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नौकरीपेशा व जमींदारों को बंट गया राशन, 5091 लोग पहले ही गायब हो गए

Fri, 05 Jun 2020 12:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2020 12:27 AM IST
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negligence
सोनीपत। कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन में जरूरतमंदों का पेट भर सके इसके लिए ही सरकार ने बिना कार्ड वाले परिवारों को राशन देने के लिए कूपन बंटवाए, जिसके लिए सर्वे भी कराया गया और उस सर्वे के आधार पर 21832 परिवारों की लिस्ट भी तैयार की गई। लेकिन इसमें अधिकांश नौकरीपेशा, जमींदार व ऐसे लोगों को शामिल कर दिया गया, जिनको राशन की जरूरत ही नहीं थी। इन लोगों के घर कूपन भी पहुंच गया और वह राशन भी लेकर चले गए। जबकि उस सर्वे लिस्ट में शामिल 5091 गरीब परिवार कूपन बंटने तक गायब हो गए तो राशन के बिना काफी जरूरतमंद परिवार रह गए। डीसी ने अधिकारियों से राशन वितरण को लेकर पूरी जानकारी मांगी है और यह जानकारी तीन दिन में डीसी के पास पहुंचानी होगी।
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लॉकडाउन के दौरान सरकार ने सबसे पहले कार्ड धारकों को राशन बंटवाया था, जिससे किसी को भूखा न रहना पड़ा। लेकिन यहां ऐसे भी काफी परिवार थे, जिनके पास राशन कार्ड नहीं था और उनको राशन के बिना पेट भरना मुश्किल हो रहा था। यह जरूर था कि उन परिवारों के आधार कार्ड यहां के बने हुए थे। उनके लिए सरकार ने योजना बनाई कि आधार कार्ड के आधार पर उनको कूपन दिया जाएगा, जिसपर परिवार के प्रति व्यक्ति के आधार पर 5 किलो गेहूं दिया जाएगा और एक कूपन पर एक किलो चने की दाल दी जाएगी। इसके लिए जिले में सक्षम युवाओं व शिक्षकों से सर्वे कराया गया, जिसके लिए कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी में शहरी क्षेत्र में पार्षदों को शामिल किया गया था तो ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच व अन्य को शामिल कर दिया गया। इन कमेटी में अधिकतर भाजपा के नेता शामिल रहे। इन कमेटियों ने 21832 परिवारों की लिस्ट तैयार करके अधिकारियों को भेज दी, जिनको कूपन बांटने शुरू कर दिए गए। जब कूपन बांटने शुरू किए गए तो 5091 परिवारों का पता ही नहीं लग सका और वह परिवार गायब मिले। इस तरह 16741 परिवार ऐसे रह गए, जिनको राशन के लिए कूपन बांटे गए। यह कूपन बांटने में सामने आया कि सर्वे करके लिस्ट में ऐसे परिवार शामिल कर दिए गए, जिनको मुफ्त राशन की जरूरत नहीं है। उनमें कोई सरकारी नौकरी कर रहा है तो कोई अन्य जगह नौकरी करता है। किसी की काफी जमीन है तो कोई व्यापार कर रहा है। उनका राशन कार्ड भी पहले से बना हुआ है। ऐसे लोगों को केवल कूपन ही नहीं दिए गए, बल्कि उस कूपन पर राशन भी लेकर चले गए। इस तरह से पूरा मामला सामने आया है। हालांकि अब डीसी श्यामलाल पूनिया ने जिले में शुरूआत से लेकर अभी तक सभी योजना के तहत वितरित किए गए राशन का पूरा ब्यौरा अधिकारियों से मांग लिया है। जिसमें एडीसी, एसडीएम व अन्य अधिकारियों को पूरा ब्यौरा देना होगा।
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ब्लॉक में सर्वे करके इतने परिवारों को बांटे कूपन
ब्लॉक परिवार कूपन बांटे गायब परिवार
गन्नौर 2066 2066 0
मुरथल 407 373 34
राई 348 326 22
खरखौदा 266 266 0
गोहाना 1817 1671 146
मुंडलाना 901 879 22ं
सोनीपत 412 411 1
कथूरा 940 910 30
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निकाय क्षेत्रों में सर्वे करके इतने परिवारों को बांटे कूपन
गन्नौर 964 964 0
खरखौदा 55 55 0
गोहाना 634 517 117
सोनीपत 4829 3364 1465
कुंडली 8193 4937 3266
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