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Sonipat: पंचतत्व में विलीन हुए पर्वतारोही नीतीश, उत्तराखंड में बर्फीले तूफान की चपेट में आने से गई थी जान

Sun, 09 Oct 2022 11:47 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 09 Oct 2022 11:47 AM IST
सार

गांव मटिंडू के नीतीश दहिया एडवांस कोर्स के लिए 23 सितंबर को द्रौपदी का डांडा-2 में अपने सहयोगी प्रशिक्षु पर्वतारोही, प्रशिक्षकों व नर्सिंग स्टाफ के साथ गए थे। इसी बीच 4 अक्तूबर को सुबह करीब आठ बजे इस दल के ज्यादातर सदस्य बर्फीले तूफान की चपेट में आ गए थे।

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Mortal remains of mountaineer Nitish cremated at crematorium in village Matindu of Sonipat
पर्वतारोही नीतिश का अंतिम संस्कार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

उत्तराखंड में द्रौपदी का डांडा-2 में आरोहरण के दौरान बर्फीले तूफान की चपेट में आकर जान गंवाने वाले पर्वतारोही नीतीश के पार्थिव शरीर का रविवार को गांव मटिंडू के शमशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। ग्रामीणों के साथ ही आसपास के गांवों व अन्य स्थानों से आए हजारों लोगों ने नम आंखों से नीतीश को अंतिम विदाई दी। ग्रामीणों ने नीतीश अमर रहे के नारे लगाते हुए उन्हें शहीद का दर्जा देने की मांग की।

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गांव मटिंडू के नीतीश दहिया एडवांस कोर्स के लिए 23 सितंबर को द्रौपदी का डांडा-2 में अपने सहयोगी प्रशिक्षु पर्वतारोही, प्रशिक्षकों व नर्सिंग स्टाफ के साथ गए थे। इसी बीच 4 अक्तूबर को सुबह करीब आठ बजे इस दल के ज्यादातर सदस्य बर्फीले तूफान की चपेट में आ गए थे। जिसके बाद से चलाए गए बचाव अभियान में लगातार खराब मौसम बाधा बना हुआ था। दल के लापता सदस्यों को ढूंढ पाना मुश्किल हो रहा था। जब मटिंडू निवासी पर्वतारोही नीतीश दहिया के परिजनों को नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की तरफ से नीतीश के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया तो परिवार के कई सदस्य उत्तराखंड के लिए 5 अक्तूबर को ही रवाना हो गए थे। 
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सात अक्तूबर को कई पर्वतारोहियों के शवों को बरामद किया गया, जिसके बाद सात शवों को द्रौपदी का डांडा बेस कैंप से हेलीकाप्टर के जरिए मातली हेलीपैड पहुंचाया गया था। जहां से इन शवों की शिनाख्त व पोस्टमार्टम के लिए उत्तरकाशी सरकारी अस्पताल में भेजा गया था। यहीं पर एक शव की पहचान परिजनों ने नीतीश के रूप में की थी। रविवार सुबह नीतीश का शव गांव में लाया गया। उनके अंतिम दर्शन को लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी। परिजन व ग्रामीण नीतीश अमर रहे के नारे लगाते हुए उनके पार्थिव शरीर को लेकर शमशान घाट पहुंचे। 
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खरखौदा एसडीएम ज्योति, आप के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद समेत अन्य ने उनके पार्थिव शरीर को नमन किया। उसके बाद उन्हें मुखाग्नि दी गई। इस दौरान ग्रामीण लगातार उनके जयकारे लगाते रहे। ग्रामीणों ने कहा कि नीतीश ने छोटी सी उम्र में देश व प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें सरकार की तरफ से शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए।

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