{"_id":"618ea4aba5c418490d159041","slug":"opposition-to-direct-recruitment-of-smo-doctors-suspended-work-for-two-hours-in-district-hospital-patient-upset-sonipat-news-rtk629659939","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोई दर्द से कराहता रहा तो कोई उपचार का करता रहा इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोई दर्द से कराहता रहा तो कोई उपचार का करता रहा इंतजार
विज्ञापन
जिला अस्पताल में वर्क सस्पेंड के दौरान सरकार के खिलाफ विरोध प्रकट करते चिकित्सक। संवाद
- फोटो : Sonipat
स्वास्थ्य विभाग में एसएमओ की सीधी भर्ती करने के विरोध में शुक्रवार को जिला नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों ने दो घंटे तक वर्क सस्पेंड रखा। ओपीडी बंद होने के कारण मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। अस्पताल में कोई दर्द से कराहता दिखा तो कोई बुखार से पीड़ित उपचार के लिए ओपीडी शुरू होने का इंतजार करता दिखा। अस्पताल में रोजाना की तरह मरीज सुबह नौ बजे से पहले पहुंचना शुरू हो गए थे। उधर, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर चिकित्सक अस्पताल परिसर में एकत्रित हुए और मांगों को मनवाने के लिए सरकार के खिलाफ रोष जताया। चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सुबह दो घंटे बाद ओपीडी शुरू पर ही मरीजों को उपचार मिल सका।
एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए : डॉ. राहुल
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. राहुल आंतिल ने बताया कि सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में सीधे एसएमओ के पद पर चिकित्सकों की भर्ती करने की योजना बनाई है। योजना में पहले से नियुक्त मेडिकल अधिकारियों की अनदेखी होगी। इस भर्ती प्रक्रिया का चिकित्सकों ने वर्ष 2015 में विरोध किया था और सरकार ने भर्ती को रोकने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे चिकित्सकों में रोष है। इतना ही नहीं चिकित्सकों की पदोन्नति भी लंबे समय से रुकी हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए व पीजी पॉलिसी तैयार करके उसे लागू किया जाए। इस दौरान डॉ. विकास चहल, डॉ. प्यारे लाल, डॉ. रमेश, डॉ. कविता, डॉ. विशाल सैनी, डॉ. राजेश सिंघल, डॉ. संदीप शर्मा, डॉ. सीमा व डॉ. विपिन दलाल सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
ओपीडी बंद होने से दो घंटे तड़पते रहे मरीज
जिला नागरिक अस्पताल में वर्क सस्पेंड के दौरान चिकित्सकों ने दो घंटे तक ओपीडी बंद रखी। इस दौरान मरीज इलाज के लिए तड़पते रहे। अस्पताल में पहुंचा कोई मरीज जोड़ों व पेट दर्द से कराह रहा था तो कोई बुखार से पीड़ित इलाज के लिए गुहार लगा रहा था। मरीज रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह 9 बजे से पहले जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचना शुरू हुए तो ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए काउंटर बंद मिला। वहीं ओपीडी के अंदर डॉक्टर सीट पर नहीं मिले। ऐसे में मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। सुबह 11 बजे हड़ताल खत्म होने के बाद चिकित्सक ओपीडी में पहुंचे तो मरीजों को राहत मिल सकी। ओपीडी पर्ची बनने के बाद मरीजों को चिकित्सक से उपचार मुहैया हो सका।
विज्ञापन
-
मैं आंगनबाड़ी सहायिका के तौर पर महिला एवं बाल विकास विभाग में तैनात हूं। सुबह नौ बजे से पहले जिला अस्पताल में मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आई थी। सुबह नौ बजे ओपीडी शुरू नहीं हुई तो ज्यादा परेशानी हुई। अगर चिकित्सक वर्क सस्पेंड नहीं करते तो मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पूरी हो जाती।
- कुसुमलता निवासी कतलूपुर
गले में दर्द होने के कारण ज्यादा परेशानी हो रही है। जिला अस्पताल में गले के दर्द का निवारण कराने के लिए आया तो चिकित्सक सीट पर नहीं मिले। ओपीडी बंद होने के कारण मैं व अन्य मरीज बाहर भटकते रहे। सुबह 11 बजे के बाद चिकित्सकों की हड़ताल खत्म होने के बाद राहत मिल सकी।
- रविंद्र निवासी असावरपुर
कई दिन से बुखार से पीड़ित हूं। मैं सुबह नौ बजे अस्पताल में पहुंच गई थी। यहां आने पर ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए काउंटर पर पहुंची तो पर खिड़की बंद मिली। इसके बाद पता चला कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं, ऐसे में दो घंटे तक उपचार के लिए इंतजार करना पड़ा।
बबली निवासी बहालगढ़
मेरी पांच साल की बेटी छवि को पेट दर्द है। मैं उसे लेकर अस्पताल में पहुंची तो चिकित्सक आपातकालीन वार्ड के बाहर खड़े होकर प्रदर्शन कर रहे थे। दो घंटे तक चिकित्सकों ने ओपीडी नहीं लगाई। ऐसे में बेटी को लेकर पर्ची बनवाने के लिए काउंटर पर लाइन में लगी रही।
- रेखा निवासी जीवन नगर
मेरे पैरों के जोड़ में काफी समय से दर्द है। जोड़ दर्द के इलाज के लिए अस्पताल में आई तो यहां ओपीडी बंद मिली। डेढ़ घंटे से ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए लाइन में खड़ी हूं। चिकित्सक के हड़ताल से लौटने के बाद ओपीडी शुरू होने पर राहत मिल सकी।
- सतवंती निवासी मुरथल अड्डा
दो दिन से मेरे पेट में काफी दर्द है। घरेलू उपचार करने के बावजूद पेट दर्द से निजात नहीं मिल की। शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आई तो यहां ओपीडी बंद मिली। चिकित्सकों के हड़ताल से लौटने का एक घंटे तक इंतजार किया। ओपीडी शुरू होने के बाद इलाज मिल सका।
- लक्ष्मी निवासी रसोई
विज्ञापन
एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए : डॉ. राहुल
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. राहुल आंतिल ने बताया कि सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में सीधे एसएमओ के पद पर चिकित्सकों की भर्ती करने की योजना बनाई है। योजना में पहले से नियुक्त मेडिकल अधिकारियों की अनदेखी होगी। इस भर्ती प्रक्रिया का चिकित्सकों ने वर्ष 2015 में विरोध किया था और सरकार ने भर्ती को रोकने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे चिकित्सकों में रोष है। इतना ही नहीं चिकित्सकों की पदोन्नति भी लंबे समय से रुकी हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए व पीजी पॉलिसी तैयार करके उसे लागू किया जाए। इस दौरान डॉ. विकास चहल, डॉ. प्यारे लाल, डॉ. रमेश, डॉ. कविता, डॉ. विशाल सैनी, डॉ. राजेश सिंघल, डॉ. संदीप शर्मा, डॉ. सीमा व डॉ. विपिन दलाल सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
विज्ञापन
ओपीडी बंद होने से दो घंटे तड़पते रहे मरीज
जिला नागरिक अस्पताल में वर्क सस्पेंड के दौरान चिकित्सकों ने दो घंटे तक ओपीडी बंद रखी। इस दौरान मरीज इलाज के लिए तड़पते रहे। अस्पताल में पहुंचा कोई मरीज जोड़ों व पेट दर्द से कराह रहा था तो कोई बुखार से पीड़ित इलाज के लिए गुहार लगा रहा था। मरीज रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह 9 बजे से पहले जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचना शुरू हुए तो ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए काउंटर बंद मिला। वहीं ओपीडी के अंदर डॉक्टर सीट पर नहीं मिले। ऐसे में मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। सुबह 11 बजे हड़ताल खत्म होने के बाद चिकित्सक ओपीडी में पहुंचे तो मरीजों को राहत मिल सकी। ओपीडी पर्ची बनने के बाद मरीजों को चिकित्सक से उपचार मुहैया हो सका।
विज्ञापन
-
मैं आंगनबाड़ी सहायिका के तौर पर महिला एवं बाल विकास विभाग में तैनात हूं। सुबह नौ बजे से पहले जिला अस्पताल में मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आई थी। सुबह नौ बजे ओपीडी शुरू नहीं हुई तो ज्यादा परेशानी हुई। अगर चिकित्सक वर्क सस्पेंड नहीं करते तो मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पूरी हो जाती।
- कुसुमलता निवासी कतलूपुर
गले में दर्द होने के कारण ज्यादा परेशानी हो रही है। जिला अस्पताल में गले के दर्द का निवारण कराने के लिए आया तो चिकित्सक सीट पर नहीं मिले। ओपीडी बंद होने के कारण मैं व अन्य मरीज बाहर भटकते रहे। सुबह 11 बजे के बाद चिकित्सकों की हड़ताल खत्म होने के बाद राहत मिल सकी।
- रविंद्र निवासी असावरपुर
कई दिन से बुखार से पीड़ित हूं। मैं सुबह नौ बजे अस्पताल में पहुंच गई थी। यहां आने पर ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए काउंटर पर पहुंची तो पर खिड़की बंद मिली। इसके बाद पता चला कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं, ऐसे में दो घंटे तक उपचार के लिए इंतजार करना पड़ा।
बबली निवासी बहालगढ़
मेरी पांच साल की बेटी छवि को पेट दर्द है। मैं उसे लेकर अस्पताल में पहुंची तो चिकित्सक आपातकालीन वार्ड के बाहर खड़े होकर प्रदर्शन कर रहे थे। दो घंटे तक चिकित्सकों ने ओपीडी नहीं लगाई। ऐसे में बेटी को लेकर पर्ची बनवाने के लिए काउंटर पर लाइन में लगी रही।
- रेखा निवासी जीवन नगर
मेरे पैरों के जोड़ में काफी समय से दर्द है। जोड़ दर्द के इलाज के लिए अस्पताल में आई तो यहां ओपीडी बंद मिली। डेढ़ घंटे से ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए लाइन में खड़ी हूं। चिकित्सक के हड़ताल से लौटने के बाद ओपीडी शुरू होने पर राहत मिल सकी।
- सतवंती निवासी मुरथल अड्डा
दो दिन से मेरे पेट में काफी दर्द है। घरेलू उपचार करने के बावजूद पेट दर्द से निजात नहीं मिल की। शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आई तो यहां ओपीडी बंद मिली। चिकित्सकों के हड़ताल से लौटने का एक घंटे तक इंतजार किया। ओपीडी शुरू होने के बाद इलाज मिल सका।
- लक्ष्मी निवासी रसोई

जिला अस्पताल में ओपीडी शुरू होने के इंतजार में बैठे मरीज। संवाद- फोटो : Sonipat

जिला अस्पताल में ओपीडी बंद होने के कारण पर्ची बनवाने के लिए काउंटर खुलने के इंतजार में खड़े मरीज।- फोटो : Sonipat