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अपने हितों के आगे नहीं दिखा मरीजों का दर्द

Thu, 11 Aug 2016 12:23 AM IST
Sonipat
Sonipat Updated Thu, 11 Aug 2016 12:23 AM IST
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nhm employees on strike, hospital affected, Sonipat
शिशु रोग विशेषज्ञ के आने के इंतजार में बैठे मरीज - फोटो : amar ujala
प्रदेश की कैबिनेट मंत्री कविता जैन के शहर का सरकारी अस्पताल। लगातार दूसरे दिन एनएचएम कर्मी हड़ताल पर रहे, जिसके चलते दूर-दूर से आए मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अपने हितों के आगे कर्मचारियों को मरीजों का दर्द नजर नहीं आया। हालांकि शाम तक जब सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों की दो मांग मान ली तो वे काम पर लौट आए। इससे पहले मंगलवार बुधवार सुबह नागरिक अस्पताल के प्रांगण में दिए गए धरने पर एनएचएम के करीब 450 अनुबंधित कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हड़ताल में एंबुलेंस सेवा, गाइनी वार्ड, ओपीडी और अन्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित रही। वहीं हड़ताल के चलते दूसरे दिन भी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ा, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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स्टाफ हड़ताल पर, डाक्टर भी नजर आए असहाय
अस्पताल में करीब एक घंटा पहले ही शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा कुर्सी छोड़े जाने के बाद मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन दोपहर 2 बजे तक विशेषज्ञ न मिलने के बाद बीमार बच्चों के परिजनों ने रोष व्यक्त किया। वहीं हड़ताल में जिले का सभी आयुष स्टाफ, संपूर्ण मोबाइल हेल्थ टीम, एएनएम स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्निशियन, एंबुलेंस ड्राइवर, सूचना सहायक, लेखा सहायक, आशा कोआर्डिनेटर, ईएमटी और ऑफिस स्टाफ आदि शामिल रहे।
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सर्व कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों व कांग्रेसियों ने दिया समर्थन
हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मियों को सर्व कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने समर्थन किया। एनएचएम कर्मियों के धरने पर सर्व कर्मचारी संघ नेता आनंद शर्मा, रामेहर शर्मा सहित अन्य भी मौजूद रहे। वहीं युवा कांग्रेस सोनीपत विधानसभा अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा भी एनएचएम कर्मियों के धरने पर पहुंचे। इसके अलावा हरियाणा हैल्थ मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन जिला अध्यक्ष सुभाष व स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव कप्तान राणा ने भी अपना समर्थन दिया है।
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हड़ताली कर्मियों के ये रही मांगे
1. अनुबंधित कर्मचारियों की छंटनी को तुरंत प्रभाव से रोका जाए और किसी भी कर्मचारी की सेवाएं समाप्त न की जाए।
2. स्टेट स्लैब वरिष्ठता के आधार पर सभी कर्मचारियों के लिए तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।
3. सभी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए तुरंत प्रभाव से पॉलिसी बनाई जाए।
4. सभी कर्मचारियों को समान काम समान वेतन दिया जाए।
5. सभी कर्मचारियों का वेतन हर माह की पहली तारीख को दिया जाना सुनिश्चित करें।
6. अर्बन हेल्थ सेंटर और पॉली क्लीनिक में कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों को भी वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए।

ये बोले बीमार बच्चों के परिजन
देवरानी को सुबह बच्चा हुआ है, उल्टी आ रही है
अस्पताल के गायनी वार्ड में उसकी देवरानी को बच्चा हुआ है। बच्चे को दिखाने के लिए वह शिशु रोग विशेषज्ञ के पास आई थी, लेकिन यहां पर कुर्सी खाली पड़ी हुई है। विशेषज्ञ नहीं मिलने से उन्हें परेशानी हो रही है।
पिंकी निवासी कबीपुर
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बच्चे के अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट देखने वाला कोई नहीं
अस्पताल में अपने बच्चे आर्यन के अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट दिखाने के लिए डॉक्टर के पास आई थी। उसे आए करीब आधे घंटे से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अभी तक शिशु रोग विशेषज्ञ अपनी सीट नहीं आए।
 आर्यन के साथ छन्नो निवासी कुंडली

ये बोले कर्मचारी नेता
सरकार द्वारा दो मांगें माने जाने के बाद कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल को समाप्त कर दिया है। बाकी मांगों को जल्द ही समाधान करने का आश्वासन उन्हें सरकार से मिला है।

-राजेश छिक्कारा, जिला प्रधान, एनएचएम कर्मचारी संघ

शिशु रोग विशेषज्ञ ओपीडी के दौरान एसएनसीयू में दाखिल बच्चों व ऑपरेशन थियेटर में दाखिल मरीजों को चेक कर रहे थे। शिशु रोग विशेषज्ञ अस्पताल के अंदर ही थे।
-डॉ. जेएस पूनिया, सिविल सर्जन
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