{"_id":"57449f7a4f1c1b0420691487","slug":"most-wanted-kannu-sonipat-villagers-fear","type":"story","status":"publish","title_hn":"गाम के साथ गुहांड में भी फैला खौफ, ग्रामीणों ने खेत में जाना छोड़ा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गाम के साथ गुहांड में भी फैला खौफ, ग्रामीणों ने खेत में जाना छोड़ा
सोनीपत ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Wed, 25 May 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
कन्नू
- फोटो : file
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सुपरहिट फिल्म शोले का डायलॉग, 40 कोस में रात को जब बच्चा रोता है तो मां कहती है, बेटा सो जा नहीं तो गब्बर आ जाएगा, आजकल करेवड़ी और आसपास के गांवों में यह जीवंत होता दिखाई दे रहा है। क्योंकि अब करेवड़ी के साथ आसपास के गुहांड यानी साथ लगते गांवों जुआं, बड़वासनी, जाजी, माछरी, हुल्हाहेड़ी में भी 5 लाख के इनामी कुख्यात अजय उर्फ कन्नू का खौफ दिखाई पड़ रहा है। इसके पीछे की वजह यह है कि जो भी शख्स एक बार भी मौजूदा सरपंच से मिला या उसकी सहायता की है, वह कन्नू से डरा हुआ है। दरअसल, कन्नू ने घोषणा कर रखी है कि वह उन सबसे बदला लेगा, जिन्होंने करेवड़ी के पंचायत चुनावों में निर्वाचित सरपंच की सहायता की थी। यही कारण है कि मंगलवार को पांचों गांव के सरपंच और पीड़ित परिवार एसपी से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे और जल्द कन्नू को पकड़ने की गुहार लगाई।
बच्चों का नहीं करा रहे दाखिला
लघु सचिवालय पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि अजय उर्फ कन्नू की गांवों में काफी दहशत है। एक ग्रामीण ने बताया कि बच्चों का परीक्षा परिणाम आ चुका है, लेकिन आगे अभी दाखिला नहीं करा रहे हैं, क्योंकि जान है तो जहान है। साथ ही खेतों में भी जाना छोड़ दिया है।
पुलिस में नौकरी, घर वाले नहीं जाने देते ड्यूटी पर
दूसरे ग्रामीण ने बताया कि पांचों गांवों में से एक गांव का युवक पुलिस में तैनात है, लेकिन कन्नू की दहशत के चलते परिवार के लोग उसे ड्यूटी पर नहीं जाने दे रहे हैं। कह रहे हैं कि वे कोई जोखिम नहीं उठा सकते।
विज्ञापन
रिश्तेदारियों में भी जाना बंद, एक कमरे में सोते हैं साथ
एक पीड़ित परिवार के सदस्य ने बताया कि परिवार में कन्नू की दहशत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पहले परिवार के सदस्य अपने-अपने कमरों में सोते थे, लेकिन जब से तीन लोगों की हत्याएं हुई हैं, तब से एक जगह ही सोने का फैसला किया है। साथ ही रात के समय परिवार का कोई न कोई सदस्य जाग कर आसपास निगरानी रखता है। महिलाओं ने तो रिश्तेदारियों में भी जाना छोड़ दिया है।
सरपंच का परिवार सबसे ज्यादा खौफ में
करेवड़ी गांव में सरपंची के चुनाव की रंजिश के बाद जो हुआ वो किसी से छिपा नही हैं। सरपंच पक्ष के परिवार सबसे ज्यादा डरे हुए हैं। परिवार के सदस्यों को साफ हिदायत है कि वे गैर टाइम पर कोई बाहर नहीं आए। अगर जाना जरूर हो तो पुलिस को साथ लेकर जाएं।
=================
साहब, जल्द गिरफ्तार करो कन्नू को
डीआईजी हरदीप सिंह दून से मिले पांचों गांवों के ग्रामीणों ने कहा कि 12 दिन बाद भी पुलिस कन्नू तक नहीं पहुंच सकी। इससे उनकी चिंता और ज्यादा बढ़ गई है। जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जाए। कहीं, फिर से देर न हो जाए। डीआईजी ने भरोसा दिलाया कि पुलिस लगातार दिनरात लगी हुई है। उम्मीद है जल्द कामयाबी मिलेगी।
=============
कौन है कन्नू, क्यों है खौफ
करेवड़ी गांव निवासी अजय उर्फ कन्नू के भाई संजय ने पिछला पंचायत चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गया। पुलिस रिकॉर्ड में अजय का आपराधिक रिकॉर्ड है, हालांकि वह कई मामलों में बरी हो चुका है। बताया जा रहा है कि अजय ने कह रखा है कि जो उसके भाई की हार का जिम्मेदार है, उससे बदला लेगा। चुनाव के बाद संजय और उसके पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके बाद दो जगह फायरिंग हो चुकी है, जिसमें गांव के तीन लोगों की हत्या की जा चुकी है, जबकि दो गोली लगने से घायल हैं। दोनों वारदातों के पीछे अजय उर्फ कन्नू का हाथ माना जा रहा है। पुलिस ने उस पर 5 लाख का इनाम घोषित कर रखा है। इसके बावजूद वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा।
बच्चों का नहीं करा रहे दाखिला
लघु सचिवालय पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि अजय उर्फ कन्नू की गांवों में काफी दहशत है। एक ग्रामीण ने बताया कि बच्चों का परीक्षा परिणाम आ चुका है, लेकिन आगे अभी दाखिला नहीं करा रहे हैं, क्योंकि जान है तो जहान है। साथ ही खेतों में भी जाना छोड़ दिया है।
विज्ञापन
पुलिस में नौकरी, घर वाले नहीं जाने देते ड्यूटी पर
दूसरे ग्रामीण ने बताया कि पांचों गांवों में से एक गांव का युवक पुलिस में तैनात है, लेकिन कन्नू की दहशत के चलते परिवार के लोग उसे ड्यूटी पर नहीं जाने दे रहे हैं। कह रहे हैं कि वे कोई जोखिम नहीं उठा सकते।
विज्ञापन
रिश्तेदारियों में भी जाना बंद, एक कमरे में सोते हैं साथ
एक पीड़ित परिवार के सदस्य ने बताया कि परिवार में कन्नू की दहशत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पहले परिवार के सदस्य अपने-अपने कमरों में सोते थे, लेकिन जब से तीन लोगों की हत्याएं हुई हैं, तब से एक जगह ही सोने का फैसला किया है। साथ ही रात के समय परिवार का कोई न कोई सदस्य जाग कर आसपास निगरानी रखता है। महिलाओं ने तो रिश्तेदारियों में भी जाना छोड़ दिया है।
सरपंच का परिवार सबसे ज्यादा खौफ में
करेवड़ी गांव में सरपंची के चुनाव की रंजिश के बाद जो हुआ वो किसी से छिपा नही हैं। सरपंच पक्ष के परिवार सबसे ज्यादा डरे हुए हैं। परिवार के सदस्यों को साफ हिदायत है कि वे गैर टाइम पर कोई बाहर नहीं आए। अगर जाना जरूर हो तो पुलिस को साथ लेकर जाएं।
=================
साहब, जल्द गिरफ्तार करो कन्नू को
डीआईजी हरदीप सिंह दून से मिले पांचों गांवों के ग्रामीणों ने कहा कि 12 दिन बाद भी पुलिस कन्नू तक नहीं पहुंच सकी। इससे उनकी चिंता और ज्यादा बढ़ गई है। जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जाए। कहीं, फिर से देर न हो जाए। डीआईजी ने भरोसा दिलाया कि पुलिस लगातार दिनरात लगी हुई है। उम्मीद है जल्द कामयाबी मिलेगी।
=============
कौन है कन्नू, क्यों है खौफ
करेवड़ी गांव निवासी अजय उर्फ कन्नू के भाई संजय ने पिछला पंचायत चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गया। पुलिस रिकॉर्ड में अजय का आपराधिक रिकॉर्ड है, हालांकि वह कई मामलों में बरी हो चुका है। बताया जा रहा है कि अजय ने कह रखा है कि जो उसके भाई की हार का जिम्मेदार है, उससे बदला लेगा। चुनाव के बाद संजय और उसके पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके बाद दो जगह फायरिंग हो चुकी है, जिसमें गांव के तीन लोगों की हत्या की जा चुकी है, जबकि दो गोली लगने से घायल हैं। दोनों वारदातों के पीछे अजय उर्फ कन्नू का हाथ माना जा रहा है। पुलिस ने उस पर 5 लाख का इनाम घोषित कर रखा है। इसके बावजूद वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा।