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Sonipat News: एमपीएचडब्ल्यू ने सिविल सर्जन कार्यालय पर दिया धरना, सरकार से मांगें पूरी करने की उठाई मांग
Fri, 07 Nov 2025 02:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 07 Nov 2025 02:03 AM IST
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फोटो 07: सोनीपत में प्रदर्शन करने के बाद सिविल सर्जन डॉ. ज्योत्सना को मांगपत्र सौंपते एमपीएचडब्
सोनीपत। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मियों (एमपीएचडब्ल्यू) ने अपनी मांगों को लेकर वीरवार को सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में धरना दिया। उसके बाद उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. ज्योत्सना को मुख्यमंत्री नायब सैनी व स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों के समाधान की मांग उठाई।
एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला देवी व राज्य कार्यकारिणी सदस्य बबिता देवी ने बताया कि एनएचएम के नाम पर वर्ष 1998 से महिला एमपीएचडब्ल्यू का शोषण किया जा रहा है। बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार में बेटियां अपने हकों के लिए आंदोलन का रास्ता चुनने को विवश है।
बताया कि उच्च न्यायालय के समान काम समान वेतन के आदेश के बावजूद कर्मचारी कम वेतन पर कार्य करने को मजबूर है। उन्हें नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर ड्रेस एलाउंस, यात्रा भत्ता, एमसीएच अलाउंस और सेवानिवृत्ति पर भी कोई सम्मानजनक राशि का प्रावधान नहीं किया गया है।
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राज्य महासचिव सहदेव आर्य व जिला सचिव राजकुमार नैय्यर ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो सप्ताह भर में राज्यस्तरीय मीटिंग बुलाकर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। उसके बाद प्रदेशभर का एमपीएचडब्ल्यू वर्ग आंदोलन की राह पर होगा।
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एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला देवी व राज्य कार्यकारिणी सदस्य बबिता देवी ने बताया कि एनएचएम के नाम पर वर्ष 1998 से महिला एमपीएचडब्ल्यू का शोषण किया जा रहा है। बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार में बेटियां अपने हकों के लिए आंदोलन का रास्ता चुनने को विवश है।
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बताया कि उच्च न्यायालय के समान काम समान वेतन के आदेश के बावजूद कर्मचारी कम वेतन पर कार्य करने को मजबूर है। उन्हें नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर ड्रेस एलाउंस, यात्रा भत्ता, एमसीएच अलाउंस और सेवानिवृत्ति पर भी कोई सम्मानजनक राशि का प्रावधान नहीं किया गया है।
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राज्य महासचिव सहदेव आर्य व जिला सचिव राजकुमार नैय्यर ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो सप्ताह भर में राज्यस्तरीय मीटिंग बुलाकर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। उसके बाद प्रदेशभर का एमपीएचडब्ल्यू वर्ग आंदोलन की राह पर होगा।