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सिंघु बॉर्डर पर रास्ता खुलवाने को हाईवे पर शांतिपूर्ण पैदल मार्च करेंगे लोग, जुटेगी भीड़
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कुंडली। सिंघु बॉर्डर पर एक तरफ का रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर राष्ट्रवादी परिवर्तन मंच के बैनर तले 21 जुलाई को होने वाला पैदल मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा। मार्च में लोगों की संख्या अधिक से अधिक करने के लिए लगातार गांवों में पंचायत आयोजित की जा रही है।
राष्ट्रवादी परिवर्तन मंच के अध्यक्ष हेमंत नांदल ने गांव भैरा-बांकीपुर व पतला में आयोजित पंचायतों में कहा कि सिंघु बॉर्डर पर रास्ता खोला जाना चाहिए। इससे लाखों लोगों को परेशानी हो रही है। इसमें खासकर कुंडली क्षेत्र के गांवों के लोगों को दिक्कत हो रही है। इसी को लेकर 21 जुलाई को पैदल मार्च निकाला जाएगा। इसके लिए गांव-गांव जाकर समर्थन जुटाया जा रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि उनकी परेशानी बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन के पहले सप्ताह से ही शुरू हो गई थी। उसके बावजूद किसी राजनीतिक दल के नेता ने लोगों के बीच आकर हालात नहीं देखे। पहले उनकी समस्याओं को कुछ लोगों ने दबाने का प्रयास भी किया। हेमंत नांदल ने कहा कि पैदल मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण व प्रशासन के सहयोग से निकाला जाना है। पैदल मार्च का उद्देश्य किसी को असुरक्षा एवं परेशानी का माहौल पैदा करना नहीं हैं। हम किसान आंदोलन के विरोध में नहीं हैं, आंदोलन करना सबका अधिकार है। हम सिर्फ अपनी समस्या उठा रहे हैं। सिंघु बॉर्डर बंद होने से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी हो रही है। जिसे लेकर रास्ता खुलना जरूरी है। इस दौरान जयराम शर्मा, संजय चौहान, दीपक चौहान, मनीष चौहान, अभिषेक, नितिन, रामसिंह, रामफल सरोहा, मोनू प्रधान सेरसा आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रवादी परिवर्तन मंच के अध्यक्ष हेमंत नांदल ने गांव भैरा-बांकीपुर व पतला में आयोजित पंचायतों में कहा कि सिंघु बॉर्डर पर रास्ता खोला जाना चाहिए। इससे लाखों लोगों को परेशानी हो रही है। इसमें खासकर कुंडली क्षेत्र के गांवों के लोगों को दिक्कत हो रही है। इसी को लेकर 21 जुलाई को पैदल मार्च निकाला जाएगा। इसके लिए गांव-गांव जाकर समर्थन जुटाया जा रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि उनकी परेशानी बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन के पहले सप्ताह से ही शुरू हो गई थी। उसके बावजूद किसी राजनीतिक दल के नेता ने लोगों के बीच आकर हालात नहीं देखे। पहले उनकी समस्याओं को कुछ लोगों ने दबाने का प्रयास भी किया। हेमंत नांदल ने कहा कि पैदल मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण व प्रशासन के सहयोग से निकाला जाना है। पैदल मार्च का उद्देश्य किसी को असुरक्षा एवं परेशानी का माहौल पैदा करना नहीं हैं। हम किसान आंदोलन के विरोध में नहीं हैं, आंदोलन करना सबका अधिकार है। हम सिर्फ अपनी समस्या उठा रहे हैं। सिंघु बॉर्डर बंद होने से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी हो रही है। जिसे लेकर रास्ता खुलना जरूरी है। इस दौरान जयराम शर्मा, संजय चौहान, दीपक चौहान, मनीष चौहान, अभिषेक, नितिन, रामसिंह, रामफल सरोहा, मोनू प्रधान सेरसा आदि मौजूद रहे।
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