{"_id":"30bec535ecd92a3766950e3a04ee6975","slug":"ngt-decision-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली नंबर वाली गाड़ियों से जहरीली हो रही सोनीपत की हवा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली नंबर वाली गाड़ियों से जहरीली हो रही सोनीपत की हवा
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sat, 19 Dec 2015 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली से सटे होने का फायदा सोनीपत को एनसीआर के रूप में कम ही मिल रहा है, लेकिन नुकसान ज्यादा हो रहा है। मसलन एक ओर तो दिल्ली का ग्रीन टैक्स सोनीपत की सड़कों पर भारी पड़ रहा था तो अब दिल्ली की पुरानी गाड़ियां सोनीपत में पर्यावरण के लिए खतरा बनती जा रही हैं। दिल्ली में जो गाड़ियां कुछ ही सालों में बंद हो जाएंगी, उनकी सोनीपत में जमकर बिकवाली हो रही है। आलम यह है कि सोनीपत में पिछले कुछ समय से पुरानी गाड़ियों के डीलरों के पास दिल्ली नंबर की गाड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है। वजह साफ सी है दिल्ली के लोग गाड़ियों को सस्ते दामों पर बेच रहे हैं जबकि वहीं गाड़ियां सोनीपत में अधिक दामों में बिक जाती हैं। मुनाफा कमाने के चक्कर में दिल्ली की गाड़ियां लाकर सोनीपत में प्रदूषण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस ओर अब तक प्रशासन का ध्यान नहीं गया है। वैसे भी डीजल की गाड़ियां पेट्रोल गाड़ियों के मुकाबले 7 गुणा अधिक हानिकारक गैसों का उत्सर्जन करती हैं।
दिल्ली से सस्ता खरीदो और मुनाफे में बेचो
दिल्ली में एनजीटी के निर्देशों के तहत डीजल की 10 साल और पेट्रोल की 15 साल पुरानी गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया दिया गया है। इसके चलते जिन लोगों की गाड़ियों उम्र सीमा बताई गई उम्र के करीब है, वे लोग अपनी गाड़ियां सस्ते दामों में बेच रहे हैं। अब खेल यह चल रहा है कि सोनीपत में पुरानी गाड़ी बेचने वाले कुछ डीलर दिल्ली से सस्ते दामों में गाड़ियां खरीदकर लाते हैं और यहां लाकर अच्छा मुनाफा कमाते हुए उन गाड़ियां को बेचते हैं।
डीजल सबसे ज्यादा, बाद में सीएनजी
दिल्ली नंबर की गाड़ियां शहर के लगभग हर पुराने गाड़ी विक्रेता डीलर के यहां मिल जाएंगी। इन्हीं में से एक डीलर से बातचीत की गई तो उसने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दिल्ली की गाड़ियों में सबसे ज्यादा वैराएटी डीजल वाली गाड़ियों की मिलेगी। इसके बाद नंबर सीएनजी वाली गाड़ी का आता है। तीसरे नंबर पर पेट्रोल की गाड़ियां हैं।
विज्ञापन
अच्छा है मार्जिन, इसीलिए लाते हैं दिल्ली से माल
एक डीलर ने बताया कि दिल्ली में जो गाड़ी हम लगभग सवा लाख रुपये की खरीदते हैं, उसी के समकक्ष इंजन और मॉडल वाली गाड़ियां सोनीपत में लगभग डेढ़ लाख रुपये में बिकती है। सबसे ज्यादा मुनाफा डीजल की गाड़ियों में है। डीलर के अनुसार दिल्ली में 5 से 9 साल पुरानी गाड़ियों की जबरदस्त बिकवाली हो रही है, जिसके चलते कम दामों में अच्छी गाड़ी मिल जाती है। मार्जिन अच्छा मिलता है, इसीलिए दिल्ली से माल लेकर आते हैं।
सबसे कम प्रदूषण फैलाती हैं सीएनजी गाड़ियां
प्रदूषण विभाग के अधिकारियों की मानें तो डीजल की गाड़ियां, पेट्रोल की गाड़ियों के मुकाबले 7 गुणा अधिक प्रदूषण करती हैं। वातावरण में पीएम 2.5 और पीएम 10 के अलावा सल्फर डाईऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की मात्रा डीजल की गाड़ियों के धुएं में ज्यादा पाई जाती है। इतना ही नहीं सीएनजी की गाड़ियों से निकलने वाले धुएं में उपरोक्त की मात्रा सबसे कम पाई जाती है।
यह है सोनीपत में प्रदूषण का स्तर
क्या है स्थिति कितनी आदर्श
पीएम 2.5 261 60
पीएम 10 250 100
सल्फर डाई ऑक्साइड 9.4 से 15.8 80
नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड 15.0 से 17.0 80
नोट : उपरोक्त की मात्रा 11 नवंबर को दर्ज की गई थी, इसके बाद अब तक प्रदूषण नहीं दर्ज किया गया। उपरोक्त दोनों गैस की मौजूदा स्थिति एक दिन की है, जबकि आदर्श स्थिति साल की दर्शाई गई है।
डीजल की गाड़ियां पर्यावरण के लिए अत्यधिक घातक हैं। नियमों के अनुसार किसी भी दूसरे राज्य की गाड़ी बिना एनओसी के रजिस्टर्ड नहीं हो सकती। अगर सोनीपत में दिल्ली की पुरानी गाड़ियां बिक रही हैं, तो इस संदर्भ में उच्चाधिकारियों से बातचीत की जाएगी। वैसे भी दिल्ली की ही तरह एनसीआर में भी दिल्ली वाले नियम लागू होंगे।
-राजीव अहलावत, आरटीए, सोनीपत
विज्ञापन
दिल्ली से सस्ता खरीदो और मुनाफे में बेचो
दिल्ली में एनजीटी के निर्देशों के तहत डीजल की 10 साल और पेट्रोल की 15 साल पुरानी गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया दिया गया है। इसके चलते जिन लोगों की गाड़ियों उम्र सीमा बताई गई उम्र के करीब है, वे लोग अपनी गाड़ियां सस्ते दामों में बेच रहे हैं। अब खेल यह चल रहा है कि सोनीपत में पुरानी गाड़ी बेचने वाले कुछ डीलर दिल्ली से सस्ते दामों में गाड़ियां खरीदकर लाते हैं और यहां लाकर अच्छा मुनाफा कमाते हुए उन गाड़ियां को बेचते हैं।
विज्ञापन
डीजल सबसे ज्यादा, बाद में सीएनजी
दिल्ली नंबर की गाड़ियां शहर के लगभग हर पुराने गाड़ी विक्रेता डीलर के यहां मिल जाएंगी। इन्हीं में से एक डीलर से बातचीत की गई तो उसने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दिल्ली की गाड़ियों में सबसे ज्यादा वैराएटी डीजल वाली गाड़ियों की मिलेगी। इसके बाद नंबर सीएनजी वाली गाड़ी का आता है। तीसरे नंबर पर पेट्रोल की गाड़ियां हैं।
विज्ञापन
अच्छा है मार्जिन, इसीलिए लाते हैं दिल्ली से माल
एक डीलर ने बताया कि दिल्ली में जो गाड़ी हम लगभग सवा लाख रुपये की खरीदते हैं, उसी के समकक्ष इंजन और मॉडल वाली गाड़ियां सोनीपत में लगभग डेढ़ लाख रुपये में बिकती है। सबसे ज्यादा मुनाफा डीजल की गाड़ियों में है। डीलर के अनुसार दिल्ली में 5 से 9 साल पुरानी गाड़ियों की जबरदस्त बिकवाली हो रही है, जिसके चलते कम दामों में अच्छी गाड़ी मिल जाती है। मार्जिन अच्छा मिलता है, इसीलिए दिल्ली से माल लेकर आते हैं।
सबसे कम प्रदूषण फैलाती हैं सीएनजी गाड़ियां
प्रदूषण विभाग के अधिकारियों की मानें तो डीजल की गाड़ियां, पेट्रोल की गाड़ियों के मुकाबले 7 गुणा अधिक प्रदूषण करती हैं। वातावरण में पीएम 2.5 और पीएम 10 के अलावा सल्फर डाईऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की मात्रा डीजल की गाड़ियों के धुएं में ज्यादा पाई जाती है। इतना ही नहीं सीएनजी की गाड़ियों से निकलने वाले धुएं में उपरोक्त की मात्रा सबसे कम पाई जाती है।
यह है सोनीपत में प्रदूषण का स्तर
क्या है स्थिति कितनी आदर्श
पीएम 2.5 261 60
पीएम 10 250 100
सल्फर डाई ऑक्साइड 9.4 से 15.8 80
नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड 15.0 से 17.0 80
नोट : उपरोक्त की मात्रा 11 नवंबर को दर्ज की गई थी, इसके बाद अब तक प्रदूषण नहीं दर्ज किया गया। उपरोक्त दोनों गैस की मौजूदा स्थिति एक दिन की है, जबकि आदर्श स्थिति साल की दर्शाई गई है।
डीजल की गाड़ियां पर्यावरण के लिए अत्यधिक घातक हैं। नियमों के अनुसार किसी भी दूसरे राज्य की गाड़ी बिना एनओसी के रजिस्टर्ड नहीं हो सकती। अगर सोनीपत में दिल्ली की पुरानी गाड़ियां बिक रही हैं, तो इस संदर्भ में उच्चाधिकारियों से बातचीत की जाएगी। वैसे भी दिल्ली की ही तरह एनसीआर में भी दिल्ली वाले नियम लागू होंगे।
-राजीव अहलावत, आरटीए, सोनीपत