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Sonipat News: हाईवे के बीच गड्ढा...लाइटें भी खराब
Wed, 08 Oct 2025 02:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 08 Oct 2025 02:03 AM IST
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फोटो :18: नेशनल हाईवे-44 पर गांव राई के निकट अवरूद्ध नाला के पास बिखरे पत्थर के बैरिकेड। संवाद
सोनीपत। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-44 पर गांव राई के पास सुरक्षा मानकों की अनदेखी वाहन चालकों के लिए खतरा बन सकती है। संपर्क मार्ग के बीच नाले के पास गड्ढा खोदा गया है जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। हैरानी की बात यह है कि इस स्थान पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही पर्याप्त सुरक्षा अवरोधक रखे गए हैं। इसके अलावा हाईवे पर पथप्रकाश की भी व्यवस्था नहीं है।
कुंडली से पानीपत तक नेशनल हाईवे-44 का चौड़ीकरण 900 करोड़ की लागत से किया गया था। 24 किलोमीटर लंबे हाईवे व चार लेन के संपर्क मार्ग को 20 जून 2023 को लोकार्पित किया गया था। हाईवे से दिल्ली, हरियाणा के अलावा चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू व कश्मीर को जोड़ा गया है।
पानीपत-दिल्ली लेन पर राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, राई के पास नाला बंद होने के साथ उसके पास गड्ढा खोदकर उसके अंदर से कूड़ा व मिट्टी निकाल कर हाईवे पर डाल दी गई है।
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हाईवे के इस हिस्से पर जगह-जगह खुले पड़े नाले और बेतरतीब रखे गए पत्थर के बैरिकेड वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ा रहे हैं। स्थिति यह है कि रात के समय जब दृश्यता कम होती है, तो वाहन चालक अचानक सामने आए गड्ढे से हादसे का शिकार हो सकते हैं।
जहां पर गड्ढा बना हुआ है वहां पर पथप्रकाश व्यवस्था नदारद है। रात के अंधेरे में गड्ढे और खुले नाले वाहन चालकों के लिए दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाएं होने की आशंका बढ़ जाती है।
लोगों ने संबंधित विभाग ने ठोस कदम उठाने की मांग की है। राई निवासी संजय कौशिक, पंकज कौशिक, सुनील त्यागी व पुनीत ने कहा कि प्रशासन गड्ढे को भरने, अधूरे नाले को ढकने और उचित रोशनी की व्यवस्था करें। उनका कहना था कि रोजाना इस मार्ग से हजारों वाहन गुजरते हैं और यदि शीघ्र सुधार नहीं किया गया, तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
वर्जन
एनएच-44 व उसके संपर्क मार्ग पर वाहन चालकों को सुविधा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। नालों पर स्लैब रखवाए जा रहे हैं, जहां नाले खुले हैं वहां भी जल्द स्लैब रखवा दिए जाएंगे। सड़क के गड्ढे भरवाए जाएंगे। अगर बैरिकेड टेढ़े हैं तो उन्हें दुरुस्त कराया जाएगा।-जगभूषण शर्मा, परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण।
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कुंडली से पानीपत तक नेशनल हाईवे-44 का चौड़ीकरण 900 करोड़ की लागत से किया गया था। 24 किलोमीटर लंबे हाईवे व चार लेन के संपर्क मार्ग को 20 जून 2023 को लोकार्पित किया गया था। हाईवे से दिल्ली, हरियाणा के अलावा चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू व कश्मीर को जोड़ा गया है।
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पानीपत-दिल्ली लेन पर राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, राई के पास नाला बंद होने के साथ उसके पास गड्ढा खोदकर उसके अंदर से कूड़ा व मिट्टी निकाल कर हाईवे पर डाल दी गई है।
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हाईवे के इस हिस्से पर जगह-जगह खुले पड़े नाले और बेतरतीब रखे गए पत्थर के बैरिकेड वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ा रहे हैं। स्थिति यह है कि रात के समय जब दृश्यता कम होती है, तो वाहन चालक अचानक सामने आए गड्ढे से हादसे का शिकार हो सकते हैं।
जहां पर गड्ढा बना हुआ है वहां पर पथप्रकाश व्यवस्था नदारद है। रात के अंधेरे में गड्ढे और खुले नाले वाहन चालकों के लिए दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाएं होने की आशंका बढ़ जाती है।
लोगों ने संबंधित विभाग ने ठोस कदम उठाने की मांग की है। राई निवासी संजय कौशिक, पंकज कौशिक, सुनील त्यागी व पुनीत ने कहा कि प्रशासन गड्ढे को भरने, अधूरे नाले को ढकने और उचित रोशनी की व्यवस्था करें। उनका कहना था कि रोजाना इस मार्ग से हजारों वाहन गुजरते हैं और यदि शीघ्र सुधार नहीं किया गया, तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
वर्जन
एनएच-44 व उसके संपर्क मार्ग पर वाहन चालकों को सुविधा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। नालों पर स्लैब रखवाए जा रहे हैं, जहां नाले खुले हैं वहां भी जल्द स्लैब रखवा दिए जाएंगे। सड़क के गड्ढे भरवाए जाएंगे। अगर बैरिकेड टेढ़े हैं तो उन्हें दुरुस्त कराया जाएगा।-जगभूषण शर्मा, परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण।