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Sonipat News: मांगों को लेकर संगठनों ने धरना देकर किया प्रदर्शन
Tue, 12 May 2026 07:25 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 12 May 2026 07:25 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी फेडरेशनों की अपील पर मजदूरों की मांगों के आंदोलन को दबाने के विरोध में मंगलवार को विभिन्न संगठनोंं ने लघु सचिवालय में धरना दिया। इस दौरान सभी गिरफ्तार मजदूरों को रिहा करने, चार लेबर कोड रद्द करने की मांग की गई।
धरने की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ सदस्य श्रद्धानंद सोलंकी व ईश्वर सिंह राठी ने कहा की सरकार आंदोलन को पुलिस प्रशासन की ताकत से दबा रही है। उनकी मांगे मानी नहीं जा रही हैं। इससे वर्करों में दिन-प्रतिदिन आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
महंगाई के हिसाब से कम से कम 30,000 न्यूनतम वेतन होना चाहिए लेकिन सरकार ने जो मामूली न्यूनतम वेतन घोषित किया है उसको भी लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दमकल और सफाई कर्मचारी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं पर सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है।
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सरकार उनके आंदोलन को तोड़ने पर उतारू है। मजदूर विरोधी चार लेबर कोड लेकर न्यूनतम वेतन की धारणा को बदलकर फ्लोरवेज में तब्दील किया गया है। इसके तहत महिलाओं को रात में ड्यूटी करने के लिए मजबूर किया जाएगा। 8 घंटे की जगह 12 घंटे की ड्यूटी करने का भी इसमें प्रावधान है।
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सोनीपत। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी फेडरेशनों की अपील पर मजदूरों की मांगों के आंदोलन को दबाने के विरोध में मंगलवार को विभिन्न संगठनोंं ने लघु सचिवालय में धरना दिया। इस दौरान सभी गिरफ्तार मजदूरों को रिहा करने, चार लेबर कोड रद्द करने की मांग की गई।
धरने की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ सदस्य श्रद्धानंद सोलंकी व ईश्वर सिंह राठी ने कहा की सरकार आंदोलन को पुलिस प्रशासन की ताकत से दबा रही है। उनकी मांगे मानी नहीं जा रही हैं। इससे वर्करों में दिन-प्रतिदिन आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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महंगाई के हिसाब से कम से कम 30,000 न्यूनतम वेतन होना चाहिए लेकिन सरकार ने जो मामूली न्यूनतम वेतन घोषित किया है उसको भी लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दमकल और सफाई कर्मचारी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं पर सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है।
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सरकार उनके आंदोलन को तोड़ने पर उतारू है। मजदूर विरोधी चार लेबर कोड लेकर न्यूनतम वेतन की धारणा को बदलकर फ्लोरवेज में तब्दील किया गया है। इसके तहत महिलाओं को रात में ड्यूटी करने के लिए मजबूर किया जाएगा। 8 घंटे की जगह 12 घंटे की ड्यूटी करने का भी इसमें प्रावधान है।