच, शिकायतकर्ता को बयान के लिए बुलाया
जहां स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर शिकायतकर्ता के नाम से पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट पर सवाल उठे तो इसकी जांच एसडीएम से कराई जा रही है। एसडीएम आशुतोष राजन ने शिकायतकर्ता को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है तो वह सभी सबूत भी एसडीएम को सौंपेगा। क्योंकि अस्पताल में घटना के दिन जिस तरह की वीडियो बनाई गई और उन वीडियो में बातचीत की गई है। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट पूरी तरह से विपरीत है। एसडीएम आशुतोष राजन का कहना है कि इसमें मामला दर्ज करा दिया गया है और पुलिस की जांच से पूरी स्थिति साफ हो जाएगी।
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