फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   More illegal plots were cut in E and M blocks of industrial area, more than 500 fake registrations were done.

औद्योगिक क्षेत्र के ई व एम ब्लॉक में ज्यादा अवैध प्लॉट कटे, 500 से ज्यादा फर्जी तरीके से रजिस्ट्री की गई

Thu, 30 Jul 2020 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2020 11:51 PM IST
विज्ञापन
More illegal plots were cut in E and M blocks of industrial area, more than 500 fake registrations were done.
सोनीपत औद्योगिक क्षेत्र - फोटो : Sonipat
सोनीपत। शहर में रोहतक रोड औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी की जमीन में प्लॉट काटकर तहसील में रजिस्ट्री कराने के खेल में नया खुलासा हुआ है। औद्योगिक क्षेत्र में सबसे ज्यादा अवैध प्लॉट ई व एम ब्लॉक में काटे गए हैं और उनकी तहसील में रजिस्ट्री कराने का खेल अभी तक जारी है। औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से प्लॉट काटकर अभी तक 500 से ज्यादा रजिस्ट्री फर्जीवाड़ा करके कराई जा चुकी हैं। इस फर्जीवाड़े व भ्रष्टाचार के खेल में फैक्टरी की जमीन में प्लॉट काटकर बेचने से लेकर लेने वाले व तहसील में रजिस्ट्री करने वाले अफसरों तक सभी शामिल हैं। हालांकि अवैध रूप से प्लॉट काटकर रजिस्ट्री कराने के बाद कुछ लोगों ने उसे रेगुलाइज कराने का प्रयास किया, लेकिन एचएसआईआईडीसी के पास अभी तक ऐसी कोई पॉलिसी ही नहीं है। उसकी पॉलिसी के तहत केवल 2 एकड़ से ज्यादा जमीन को 800 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से फीस जमा कराकर रेगुलाइज कराया जा सकता है। इस कारण ही प्लॉट काटने व खरीदने वाले ज्यादा फंसते दिख रहे हैं।
विज्ञापन

सोनीपत शहर में रोहतक रोड पर सबसे पुराना औद्योगिक क्षेत्र है, जहां के 80 प्रतिशत प्लॉट में पिछले काफी समय से फैक्टरी नहीं थीं और उनमें किसी का इस्तेमाल गोदाम तो किसी का अन्य गतिविधि में किया जा रहा था। जिसके बाद वहां फैक्टरी की जमीन में अवैध रूप से प्लॉट काटकर बेचने का खेल शुरू हुआ। लोगों ने अवैध रूप से फैक्टरी की जमीन में प्लॉट काटकर बेचने के साथ ही सभी रजिस्ट्री घरेलू जमीन की करा डाली हैं। इस रजिस्ट्री करने से भ्रष्टाचार की शुरूआत हुई, क्योंकि औद्योगिक जमीन में प्लॉट नहीं काटे जा सकते हैं और उनकी रजिस्ट्री ही नहीं कराई जा सकती है। जबकि औद्योगिक क्षेत्र में टी, एम, डी, ई, जी, ओ सभी ब्लॉक में 84 औद्योगिक प्लॉट में अवैध रूप से प्लॉट काटे गए तो किसी ब्लॉक में अवैध निर्माण किया गया। इनमें भी एम व ई ब्लॉक में सबसे ज्यादा अवैध प्लॉट काटे गए और वहां अवैध कॉलोनी तक काटकर उनकी फर्जी तरीके से रजिस्ट्री तक करा दी गई। यह पूरा खेल तहसील अफसरों की मिलीभगत से हुआ और यह खेल अभी थमा नहीं है, बल्कि यह खेल लगातार चल रहा है। लॉकडाउन के दौरान भी औद्योगिक क्षेत्र की गलत तरीके से रजिस्ट्री कराई गई है। इसमें प्लॉट काटने से लेकर खरीदने वाले व तहसील में रजिस्ट्री तक करने वाले सभी भ्रष्टाचार में शामिल हैं, क्योंकि इन सभी ने सरकार को चूना लगाया है। ऐसे ही सभी लोगों पर अब शिकंजा कसने की तैयारी हो रही है।
विज्ञापन

--
2 एकड़ से कम जमीन को 800 रुपये वर्ग गज देकर नहीं करा सकते रेगुलाइज, प्लॉट खरीदने वाले फंसे
एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों के अनुसार 50 साल पुराने औद्योगिक क्षेत्र के लिए सरकार पॉलिसी लेकर आई थी कि किसी का 2 एकड़ या उससे ज्यादा का कॉमर्शियल प्लॉट है तो उसे 800 रुपये वर्ग गज के हिसाब से फीस जमा कराकर अन्य इस्तेमाल के लिए रेगुलाइज किया जा सकता है। लेकिन किसी ने उनमें प्लॉट काटकर बेच दिए हैं और उनकी रजिस्ट्री करा दी गई है तो उनके लिए एचएसआईआईडीसी के पास रेगुलाइज करने की कोई पॉलिसी नहीं है। इस तरह औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट लेने वालों की भले ही फर्जीवाड़ा करके रजिस्ट्री हो गई हो, लेकिन वह अब वह पूरी तरह से फंस गए हैं। क्योंकि उनकी रजिस्ट्री का उस समय तक कोई फायदा नहीं है, जबतक एचएसआईआईडीसी की तरफ से रेगुलाइज के लिए कोई पॉलिसी नहीं आ जाती है। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी की जमीन में प्लॉट काटने वालों ने अपनी जेब भर डाली, लेकिन उन लोगों की खून-पसीने की कमाई डूब सकती है जो वहां प्लॉट खरीद चुके हैं। एम व ई ब्लॉक में प्लॉट लेने वाले ऐसे में सबसे ज्यादा फंसते दिख रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट काटकर कोई भी रजिस्ट्री नहीं हो सकती है। औद्योगिक क्षेत्र में रजिस्ट्री होना पूरी तरह से गलत है, क्योंकि इस तरह की कोई पॉलिसी नहीं है। इसका पूरा पता कराया जा रहा है कि यह आखिर कैसे हो रहा है। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और इसमें सोमवार को जाकर स्थिति को देखा जाएगा।
-आरके जिंदल, एस्टेट ऑफिसर एचएसआईआईडीसी कुंडली-सोनीपत
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed