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Sonipat News: प्रदूषण में कमी आते ही फिर सुलगी लापरवाही

Tue, 13 Jan 2026 01:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 13 Jan 2026 01:32 AM IST
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Negligence flares up again as pollution decreases
फोटो :04: सोनीपत में ओल्ड डीसी रोड पर कूड़े में लगाई गई आग से उठता धुआं। संवाद - फोटो : reasi news
सोनीपत। वायु गुणवत्ता में सुधार होते ही लोग लापरवाही बरतने लगे हैं। प्रदूषण घटते ही शहर और आसपास के इलाकों में लोग कूड़े के ढेर में आग लगाने शुरू कर दिए हैं। रात होते ही कच्चे क्वार्टर के पास ओल्ड डीसी रोड, बहालगढ़ समेत अन्य स्थानों पर कूड़े में आग लगाई जा रही है।
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दिन में यह आग बुझा दी जाती है लेकिन रात के समय न तो निगरानी रहती है और न ही कोई कार्रवाई होती है। कूड़े मेंं आग लगाने से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि सांस के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों की सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
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सोनीपत में रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 121 था। सोमवार को यह 139 पहुंच गया। एक जनवरी से इसमें सुधार हुआ है। इससे पहले दिसंबर के पहले सप्ताह में एक्यूआई 300 से अधिक था। उसके बाद पूरे माह 225 से 299 तक रहा था।
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ग्रैप-3 हटते ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड टीम की सक्रियता घटी
वायु प्रदूषण में अस्थायी सुधार के बाद ग्रैप-3 के नियम हटते ही नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सक्रियता भी कम होती नजर आ रही है। जिन इलाकों में पहले नियमित निगरानी और सख्ती दिखाई देती थी वहां अब कूड़ा जलाने की घटनाएं खुलेआम होने लगी हैं। न तो मौके पर टीम पहुंच रही है और न ही जुर्माने या कानूनी कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं।
जागरूकता की कमी की वजह से लोग जला रहे कूड़ा : देवेंद्र
पर्यावरण मित्र देवेंद्र सूरा का मानना है कि कूड़ा जलाने की प्रवृत्ति के पीछे लोगों में जागरूकता की भारी कमी एक बड़ा कारण है। कई लोग यह नहीं समझते कि प्लास्टिक, पॉलिथीन और मिश्रित कचरा जलाने से निकलने वाला धुआं सीधे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। यह केवल प्रदूषण नहीं बल्कि धीमा जहर है जो हर सांस के साथ शरीर में उतर रहा है।

स्थायी समाधान की जरूरत

पर्यावरण प्रेमी डॉ. अनीता सिंह का कहना है कि जब तक कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था मजबूत नहीं होगी और लोगों को इसके दुष्परिणाम के बारे में नहीं बताया जाएगा तब तक ऐसी घटनाएं रुकना मुश्किल है। कूड़े का वैज्ञानिक निपटान, नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई ही प्रदूषण को दोबारा बढ़ने से रोक सकती है। प्रदूषण में आई राहत कहीं फिर धुएं में न बदल जाए इसके लिए प्रशासन और नागरिकों दोनों को जिम्मेदारी निभानी होगी।


कूड़ा जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का प्रावधान है। यदि किसी क्षेत्र में कूड़ा जलाने की सूचना मिलती है तो संबंधित एजेंसियों को तुरंत सूचित किया जाता है। आने वाले दिनों में रात की गश्त और औचक निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश दिए जाएंगे। -अजय मलिक, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सोनीपत।

फोटो :04: सोनीपत में ओल्ड डीसी रोड पर कूड़े में लगाई गई आग से उठता धुआं। संवाद

फोटो :04: सोनीपत में ओल्ड डीसी रोड पर कूड़े में लगाई गई आग से उठता धुआं। संवाद- फोटो : reasi news

फोटो :04: सोनीपत में ओल्ड डीसी रोड पर कूड़े में लगाई गई आग से उठता धुआं। संवाद

फोटो :04: सोनीपत में ओल्ड डीसी रोड पर कूड़े में लगाई गई आग से उठता धुआं। संवाद- फोटो : reasi news

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