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Sonipat News: ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अब 25 तक अपलोड करें दावे
Mon, 21 Aug 2023 12:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 21 Aug 2023 12:27 AM IST
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सोनीपत। सरकार ने प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाले नुकसान के सत्यापन, मूल्यांकन और उसके मुआवजे के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दावे अपलोड करने की तिथि बढ़ाकर 25 अगस्त कर दी है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल प्राकृतिक आपदा के मूल्यांकन के लिए पारदर्शी प्रणाली है। जलभराव व बाढ़ प्रभावित किसानों व नागरिकों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल ekshatipurtiharyana.gov.in के नए स्वरूप को लॉन्च किया है। पोर्टल पर नागरिक अपने घर, पशुधन, फसलों, वाणिज्यिक और चल-अचल संपत्ति की क्षति व नुकसान की जानकारी दर्ज करा सकेंगे।
उपायुक्त ने बताया कि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर लोग आपदा में खोए हुए पशुओं की किस्म और संख्या का विवरण अपलोड कर सकते हैं। घर के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में घर का प्रकार यानी कच्चा या पक्का और उसकी क्षति के प्रकार जैसे विवरण देना आवश्यक है। नुकसान का आकलन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के फील्ड स्टाफ की तरफ से कम समय में सत्यापित किया जाएगा। मुआवजे की गणना सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी और उचित प्रक्रिया के बाद निर्धारित मानदंड अनुसार भुगतान किया जाएगा।
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जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल प्राकृतिक आपदा के मूल्यांकन के लिए पारदर्शी प्रणाली है। जलभराव व बाढ़ प्रभावित किसानों व नागरिकों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल ekshatipurtiharyana.gov.in के नए स्वरूप को लॉन्च किया है। पोर्टल पर नागरिक अपने घर, पशुधन, फसलों, वाणिज्यिक और चल-अचल संपत्ति की क्षति व नुकसान की जानकारी दर्ज करा सकेंगे।
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उपायुक्त ने बताया कि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर लोग आपदा में खोए हुए पशुओं की किस्म और संख्या का विवरण अपलोड कर सकते हैं। घर के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में घर का प्रकार यानी कच्चा या पक्का और उसकी क्षति के प्रकार जैसे विवरण देना आवश्यक है। नुकसान का आकलन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के फील्ड स्टाफ की तरफ से कम समय में सत्यापित किया जाएगा। मुआवजे की गणना सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी और उचित प्रक्रिया के बाद निर्धारित मानदंड अनुसार भुगतान किया जाएगा।
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