फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   murder of young son

शराब पीकर माता-पिता के साथ अक्सर करता था झगड़ा, कलह में बहा दिया कलेजे के टूकड़े का खून

Mon, 21 Sep 2020 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2020 11:39 PM IST
विज्ञापन
murder of young son
घटती सहनशीलता और रिश्तों में आ रही गिरावट के कारण अपने ही अपनों के खून के प्यासे बन रहे हैं। मामूली बात पर आपा खो रहे लोग अपनों का कत्ल करने से भी पीछे नहीं हटते। गांव बनवासा की घटना भी लोगों को झकझोर देने वाली है। जिस मां-बाप ने लालन-पालन कर पवन को बड़ा किया उन्होंने ही धारदार हथियारों से जवान बेटे की जान ले ली। बताया गया है कि वह शराब पीकर झगड़ा करता था। जिसमें उसकी हत्या कर दी गई।
विज्ञापन

गांव बनवासा निवासी पवन (30) अपने माता-पिता की छोटी संतान था। वह अभी तक अविवाहित ही था। बड़े भाई की शादी हुई और बच्चे होने के बाद वह अपने माता-पिता व भाई से अलग रहने लगा। पवन के पास कोई रोजगार नहीं था। पिता खेती-बाड़ी करते थे। जिसमें वह हाथ बंटाता था। बताया गया है कि अब वह शराब पीने लगा था। शराब के नशे में ही माता-पिता से झगड़ा करने लगा। घर में अक्सर कलह रहती थी। इसी कलह में पवन की जान चली गई।
विज्ञापन

बड़े बेटे से कहा जो करना था कर दिया
पवन के बड़े भाई प्रवीण ने पुलिस को बताया है कि घर से शोर सुनकर उसने पवन का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया था। दरवाजा नहीं खुलने पर छत के रास्ते घर में पहुंचा। वहां भाई लहूलुहान पड़ा था। उसके माता-पिता ने इतना ही कहा कि जो करना था कर दिया। उसके बाद वह भाई की जिंदगी बचाने के लिए उसे अस्पताल में ले गया था, लेकिन आखिर उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

झाड-फूंक करने वाले के पास जाती थी युवक की मां
बताया जा रहा है कि बेटा अक्सर घर में कलह रखने लगा तो उसकी मां ने घर का कलह मिटाने के लिए झाड़-फूंक करने वाले के पास जाना शुरू कर दिया था। उसके बावजूद घर की कलह खत्म नहीं हो सकी। आखिर में माता-पिता ने बेटे का खून ही बहा दिया।

बदलती जीवन शैली जिम्मेदार
जीवीएम कॉलेज की मनोविज्ञान विभाग की प्रोफेसर जेसमीन कहती है कि वर्तमान में बदलती जीवन शैली का असर तेजी से दिख रहा है। गुस्से में लोग आपा खो बैठते हैं और बड़ी वारदात को अंजाम दे देते हैं। मां-बाप को अपने बच्चों पर विशेष नजर रखनी चाहिए। अगर वह गलत रास्ते पर जाने लगे तो उसे समय पर समझाकर सही रास्ते पर लाया जा सके। किसी की जान लेना किसी भी तरीके से सही नहीं है। अगर बच्चे गलत रास्ते पर आगे बढ़ चुके है तो उन्हें घर से बाहर करने का भय दिखाकर सही रास्ते पर लाने का प्रयास करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed