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चोरी, लूट की गाड़ी बेचने वाले गिरोह के सरगना से नौ गाड़ी बरामद, भेजा जेल
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आरोपी से बरामद की गई नौ गाडिय़ां व आरोपी सीआईए-2 टीम के साथ।
- फोटो : Sonipat
सीआईए-2 ने लूट व चोरी की लग्जरी गाड़ियों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर और इंजन व चैसिस नंबर बदलकर बेचने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी से नौ वारदातों का खुलासा किया। गिरफ्तार आरोपी जटौला निवासी नवीन उर्फ सोनू ने रिमांड के दौरान फर्जीवाड़ा कर बेची गई नौ गाडिय़ों को भी बरामद कराया है। उसको लूट की इंडेवर गाड़ी नई बताकर 28 लाख रुपये में बेचने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसे रिमांड के बाद अदालत में पेश किया, जहां उसे जेल भेज दिया गया।
सीआईए-2 में नियुक्त एसआई बिजेंद्र सिंह 4 अगस्त को गश्त के दौरान कालूपुर चुंगी पर सूचना के आधार पर लूटी गई इंडेवर गाड़ी पर नंबर प्लेट व चैसिस नंबर फर्जी लगाने के मामले में शास्त्री कालोनी के प्रदीप को पकड़ा था। उसने बताया कि इस गाड़ी को नवीन उर्फ सोनू निवासी जटौला ने नई बताकर 28 लाख रुपये में बेचा था। इस पर पुलिस ने मुख्य आरोपी नवीन उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया था। उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया था। उसने बताया था कि युवक को बेची गई इंडेवर गाड़ी को फरवरी 2019 में द्वारका रोड वसंत कुंज गुरुग्राम से लूटा था। सीआईए-2 ने उसको रिमांड पर लेकर पूछताछ कग। उसने बताया कि इंडेवर गाड़ी पर इंजन व चैसिस नंबर फोर्ड एजेंसी से स्कैन करके लगाया गया था। असलियत में वह इंजन व चैसिस नंबर की इंडेवर गाड़ी गुजरात के अहमदाबाद निवासी मनीष दीनदयाल की थी। एक्सीडेंट में गाड़ी पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। जिसको आरोपी नवीन ने कबाड़ के तौर पर खरीद कर उत्तर प्रदेश के मेरठ से तैयार कराया था। स्केन होने पर गाड़ी का असली नंबर भी मिल गया, जिसको द्वारका रोड दिल्ली से लूटा गया था।
इन मामलों से उठा पर्दा
पुलिस के अनुसार आरोपी के रिमांड के दौरान कई मामलों से पर्दा उठा है।
-पुलिस ने बताया कि 12 अगस्त को आरोपी द्वारा बेची गई इनोवा गाड़ी को उसकी निशानदेही पर प्रदीप निवासी सेक्टर-2 रोहतक से फर्जी कागजात सहित बरामद किया गया है। गाड़ी के मालिक विजय निवासी जींद ने बताया कि उसने कभी इनोवा गाड़ी खरीदी ही नहीं है। उसका आधार कार्ड भी फर्जी लगाया गया है। गाड़ी को स्केन करने के बाद ही असल मालिक व घटना स्थल का पता चलेगा।
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-12 अगस्त को आरोपी की निशानदेही पर बैंयापुर गैराज से तीन गाडिय़ां चाबी सहित बरामद की। क्रेटा, ब्रेजा व आई-20 थी। इनमें से ब्रेजा का मारूति एजेंसी सोनीपत से स्केन कराने पर पता चला कि उसका मालिक मक्खन सिंह पंजाब का निवासी है। उसने एक्सीडेंट होने पर गाड़ी को कबाड़ में बटाला पंजाब से खरीदा था। स्केन होने के बाद गाड़ी की असली मालिक मीनाक्षी मक्कड़ निवासी मुखर्जी नगर दिल्ली मिली। उनकी गाड़ी 14 मार्च को मुखर्जी नगर से चोरी हो गई थी। उसकी रिपोर्ट मुखर्जी नगर दिल्ली में दर्ज है।
-आरोपी के बताए अनुसार चार गाडिय़ा असल बताकर बेची गई थी। इनमें से क्रेटा व आई-20 बरामद कर ली गई हैं। आई-20 कार 13 जून को भजनपुरा दिल्ली से चोरी की गई थी। बरामद की गई कुल 9 गाडिय़ों में से दो स्केन हुई हैं। बाकी 7 गाड़ी स्केन कराई जा रही हैं।
प्रदीप की भूमिका मिली संदिग्ध, गिरफ्तार करेगी पुलिस
सीआईए-2 टीम की जांच में इंडेवर गाड़ी के साथ पकड़े गए शास्त्री कालोनी के प्रदीप की भूमिका संदिग्ध मिली है। मामले में गिरफ्तार नवीन ने रिमांड के दौरान बताया है कि प्रदीप ही उसे स्क्रेप की गाडिय़ां खरीदने को पैसे देता था। बाद में यूपी से चैसिस व नंबर प्लेट लगी गाड़ी मिलने पर उसे आगे बेचा जाता था। जिसका मुनाफा वह प्रदीप के साथ मिलकर बांट देता था। अब पुलिस प्रदीप को भी गिरफ्तार करेगी।
सीआईए-2 की टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए नौ गाडिय़ों को बरामद कर लिया है। टीम मामले में लगातार बेहतर काम कर रही है। जल्द मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत।
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सीआईए-2 में नियुक्त एसआई बिजेंद्र सिंह 4 अगस्त को गश्त के दौरान कालूपुर चुंगी पर सूचना के आधार पर लूटी गई इंडेवर गाड़ी पर नंबर प्लेट व चैसिस नंबर फर्जी लगाने के मामले में शास्त्री कालोनी के प्रदीप को पकड़ा था। उसने बताया कि इस गाड़ी को नवीन उर्फ सोनू निवासी जटौला ने नई बताकर 28 लाख रुपये में बेचा था। इस पर पुलिस ने मुख्य आरोपी नवीन उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया था। उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया था। उसने बताया था कि युवक को बेची गई इंडेवर गाड़ी को फरवरी 2019 में द्वारका रोड वसंत कुंज गुरुग्राम से लूटा था। सीआईए-2 ने उसको रिमांड पर लेकर पूछताछ कग। उसने बताया कि इंडेवर गाड़ी पर इंजन व चैसिस नंबर फोर्ड एजेंसी से स्कैन करके लगाया गया था। असलियत में वह इंजन व चैसिस नंबर की इंडेवर गाड़ी गुजरात के अहमदाबाद निवासी मनीष दीनदयाल की थी। एक्सीडेंट में गाड़ी पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। जिसको आरोपी नवीन ने कबाड़ के तौर पर खरीद कर उत्तर प्रदेश के मेरठ से तैयार कराया था। स्केन होने पर गाड़ी का असली नंबर भी मिल गया, जिसको द्वारका रोड दिल्ली से लूटा गया था।
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इन मामलों से उठा पर्दा
पुलिस के अनुसार आरोपी के रिमांड के दौरान कई मामलों से पर्दा उठा है।
-पुलिस ने बताया कि 12 अगस्त को आरोपी द्वारा बेची गई इनोवा गाड़ी को उसकी निशानदेही पर प्रदीप निवासी सेक्टर-2 रोहतक से फर्जी कागजात सहित बरामद किया गया है। गाड़ी के मालिक विजय निवासी जींद ने बताया कि उसने कभी इनोवा गाड़ी खरीदी ही नहीं है। उसका आधार कार्ड भी फर्जी लगाया गया है। गाड़ी को स्केन करने के बाद ही असल मालिक व घटना स्थल का पता चलेगा।
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-12 अगस्त को आरोपी की निशानदेही पर बैंयापुर गैराज से तीन गाडिय़ां चाबी सहित बरामद की। क्रेटा, ब्रेजा व आई-20 थी। इनमें से ब्रेजा का मारूति एजेंसी सोनीपत से स्केन कराने पर पता चला कि उसका मालिक मक्खन सिंह पंजाब का निवासी है। उसने एक्सीडेंट होने पर गाड़ी को कबाड़ में बटाला पंजाब से खरीदा था। स्केन होने के बाद गाड़ी की असली मालिक मीनाक्षी मक्कड़ निवासी मुखर्जी नगर दिल्ली मिली। उनकी गाड़ी 14 मार्च को मुखर्जी नगर से चोरी हो गई थी। उसकी रिपोर्ट मुखर्जी नगर दिल्ली में दर्ज है।
-आरोपी के बताए अनुसार चार गाडिय़ा असल बताकर बेची गई थी। इनमें से क्रेटा व आई-20 बरामद कर ली गई हैं। आई-20 कार 13 जून को भजनपुरा दिल्ली से चोरी की गई थी। बरामद की गई कुल 9 गाडिय़ों में से दो स्केन हुई हैं। बाकी 7 गाड़ी स्केन कराई जा रही हैं।
प्रदीप की भूमिका मिली संदिग्ध, गिरफ्तार करेगी पुलिस
सीआईए-2 टीम की जांच में इंडेवर गाड़ी के साथ पकड़े गए शास्त्री कालोनी के प्रदीप की भूमिका संदिग्ध मिली है। मामले में गिरफ्तार नवीन ने रिमांड के दौरान बताया है कि प्रदीप ही उसे स्क्रेप की गाडिय़ां खरीदने को पैसे देता था। बाद में यूपी से चैसिस व नंबर प्लेट लगी गाड़ी मिलने पर उसे आगे बेचा जाता था। जिसका मुनाफा वह प्रदीप के साथ मिलकर बांट देता था। अब पुलिस प्रदीप को भी गिरफ्तार करेगी।
सीआईए-2 की टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए नौ गाडिय़ों को बरामद कर लिया है। टीम मामले में लगातार बेहतर काम कर रही है। जल्द मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत।