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एक की मौत, दो अभी भी गंभीर
Sonipat
Updated Wed, 30 Apr 2014 01:38 AM IST
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पीजीआई खानपुर में खराब एनेस्थीसिया का मामला
गांव खानपुर के पीजीआई अस्पताल में सोमवार को जिन तीन मरीजों की बेहोशी के इंजेक्शन के बाद हालत खराब हो गई थी, उनमें से एक की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक सोनीपत स्थित भीम नगर निवासी अर्जुन पुत्र मांगेराम है। दो अन्य मरीजों में से रामकिशन की हालत अभी गंभीर बनी हुई है, जबकि महिला शकुंतला की हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है। मामले को लेकर पीजीआई प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
ज्ञात हो कि सोमवार को भीम नगर, सोनीपत निवासी अर्जुन पुत्र मांगेराम, गांव खेवड़ा, सोनीपत निवासी शंकुतला पत्नी राजबीर और पानीपत चुंगी गोहाना निवासी रामकिशन पुत्र जीतराम गांव खानपुर कलां के पीजीआई में ऑपरेशन के लिए आए थे। अर्जुन और रामकिशन का हर्निया का और शकुंतला का पथरी का ऑपरेशन होना था।
ऑपरेशन थियेटर में जब तीनों मरीजों को बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया तो इंजेक्शन देने के बाद ही तीनों मरीजों को रिएक्शन शुरू हो गया। हालत ज्यादा खराब होने पर तीनों का ऑपरेशन छोड़ उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि किसी डॉक्टर ने उन्हें नहीं बताया।
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करीब तीन घंटे बाद उन्हें इस कहानी का पता चला जिसके बाद डॉक्टरों ने मामले को गंभीरता से लिया। तीनों मरीजों की स्थिति गंभीर थी जिसके चलते मंगलवार को दोपहर बाद इलाज के दौरान भीम नगर निवासी अर्जुन पुत्र मांगेराम की मौत हो गई। गांव खेवड़ा निवासी शंकुतला पत्नी राजबीर की हालत में कल से सुधार है लेकिन गोहाना में पानीपत चुंगी पर रहने वाले रामकिशन पुत्र जीतराम की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
शकुंतला ही हालत में सुधार
गांव खेवड़ा निवासी शंकुतला पत्नी राजबीर की हालत पहले से ठीक है। इस बात को उसके बेटे मोहित और सन्नी ने बताया कि उन्होंने कहा कि उनकी मां आंखें खोल कर हाथ उठा कर उनसे इशारों में बात कर रही हैं। अगर डॉक्टरों के द्वारा इसी तरह से उनके इलाज का ध्यान रखा गया तो उनकी मां अवश्य ठीक होगी।
जबाव भी नहीं देते डाक्टर
गोहाना में पानीपत चुंगी पर रहने वाले रामकिशन पुत्र जीतराम के परिजन गौरव, धर्मबीर, महासिह और जय भगवान ने कहा कि रामकिशन की हालत सोमवार से ही गंभीर बनी हुई है। कई बार डॉक्टरों को बोल दिया गया कि आप इसको दिल्ली या रोहतक ले जाने के लिए रेफर कर दो हम ले जाएंगे लेकिन डॉक्टर नहीं ले जाने दे रहे। डॉक्टरों ने कहा है कि जो भी दवा और जो डॉक्टर इनके लिए चाहिएगा उसे यहीं पर बुला दिया जाएगा।
पिता के पोस्टमार्टम से इंकार
बेहोशी का इंजेक्शन लगने से हुई अर्जुन पुत्र मांगेराम की मौत के बाद उसके इकलौते बेटे सागर से बात की गई तो उसने कहा कि डॉक्टरों का पूरा सहयोग रहा। मैं अपने पिता के शरीर की चीरा-फाड़ी नहीं करने दूंगा, मुझे अपने पिता के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना है।
इंजेक्शन की जांच शुरू, कंपनी से मांगा प्रमाण पत्र
गांव खानपुर कलां पीजीआई के निदेशक डॉ. आरसी सिचाव ने कहा कि इस मामले की जांच को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम गठित की गई। टीम में संस्थान के अधीक्षक डॉ. एमएस पूनिया, सर्जरी से डॉ. सर्वेश, डॉ. प्रणव बंसल और डॉ. एमके गर्ग को शामिल किया है।
उन्होंने कहा कि अपने स्तर पर उन्होंने जांच की है लेकिन अगर कोई डॉक्टर इंजेक्शन को गलत लगाता तो एक ही डॉक्टर लगाता और एक मरीज की हालत खराब होती लेकिन ये सारी कमी उस इंजेक्शन में है जिसकी जांच दिल्ली सरकारी लैब से कराई जाएगी जिसके लिए उस इंजेक्शन का सैंपल लेने मंगलवार को सोनीपत से ड्रग इंस्पेक्टर हुड्डा आए थे जो कि सैंपल ले गए हैं।
अपने स्तर पर इंजेक्शन को जांच के लिए भेज दिया है। कमी इंजेक्शन में है। कम्पनी से दवाई ठीक होने का प्रमाण पत्र मांग लिया है जिन्होंने प्रमाण पत्र में लिखा है की हमारी दवा ठीक है। तीन हजार इंजेक्शन आने थे लेकिन कम्पनी के द्वारा 100 पीस भेजे गए और उनमें से तीन ही इंजेक्शन को यूज इन मरीजों पर किया गया था जिनकी हालत खराब हुई।
अर्जुन पुत्र मांगेराम की मौत हो गई, शकुंतला हाथ हिलाकर, आँख खोल कर बात करने की कोशिश करती है। लेकिन रामकिशन की हालत अब भी गंभीर है। पूरी गहनता से मामले की जांच होगी दो दिन में इंजेक्शन टेस्ट की रिपोर्ट मंगा ली जाएगी।
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गांव खानपुर के पीजीआई अस्पताल में सोमवार को जिन तीन मरीजों की बेहोशी के इंजेक्शन के बाद हालत खराब हो गई थी, उनमें से एक की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक सोनीपत स्थित भीम नगर निवासी अर्जुन पुत्र मांगेराम है। दो अन्य मरीजों में से रामकिशन की हालत अभी गंभीर बनी हुई है, जबकि महिला शकुंतला की हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है। मामले को लेकर पीजीआई प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
ज्ञात हो कि सोमवार को भीम नगर, सोनीपत निवासी अर्जुन पुत्र मांगेराम, गांव खेवड़ा, सोनीपत निवासी शंकुतला पत्नी राजबीर और पानीपत चुंगी गोहाना निवासी रामकिशन पुत्र जीतराम गांव खानपुर कलां के पीजीआई में ऑपरेशन के लिए आए थे। अर्जुन और रामकिशन का हर्निया का और शकुंतला का पथरी का ऑपरेशन होना था।
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ऑपरेशन थियेटर में जब तीनों मरीजों को बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया तो इंजेक्शन देने के बाद ही तीनों मरीजों को रिएक्शन शुरू हो गया। हालत ज्यादा खराब होने पर तीनों का ऑपरेशन छोड़ उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि किसी डॉक्टर ने उन्हें नहीं बताया।
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करीब तीन घंटे बाद उन्हें इस कहानी का पता चला जिसके बाद डॉक्टरों ने मामले को गंभीरता से लिया। तीनों मरीजों की स्थिति गंभीर थी जिसके चलते मंगलवार को दोपहर बाद इलाज के दौरान भीम नगर निवासी अर्जुन पुत्र मांगेराम की मौत हो गई। गांव खेवड़ा निवासी शंकुतला पत्नी राजबीर की हालत में कल से सुधार है लेकिन गोहाना में पानीपत चुंगी पर रहने वाले रामकिशन पुत्र जीतराम की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
शकुंतला ही हालत में सुधार
गांव खेवड़ा निवासी शंकुतला पत्नी राजबीर की हालत पहले से ठीक है। इस बात को उसके बेटे मोहित और सन्नी ने बताया कि उन्होंने कहा कि उनकी मां आंखें खोल कर हाथ उठा कर उनसे इशारों में बात कर रही हैं। अगर डॉक्टरों के द्वारा इसी तरह से उनके इलाज का ध्यान रखा गया तो उनकी मां अवश्य ठीक होगी।
जबाव भी नहीं देते डाक्टर
गोहाना में पानीपत चुंगी पर रहने वाले रामकिशन पुत्र जीतराम के परिजन गौरव, धर्मबीर, महासिह और जय भगवान ने कहा कि रामकिशन की हालत सोमवार से ही गंभीर बनी हुई है। कई बार डॉक्टरों को बोल दिया गया कि आप इसको दिल्ली या रोहतक ले जाने के लिए रेफर कर दो हम ले जाएंगे लेकिन डॉक्टर नहीं ले जाने दे रहे। डॉक्टरों ने कहा है कि जो भी दवा और जो डॉक्टर इनके लिए चाहिएगा उसे यहीं पर बुला दिया जाएगा।
पिता के पोस्टमार्टम से इंकार
बेहोशी का इंजेक्शन लगने से हुई अर्जुन पुत्र मांगेराम की मौत के बाद उसके इकलौते बेटे सागर से बात की गई तो उसने कहा कि डॉक्टरों का पूरा सहयोग रहा। मैं अपने पिता के शरीर की चीरा-फाड़ी नहीं करने दूंगा, मुझे अपने पिता के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना है।
इंजेक्शन की जांच शुरू, कंपनी से मांगा प्रमाण पत्र
गांव खानपुर कलां पीजीआई के निदेशक डॉ. आरसी सिचाव ने कहा कि इस मामले की जांच को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम गठित की गई। टीम में संस्थान के अधीक्षक डॉ. एमएस पूनिया, सर्जरी से डॉ. सर्वेश, डॉ. प्रणव बंसल और डॉ. एमके गर्ग को शामिल किया है।
उन्होंने कहा कि अपने स्तर पर उन्होंने जांच की है लेकिन अगर कोई डॉक्टर इंजेक्शन को गलत लगाता तो एक ही डॉक्टर लगाता और एक मरीज की हालत खराब होती लेकिन ये सारी कमी उस इंजेक्शन में है जिसकी जांच दिल्ली सरकारी लैब से कराई जाएगी जिसके लिए उस इंजेक्शन का सैंपल लेने मंगलवार को सोनीपत से ड्रग इंस्पेक्टर हुड्डा आए थे जो कि सैंपल ले गए हैं।
अपने स्तर पर इंजेक्शन को जांच के लिए भेज दिया है। कमी इंजेक्शन में है। कम्पनी से दवाई ठीक होने का प्रमाण पत्र मांग लिया है जिन्होंने प्रमाण पत्र में लिखा है की हमारी दवा ठीक है। तीन हजार इंजेक्शन आने थे लेकिन कम्पनी के द्वारा 100 पीस भेजे गए और उनमें से तीन ही इंजेक्शन को यूज इन मरीजों पर किया गया था जिनकी हालत खराब हुई।
अर्जुन पुत्र मांगेराम की मौत हो गई, शकुंतला हाथ हिलाकर, आँख खोल कर बात करने की कोशिश करती है। लेकिन रामकिशन की हालत अब भी गंभीर है। पूरी गहनता से मामले की जांच होगी दो दिन में इंजेक्शन टेस्ट की रिपोर्ट मंगा ली जाएगी।