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अब टीबी मरीजों के परिजनों के भी होंगे टेस्ट

Mon, 20 Dec 2021 01:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 20 Dec 2021 01:27 AM IST
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Now the relatives of TB patients will also be tested
जिला अस्पताल। - फोटो : Sonipat
प्रदीप कौशिक
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सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग अब टीबी मरीजों के परिजनों के भी टेस्ट लेगा। अगर किसी परिजन में टीबी पाई जाती है तो उसका मौके पर ही छह माह के लिए इलाज शुरू कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 24 दिसंबर से क्षय रोग निवारक इलाज (टीबीपीटी) की सुविधा शुरू की जा रही है। टीबी की रोकथाम करना बहुत जरूरी है। इसके लिए सरकार ने देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए वर्ष 2024 तक का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है।
जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 3500 मरीजों को टीबी मुक्त किया जा चुका है। इसके लिए विभाग की ओर से लगातार छह माह तक मरीजों को रोजाना दवा दी गई। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी मरीज के परिजनों का भी टेस्ट लिया जाएगा। योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग उन लोगों का भी टेस्ट करेगा, जिसमें कोई लक्षण नहीं है। इसका पता लगाने के लिए विभाग इगरा नाम का टेस्ट करेगा। अगर कोई पॉजिटिव मिलता है तो उसी समय इलाज शुरू कर दिया जाएगा। संदिग्ध लक्षण के आधार पर मरीजों की जांच के लिए सीबी नेट टेस्ट किए जाते हैं। मरीज में लक्षण नहीं है तो भी भी बीमारी की पहचान की जा सकेगी। संवाद
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छह माह में मिल चुके टीबी के 980 मरीज
जिले में छह माह में टीबी के 980 मरीज मिल चुके हैं। इन मरीजों की पहचान स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनके बलगम में मिले कीटाणु से की गई है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मरीजों को टीबी मुक्त करने के लिए रोजाना दवा दी जा रही है। अब विभाग द्वारा टीबी मरीजों के परिजनों के टेस्ट किए जाएंगे। अगर किसी भी परिजन को टीबी के लक्षण मिलते हैं तो उसकी मौके पर ही इलाज की सुविधा की जाएगी। इसके लिए विभाग की टीमें उनके घरों में जाकर परिजनों के सैंपल लेगी। सैंपल पॉजिटिव मिलने के बाद इलाज मौके पर ही संभव हो सकेगा।
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ये हैं टीबी के लक्षण
टीबी एक संक्रामक रोग है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। टीबी के मरीजों में खांसी के साथ मुंह से खून भी आता है। अगर यह लक्षण दिखाई दें तो जल्द चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को तीन सप्ताह से अधिक खांसी रहती है तो इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सीने में दर्द होना भी टीबी का आम लक्षण है। ज्यादातर लोग सीने में दर्द की समस्या को गंभीरता से नहीं लेते हैं, जो बाद में टीबी के साथ कई और गंभीर बीमारी को बुलावा दे सकता है। अगर बुखार लंबे समय तक है तो टीबी की जांच जरूर करवा लेनी चाहिए। इसके अलावा थकान भी टीबी का लक्षण है।

वर्जन
जिला अस्पताल में टीबी का इलाज संभव है। टीबी के मरीजों के अलावा उनके परिजनों के भी टेस्ट कराए जाएंगे। इसके लिए 24 दिसंबर से क्षय रोग निवारक इलाज की सुविधा शुरू की जा रही है। अगर मरीज के परिवार का कोई सदस्य पॉजिटिव पाया जाता है तो क्षय रोग निवारक इलाज शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. तरुण यादव, उप सिविल सर्जन, सोनीपत
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