फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Negotiation of daughter as a teacher, fraudulently deposited Rs 1.24 lakh in the account

बेटी का शिक्षक बनकर की बातचीत, धोखाधड़ी से खाते में डलवाए 1.24 लाख रुपये

Mon, 26 Sep 2022 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2022 01:03 AM IST
विज्ञापन
Negotiation of daughter as a teacher, fraudulently deposited Rs 1.24 lakh in the account
आरके कॉलोनी मुरथल निवासी मनी ट्रांसफर एजेंट से साइबर ठगों ने 1.24 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने पीड़ित से उसकी बेटी का शिक्षक बनकर बातचीत की और अपने भाई का एक्सीडेंट हो जाने का झांसा देकर तीन बार में 1.24 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। देर रात पीड़ित ने शिक्षक के पास फोन किया तो उनको ठगी का पता चला। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी है।
विज्ञापन

आरके कॉलोनी निवासी सत्यवान सिंह ने मुरथल थाना पुलिस को बताया कि उनका मनी ट्रांसफर का काम है। वह रुपी-पे फिनटेक कंपनी के प्रतिनिधि हैं। वह कंपनी के पोर्टल से ही अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से मनी ट्रांसफर करते हैं। उनकी पत्नी मीनू के पास 22 सितंबर को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि वह उनकी बेटी का शिक्षक राजकुमार बोल रहा है। उनके भाई का एक्सीडेंट हो गया है। आप सत्यवान का नंबर दे दो, मुझको रुपयों की जरूरत है। मीनू से नंबर लेने के बाद साइबर ठग ने मास्टर राजकुमार के नाम से फोन किया और अपने भाई का एक्सीडेंट होने की जानकारी दी। जिस पर उन्होंने भरोसा करते हुए 44 हजार रुपये साइबर ठग के बताए खाते में भेज दिए। कुछ देर बाद उसने और रुपयों की मांग की। इस पर 30 हजार रुपये और भेज दिए। कुछ ही देर में भाई की हालत गंभीर होने पर उसने और ज्यादा रुपये मांगे। इस पर सत्यवान ने 50 हजार रुपया और भेज दिया। साइबर ठग ने अलग-अलग नौ मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया।
विज्ञापन

सत्यवान सिंह ने बताया कि साइबर ठगी करने वाला शिक्षक राजकुमार जैसी ही आवाज निकाल रहा था। वह शिक्षक का काफी सम्मान करते हैं। ऐसे में वह और बड़ी धनराशि उनके भाई के उपचार के लिए भेजने की तैयारी कर चुके थे। इसी दौरान उन्होंने अपने पास मौजूद मास्टर राजकुमार के नंबर पर संपर्क कर भाई की सेहत का पता किया। मास्टर राजकुमार ने कहा कि उनके भाई का एक्सीडेंट नहीं हुआ है और न ही उन्होंने रुपये मंगवाए हैं। तब जाकर ठगी का पता लगा। उसने मामले से पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

38 बार ट्रांजेक्शन में गए रुपये
मनी ट्रांसफर कंपनी ने सुरक्षा की दृष्टि से सॉफ्टवेयर अपडेट किया हुआ है। कोई भी राशि एक ही बार में ट्रांसफर नहीं होती है। एक बार में राशि सलेक्ट कर देने के बाद उसका सक्सेस कोड जनरेट होता है और पार्ट पेमेंट में भुगतान होने लगता है। इस बीच में आशंका होने पर पेमेंट ट्रांसफर को रोका जा सकता है। यही कारण रहा कि 1.24 लाख रुपये की राशि साइबर ठग के पास कुल 38 ट्रांजेक्शन में पहुंचे। साइबर ठग को पीड़ित से संबंधित काफी जानकारी थी। उसे पता था कि पीड़ित की बेटी के शिक्षक का नाम राजकुमार है।

मामले को लेकर शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर ठगी में प्रयुक्त मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के आधार पर जांच की जा रही है। इस मामले में साइबर एक्सपर्ट से मदद ली जा रही है। जल्द मामले का पटाक्षेप किया जाएगा। -इंस्पेक्टर रवि कुमार, थाना प्रभारी, मुरथल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed