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मौजमनगर की सरपंची को लेकर फंसा पेंच
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Tue, 12 Jan 2016 12:21 AM IST
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गांव मौजमनगर से सरपंच का चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाली कुमारी मंजू ने न्यायालय में याचिका दायर कर उसका नामांकन गलत ढंग से रद्द करने का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि जिस तर्ज पर उसके द्वारा नामांकन फार्म जमा किया गया था, अन्य प्रत्याशियों ने भी उसी तर्ज पर अपना नामांकन दाखिल किया था। हालांकि इसके बाद भी उसका नामांकन रद कर दिया गया। जिसके चलते वह चुनाव नहीं लड़ पाई।
गौरतलब है कि गांव मौजमनगर में सरपंच पद महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित था। जिसके तहत गांव से 6 महिलाओं द्वारा अपना नामांकन दाखिल कराया गया था। छटनी के दौरान 6 में से 5 महिलाओं के नामांकन आरओ द्वारा रद्द किए गए थे। जिसके चलते वहां से सुनीता देवी का सरपंच पद के लिए निर्वाचन तय हो गया था। अब मंजू ने न्यायालय में याचिका दायर कर इंसाफ की मांग की है। मंजू का कहना है कि चुनाव लडने के लिए निर्धारित नियमों के मुताबिक खुद के नाम बिजली का मीटर न होने के चलते अपने परिवार सदस्य के बिजली मीटर की अनापत्ति फार्म नामांकन के साथ जमा कराया था। जिसे छटनी के दौरान आरओ द्वारा रद्द कर दिया गया ओर वह अपने गांव से सरपंच पद के लिए प्रत्याशी नहीं बन पाई। जिससे उससे अधिकारों का हनन हुआ है, ऐसे में उसके साथ इंसाफ किया जाए।
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गौरतलब है कि गांव मौजमनगर में सरपंच पद महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित था। जिसके तहत गांव से 6 महिलाओं द्वारा अपना नामांकन दाखिल कराया गया था। छटनी के दौरान 6 में से 5 महिलाओं के नामांकन आरओ द्वारा रद्द किए गए थे। जिसके चलते वहां से सुनीता देवी का सरपंच पद के लिए निर्वाचन तय हो गया था। अब मंजू ने न्यायालय में याचिका दायर कर इंसाफ की मांग की है। मंजू का कहना है कि चुनाव लडने के लिए निर्धारित नियमों के मुताबिक खुद के नाम बिजली का मीटर न होने के चलते अपने परिवार सदस्य के बिजली मीटर की अनापत्ति फार्म नामांकन के साथ जमा कराया था। जिसे छटनी के दौरान आरओ द्वारा रद्द कर दिया गया ओर वह अपने गांव से सरपंच पद के लिए प्रत्याशी नहीं बन पाई। जिससे उससे अधिकारों का हनन हुआ है, ऐसे में उसके साथ इंसाफ किया जाए।
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