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पेरिस पैरालंपिक : सबसे दूर भाला फेंकने को म्हारा सुमित तैयार, मां को कहकर गया पदक लेकर ही लौटूंगा
Thu, 22 Aug 2024 10:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 22 Aug 2024 10:57 PM IST
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खेल रत्न व पद्मश्री अवार्डी सुमित आंतिल।
सोनीपत। पेरिस पैरालंपिक में भाला फेंक की एफ-64 स्पर्धा में सोनीपत के गांव खेवड़ा का छोरा खेल रत्न अवार्डी सुमित आंतिल अपना दम दिखाने को तैयार है। सुमित आंतिल 21 अगस्त को पेरिस के लिए रवाना हो चुके हैं। पेरिस पैरालंपिक में सुमित आंतिल भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे। टोक्यो पैरालंपिक की भांति इस बार भी सभी को उम्मीद है कि सुमित स्वर्णिम भाला फेंकेंगे। सुमित पेरिस के लिए रवाना होने से पहले मां निर्मला देवी को कहकर गए हैं कि मां इस बार भी पदक लेकर ही लौटूंगा।
पैरालंपिक में दूसरी बार देश का प्रतिनिधित्व करने गए खेल रत्न अवार्डी सुमित आंतिल से खेल प्रेमियों को टोक्यो की तरह स्वर्ण पदक की उम्मीद है। देश के लिए पदक लाने को आतुर सुमित आंतिल ने अभ्यास के दौरान जमकर पसीना बहाया है। 28 अगस्त से शुरू होने वाले पेरिस पैरालंपिक के लिए 21 अगस्त को पहला भारतीय जत्था निकल चुका है। 2 सितंबर को रात 8:30 बजे सुमित आंतिल का मुकाबला शुरू होगा। इसके लिए देश के साथ जिले के खेल प्रेमी भी उत्साहित हैं व सुमित के बेहतर प्रदर्शन के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। सुमित आंतिल ने टोक्यो पैरालंपिक में 68.55 मीटर भाला फेंककर देश की झोली में स्वर्ण पदक डाला था।
सुमित का ओलंपिक तक का सफर बेहद कठिनाइयों से भरा रहा है। सड़क हादसे में एक पैर गंवाने के बाद भी सुमित ने जिंदगी में कभी हार नहीं मानी और बुलंद हौसले से हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला किया। सुमित का हालिया प्रदर्शन भी शानदार रहा है। उन्होंने जापान के कोबे में इसी साल 17 से 25 मई तक आयोजित पैरा एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। सुमित आंतिल के नाम 73.29 मीटर के साथ पैरालंपिक विश्व रिकॉर्ड है। उन्होंने चीन के हांग्जो शहर में आयोजित एशियाई पैरा खेलों की प्रतियोगिता में भाला फेंक एफ 64 में अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
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हादसे में गंवाया पैर, हौसले ने दिलाई मंजिल
खेल रत्न अवार्डी सुमित आंतिल का जन्म 7 जून, 1998 को गांव खेवड़ा में हुआ था। तीन बहनों के इकलौते भाई सुमित जब सात साल के थे तब एयरफोर्स में तैनात पिता रामकुमार का बीमारी से निधन हो गया था। मां निर्मला देवी ने बताया कि सुमित जब 12वीं कक्षा में थे तो कॉमर्स का ट्यूशन लेते थे। 5 जनवरी, 2015 की शाम को वह ट्यूशन पढ़कर बाइक से वापस आ रहे थे, तभी सीमेंट के बैग से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सुमित को टक्कर मार दी थी और काफी दूर तक घसीटते ले गई थी। इस हादसे में सुमित को अपना एक पैर गंवाना पड़ा था। कई महीनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद सुमित को वर्ष 2016 में पूना लेकर गई थी। जहां उनको कृत्रिम पैर चढ़वाया था। उन्होंने बताया जब वह अस्पताल में भर्ती था तब मैं दूसरे दिव्यांगों को सुमित से मिलवाने लेकर आती थी ताकि सुमित के मनोबल को बढ़ा सकूं। विश्व रिकॉर्ड धारक सुमित आंतिल पेरिस पैरालंपिक में पदक के प्रबल दावेदार हैं।
यह हैं उपलब्धियां :
-वर्ष 2018 में एशियन चैंपियनशिप में भाग लिया, 5वीं रैंक पाई।
- वर्ष 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक व राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीता।
- वर्ष 2021 में टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीता।
- वर्ष 2021 में खेल रत्न पुरस्कार, भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान।
- वर्ष 2022 पद्मश्री पुरस्कार।
- वर्ष 2023 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 70.83 मीटर की थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता।
- वर्ष 2023 में चीन के हांग्जो शहर में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में 73.29 मीटर के साथ विश्व रिकॉर्ड को बेहतर बनाया व स्वर्ण पदक जीता।
- वर्ष 2024 में जापान के कोबे में विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 69.50 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता।
-वर्ष 2024 - स्पोर्ट्समैन ऑफ द ईयर (पैरा स्पोर्ट्स)।
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पैरालंपिक में दूसरी बार देश का प्रतिनिधित्व करने गए खेल रत्न अवार्डी सुमित आंतिल से खेल प्रेमियों को टोक्यो की तरह स्वर्ण पदक की उम्मीद है। देश के लिए पदक लाने को आतुर सुमित आंतिल ने अभ्यास के दौरान जमकर पसीना बहाया है। 28 अगस्त से शुरू होने वाले पेरिस पैरालंपिक के लिए 21 अगस्त को पहला भारतीय जत्था निकल चुका है। 2 सितंबर को रात 8:30 बजे सुमित आंतिल का मुकाबला शुरू होगा। इसके लिए देश के साथ जिले के खेल प्रेमी भी उत्साहित हैं व सुमित के बेहतर प्रदर्शन के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। सुमित आंतिल ने टोक्यो पैरालंपिक में 68.55 मीटर भाला फेंककर देश की झोली में स्वर्ण पदक डाला था।
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सुमित का ओलंपिक तक का सफर बेहद कठिनाइयों से भरा रहा है। सड़क हादसे में एक पैर गंवाने के बाद भी सुमित ने जिंदगी में कभी हार नहीं मानी और बुलंद हौसले से हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला किया। सुमित का हालिया प्रदर्शन भी शानदार रहा है। उन्होंने जापान के कोबे में इसी साल 17 से 25 मई तक आयोजित पैरा एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। सुमित आंतिल के नाम 73.29 मीटर के साथ पैरालंपिक विश्व रिकॉर्ड है। उन्होंने चीन के हांग्जो शहर में आयोजित एशियाई पैरा खेलों की प्रतियोगिता में भाला फेंक एफ 64 में अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
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हादसे में गंवाया पैर, हौसले ने दिलाई मंजिल
खेल रत्न अवार्डी सुमित आंतिल का जन्म 7 जून, 1998 को गांव खेवड़ा में हुआ था। तीन बहनों के इकलौते भाई सुमित जब सात साल के थे तब एयरफोर्स में तैनात पिता रामकुमार का बीमारी से निधन हो गया था। मां निर्मला देवी ने बताया कि सुमित जब 12वीं कक्षा में थे तो कॉमर्स का ट्यूशन लेते थे। 5 जनवरी, 2015 की शाम को वह ट्यूशन पढ़कर बाइक से वापस आ रहे थे, तभी सीमेंट के बैग से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सुमित को टक्कर मार दी थी और काफी दूर तक घसीटते ले गई थी। इस हादसे में सुमित को अपना एक पैर गंवाना पड़ा था। कई महीनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद सुमित को वर्ष 2016 में पूना लेकर गई थी। जहां उनको कृत्रिम पैर चढ़वाया था। उन्होंने बताया जब वह अस्पताल में भर्ती था तब मैं दूसरे दिव्यांगों को सुमित से मिलवाने लेकर आती थी ताकि सुमित के मनोबल को बढ़ा सकूं। विश्व रिकॉर्ड धारक सुमित आंतिल पेरिस पैरालंपिक में पदक के प्रबल दावेदार हैं।
यह हैं उपलब्धियां :
-वर्ष 2018 में एशियन चैंपियनशिप में भाग लिया, 5वीं रैंक पाई।
- वर्ष 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक व राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीता।
- वर्ष 2021 में टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीता।
- वर्ष 2021 में खेल रत्न पुरस्कार, भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान।
- वर्ष 2022 पद्मश्री पुरस्कार।
- वर्ष 2023 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 70.83 मीटर की थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता।
- वर्ष 2023 में चीन के हांग्जो शहर में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में 73.29 मीटर के साथ विश्व रिकॉर्ड को बेहतर बनाया व स्वर्ण पदक जीता।
- वर्ष 2024 में जापान के कोबे में विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 69.50 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता।
-वर्ष 2024 - स्पोर्ट्समैन ऑफ द ईयर (पैरा स्पोर्ट्स)।