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अस्थियों से भरे मुक्तिधाम के लॉकर, कैसे हो विसर्जन
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शिव मुक्ति धाम सेक्टर-15 के लॉकरों में रखी गई अस्थियां
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन का असर आम जनजीवन पर दिख रहा है। लॉकडाउन के दौरान मृतकों की अस्थियों का विसर्जन भी नहीं हो पा रहा है। मान्यता के अनुसार गंगा नदी में अस्थि विसर्जन किया जाता है लेकिन सड़क और रेल यातायात पूरी तरह से बंद होने और संक्रमण से बचने तथा घर से निकलने पर पाबंदी के कारण मृतकों की अस्थियां लॉकरों में बंद पड़ी हैं। मृतकों के सगे संबंधी कैसे अस्थि विसर्जन को जाएं, यह बड़ी समस्या है। हालात यह हो गए हैं कि अब लॉकडाउन हुए एक महीना होने के कारण शिव मुक्तिधाम के लॉकर भी भर चुके हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि अस्थियों से लॉकर भरे हों। इसलिए मुक्तिधाम में अब अस्थियों को रखने के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था तलाश की जा रही है, जिससे लोगों को अस्थियां रखने में परेशानी नहीं हो सके।
सोनीपत के सेक्टर 15 के शिव मुक्ति धाम में शव का अंतिम संस्कार करने के बाद कोई तुरंत ही अस्थियों को विसर्जित नहीं करता है तो अस्थियों को लॉकर में रखवा दिया जाता है। इसके लिए वहां 40 लॉकर बनाए गए हैं। इनमें से पहले लगभग 10 तक लॉकर भरते थे, लेकिन लॉकडाउन में पहली बार ऐसा हुआ है कि वहां 38 लॉकर अस्थियां रखने से भर गए हैं और अब केवल दो लॉकर ही खाली बचे हैं। इस तरह लॉकर भरने से अस्थियों को रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाश की गई, जिससे लॉकर के पास ही एक अन्य कमरे में अस्थियों को रखवाया जा सके। क्योंकि लॉकडाउन खुलने का अभी काफी समय बाकी है और ऐसे में अस्थियों का विसर्जन नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा महलाना चौक के शिव मुक्ति धाम में अस्थियों को रखने के लिए केवल दस लॉकर बनाए गए हैं और यह लॉकर भर चुके हैं, जिससे वहां भी लॉकर में अस्थियां रखने की जगह नहीं है। वहां भी अस्थियों को रखने की वैकल्पिक व्यवस्था को तलाश किया जा रहा है, जिससे अस्थियों को रखने में कोई परेशानी नहीं हो। शिव मुक्ति धाम सेक्टर-15 के प्रधान डॉ. रतन लाल रायल, सचिव डॉ. डीएल मल्होत्रा, कार्यकारी प्रधान भरत कपूर ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि मुक्ति धाम में लॉकर में इतनी अस्थियां रखी गई हो। इन अस्थियों को लोग लॉकडाउन खुलने के बाद ही लेकर जाएंगे।
अब गैस से कराए जा सकेंगे अंतिम संस्कार
शिव मुक्ति धाम के सचिव डॉ. डीएल मल्होत्रा ने बताया कि मुक्ति धाम में पहले गैस से अंतिम संस्कार कर सकते थे। लेकिन वहां गैस से अंतिम संस्कार मशीन खराब होने के कारण काफी दिनों से बंद थे। उनके अनुसार लकड़ियों का खर्च ज्यादा होता है और उससे प्रदूषण भी हो जाता है। इसको देखते हुए ही गैस से अंतिम संस्कार की मशीन को दोबारा ठीक कराया गया है। उनके अनुसार डीसी से माध्यम से गैस कंपनी से कॉमर्शियल की जगह घरेलू दर पर गैस उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
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सोनीपत के सेक्टर 15 के शिव मुक्ति धाम में शव का अंतिम संस्कार करने के बाद कोई तुरंत ही अस्थियों को विसर्जित नहीं करता है तो अस्थियों को लॉकर में रखवा दिया जाता है। इसके लिए वहां 40 लॉकर बनाए गए हैं। इनमें से पहले लगभग 10 तक लॉकर भरते थे, लेकिन लॉकडाउन में पहली बार ऐसा हुआ है कि वहां 38 लॉकर अस्थियां रखने से भर गए हैं और अब केवल दो लॉकर ही खाली बचे हैं। इस तरह लॉकर भरने से अस्थियों को रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाश की गई, जिससे लॉकर के पास ही एक अन्य कमरे में अस्थियों को रखवाया जा सके। क्योंकि लॉकडाउन खुलने का अभी काफी समय बाकी है और ऐसे में अस्थियों का विसर्जन नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा महलाना चौक के शिव मुक्ति धाम में अस्थियों को रखने के लिए केवल दस लॉकर बनाए गए हैं और यह लॉकर भर चुके हैं, जिससे वहां भी लॉकर में अस्थियां रखने की जगह नहीं है। वहां भी अस्थियों को रखने की वैकल्पिक व्यवस्था को तलाश किया जा रहा है, जिससे अस्थियों को रखने में कोई परेशानी नहीं हो। शिव मुक्ति धाम सेक्टर-15 के प्रधान डॉ. रतन लाल रायल, सचिव डॉ. डीएल मल्होत्रा, कार्यकारी प्रधान भरत कपूर ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि मुक्ति धाम में लॉकर में इतनी अस्थियां रखी गई हो। इन अस्थियों को लोग लॉकडाउन खुलने के बाद ही लेकर जाएंगे।
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अब गैस से कराए जा सकेंगे अंतिम संस्कार
शिव मुक्ति धाम के सचिव डॉ. डीएल मल्होत्रा ने बताया कि मुक्ति धाम में पहले गैस से अंतिम संस्कार कर सकते थे। लेकिन वहां गैस से अंतिम संस्कार मशीन खराब होने के कारण काफी दिनों से बंद थे। उनके अनुसार लकड़ियों का खर्च ज्यादा होता है और उससे प्रदूषण भी हो जाता है। इसको देखते हुए ही गैस से अंतिम संस्कार की मशीन को दोबारा ठीक कराया गया है। उनके अनुसार डीसी से माध्यम से गैस कंपनी से कॉमर्शियल की जगह घरेलू दर पर गैस उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
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