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Sonipat News: नगर निगम का लिपिक रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित
Thu, 26 Jun 2025 01:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 26 Jun 2025 01:19 AM IST
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सोनीपत। रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम के लिपिक को बुधवार को निलंबित कर दिया गया। निगम आयुक्त ने संयुक्त आयुक्त को मामले की जांच सौंपी थी। बुधवार को संयुक्त आयुक्त ने आयुक्त हर्षित कुमार को जांच रिपोर्ट सौंप दी। जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।
मोहन नगर के रहने वाले विनोद का कॉलोनी में 211 वर्ग गज का प्लॉट है। विनोद ने बताया था कि निगम में उसकी प्रॉपर्टी आईडी पर पड़ोसी का प्लॉट दर्शाया जा रहा है। इस गलती को ठीक कराने के लिए वह और उनका भतीजा रोहित दो माह से निगम के चक्कर लगा रहे थे।
चपरासी के कहने पर उसने निगम के लिपिक हरिओम से बात की। उसने गलती ठीक कराने की एवज में 20 हजार रुपये मांगे। बातचीत के बाद 15 हजार में बात तय हुई। लिपिक ने कहा कि वह अपने हिस्से के पैसे नहीं ले रहा है। यह रकम उसे बाद में देनी है।
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7 मई को उसे डिप्टी मेयर के कमरे में बुलाया गया और 15 हजार रुपये लिए गए। पीड़ित ने रिश्वत लेने का वीडियो हिडन कैमरे से बना लिया। पैसे देने के अगले ही दिन लिपिक हरिओम ने उसकी प्रॉपर्टी आईडी सही करवा ली। इसके बाद पीड़ित ने वीडियो नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार को भेज दिया।
वीडियो में लिपिक पैसे गिनकर क्लर्क को देता हुआ दिखाई दे रहा है। आयुक्त ने मामले की जांच संयुक्त आयुक्त मीतू धनखड़ को सौंपी थी। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी। कई बार बुलाने के बाद भी आरोपी लिपिक जांच में शामिल नहीं हुआ। बुधवार को फिर से नोटिस देकर जांच में शामिल किया गया।
संयुक्त आयुक्त ने जांच रिपोर्ट आयुक्त को सौंपी। साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई कर आयुक्त ने आरोपी लिपिक को निलंबित कर दिया।
वर्जन
वीडियो सामने आने के बाद आरोपी लिपिक को कई बार नोटिस देकर बुलाया गया, मगर वह नहीं आया। जिसके बाद कार्रवाई की गई है। -मीतू धनखड़, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।
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मोहन नगर के रहने वाले विनोद का कॉलोनी में 211 वर्ग गज का प्लॉट है। विनोद ने बताया था कि निगम में उसकी प्रॉपर्टी आईडी पर पड़ोसी का प्लॉट दर्शाया जा रहा है। इस गलती को ठीक कराने के लिए वह और उनका भतीजा रोहित दो माह से निगम के चक्कर लगा रहे थे।
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चपरासी के कहने पर उसने निगम के लिपिक हरिओम से बात की। उसने गलती ठीक कराने की एवज में 20 हजार रुपये मांगे। बातचीत के बाद 15 हजार में बात तय हुई। लिपिक ने कहा कि वह अपने हिस्से के पैसे नहीं ले रहा है। यह रकम उसे बाद में देनी है।
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7 मई को उसे डिप्टी मेयर के कमरे में बुलाया गया और 15 हजार रुपये लिए गए। पीड़ित ने रिश्वत लेने का वीडियो हिडन कैमरे से बना लिया। पैसे देने के अगले ही दिन लिपिक हरिओम ने उसकी प्रॉपर्टी आईडी सही करवा ली। इसके बाद पीड़ित ने वीडियो नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार को भेज दिया।
वीडियो में लिपिक पैसे गिनकर क्लर्क को देता हुआ दिखाई दे रहा है। आयुक्त ने मामले की जांच संयुक्त आयुक्त मीतू धनखड़ को सौंपी थी। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी। कई बार बुलाने के बाद भी आरोपी लिपिक जांच में शामिल नहीं हुआ। बुधवार को फिर से नोटिस देकर जांच में शामिल किया गया।
संयुक्त आयुक्त ने जांच रिपोर्ट आयुक्त को सौंपी। साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई कर आयुक्त ने आरोपी लिपिक को निलंबित कर दिया।
वर्जन
वीडियो सामने आने के बाद आरोपी लिपिक को कई बार नोटिस देकर बुलाया गया, मगर वह नहीं आया। जिसके बाद कार्रवाई की गई है। -मीतू धनखड़, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।