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Sonipat News: शहरी क्षेत्र के विस्तार के साथ 9 हजार एकड़ में नमो सिटी की तैयारी
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खरखौदा शहर, जिसके पांच किलोमीटर का दायरा भी अब नगरीय क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे के विस्तार किया जा रहा है। एक तरफ हरियाणा सरकार ने खरखौदा के आसपास के बड़े भू-भाग को नगरीय क्षेत्र घोषित करते हुए इसकी सीमाएं दो पॉकेट में निर्धारित की हैं। वहीं दूसरी तरफ केएमपी और दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के आसपास करीब नौ हजार एकड़ जमीन पर प्रस्तावित नमो सिटी को लेकर किसानों से जमीन देने की सहमति मांगी गई है।
नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की 16 सितंबर की अधिसूचना के अनुसार नए नगरीय क्षेत्र को पॉकेट-1 और पॉकेट-2 में बांटा गया है। इसकी सीमाएं सिसाना, सिलाना, सेहरी, खांडा, झरोठी और भदाना समेत विभिन्न राजस्व सीमाओं से जुड़ती हैं। क्षेत्र की सीमाएं आगे सोनीपत और कुंडली के आसपास पांच किलोमीटर के आधार पर घोषित शहरी क्षेत्रों तथा दिल्ली, झज्जर और रोहतक जिले की सीमाओं से जुड़ती हैं।
दूसरी अधिसूचना में खरखौदा के आसपास बड़े क्षेत्र को धारा 7ए के तहत शहरी क्षेत्र घोषित किया गया है। यानी सरकार की ओर से क्षेत्र में भविष्य के शहरी नियोजन के लिए व्यापक दायरा तैयार किया जा रहा है।
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रोहतक, झज्जर और सोनीपत जिले के 10 गांवों की विकसित करने की तैयारी
इसी विकास कड़ी में केएमपी और दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के आसपास रोहतक, झज्जर और सोनीपत जिले के 10 गांवों की करीब नौ हजार एकड़ जमीन पर नमो सिटी विकसित करने की तैयारी है। एचएसवीपी ने ई-भूमि पोर्टल पर किसानों से 30 अक्तूबर तक जमीन देने की स्वीकृति मांगी है। किसानों की सहमति मिलने पर नियमानुसार जमीन खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
पार्क और खरीदारी केंद्र विकसित करने की योजना
प्रस्तावित नमो सिटी में रिहायशी, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्र के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पार्क और खरीदारी केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इसे नमो भारत क्षेत्रीय रेल परिवहन व्यवस्था से जोड़ने की भी योजना है। शहर में परिवहन ढांचा विकसित कर जन परिवहन तक 30 मिनट में पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन गांवों की जमीन चिह्नित
प्रस्ताव के अनुसार रोहतक के हसनगढ़ की 1320 एकड़, झज्जर के निलोठी की 1731, खेड़ी जसौर की 2269, जसौर खेड़ी की 1315 और लोहारहेड़ी की 1117 एकड़ जमीन शामिल है। सोनीपत के पाई की 1040, बरोणा की 174, खुरमपुर की 440, रोहणा की 516 और किढोली की 30 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। सरकार की योजना में शहर के विकास में निवेशकों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। केंद्र सरकार की ओर से नए शहरों की शुरुआती जरूरतों के लिए पांच हजार करोड़ रुपये की सहायता का प्रावधान बताया गया है।
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सरकार खरखौदा के विकास का खाका तैयार कर चुकी है। ऐसे में उसका स्वरूप न बिगड़े, इसके लिए सेक्शन-7ए लगाया गया है, जिसमें खरखौदा सहित आसपास के पांच किलोमीटर का दायरा भी शहरी क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। अब एक एकड़ से कम की खरीद पर जिला योजनाकार विभाग से एनओसी लेना जरूरी होगा।
— राजेंद्र टी. शर्मा, डीटीपी, सोनीपत
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खरखौदा। क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे के विस्तार किया जा रहा है। एक तरफ हरियाणा सरकार ने खरखौदा के आसपास के बड़े भू-भाग को नगरीय क्षेत्र घोषित करते हुए इसकी सीमाएं दो पॉकेट में निर्धारित की हैं। वहीं दूसरी तरफ केएमपी और दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के आसपास करीब नौ हजार एकड़ जमीन पर प्रस्तावित नमो सिटी को लेकर किसानों से जमीन देने की सहमति मांगी गई है।
नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की 16 सितंबर की अधिसूचना के अनुसार नए नगरीय क्षेत्र को पॉकेट-1 और पॉकेट-2 में बांटा गया है। इसकी सीमाएं सिसाना, सिलाना, सेहरी, खांडा, झरोठी और भदाना समेत विभिन्न राजस्व सीमाओं से जुड़ती हैं। क्षेत्र की सीमाएं आगे सोनीपत और कुंडली के आसपास पांच किलोमीटर के आधार पर घोषित शहरी क्षेत्रों तथा दिल्ली, झज्जर और रोहतक जिले की सीमाओं से जुड़ती हैं।
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दूसरी अधिसूचना में खरखौदा के आसपास बड़े क्षेत्र को धारा 7ए के तहत शहरी क्षेत्र घोषित किया गया है। यानी सरकार की ओर से क्षेत्र में भविष्य के शहरी नियोजन के लिए व्यापक दायरा तैयार किया जा रहा है।
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रोहतक, झज्जर और सोनीपत जिले के 10 गांवों की विकसित करने की तैयारी
इसी विकास कड़ी में केएमपी और दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के आसपास रोहतक, झज्जर और सोनीपत जिले के 10 गांवों की करीब नौ हजार एकड़ जमीन पर नमो सिटी विकसित करने की तैयारी है। एचएसवीपी ने ई-भूमि पोर्टल पर किसानों से 30 अक्तूबर तक जमीन देने की स्वीकृति मांगी है। किसानों की सहमति मिलने पर नियमानुसार जमीन खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
पार्क और खरीदारी केंद्र विकसित करने की योजना
प्रस्तावित नमो सिटी में रिहायशी, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्र के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पार्क और खरीदारी केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इसे नमो भारत क्षेत्रीय रेल परिवहन व्यवस्था से जोड़ने की भी योजना है। शहर में परिवहन ढांचा विकसित कर जन परिवहन तक 30 मिनट में पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन गांवों की जमीन चिह्नित
प्रस्ताव के अनुसार रोहतक के हसनगढ़ की 1320 एकड़, झज्जर के निलोठी की 1731, खेड़ी जसौर की 2269, जसौर खेड़ी की 1315 और लोहारहेड़ी की 1117 एकड़ जमीन शामिल है। सोनीपत के पाई की 1040, बरोणा की 174, खुरमपुर की 440, रोहणा की 516 और किढोली की 30 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। सरकार की योजना में शहर के विकास में निवेशकों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। केंद्र सरकार की ओर से नए शहरों की शुरुआती जरूरतों के लिए पांच हजार करोड़ रुपये की सहायता का प्रावधान बताया गया है।
सरकार खरखौदा के विकास का खाका तैयार कर चुकी है। ऐसे में उसका स्वरूप न बिगड़े, इसके लिए सेक्शन-7ए लगाया गया है, जिसमें खरखौदा सहित आसपास के पांच किलोमीटर का दायरा भी शहरी क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। अब एक एकड़ से कम की खरीद पर जिला योजनाकार विभाग से एनओसी लेना जरूरी होगा।
— राजेंद्र टी. शर्मा, डीटीपी, सोनीपत