फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   marty soldier wrote on his han the number of the vehicle, so the crooks were caught

सोनीपत: सिपाही रविंद्र के संघर्ष व ड्यूटी के फर्ज ने हत्यारोपियों तक पुलिस को पहुंचाया

Wed, 01 Jul 2020 08:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Wed, 01 Jul 2020 08:36 PM IST
विज्ञापन
marty soldier wrote on his han the number of the vehicle, so the crooks were caught
सिपाही रविंद्र।

बुटाना चौकी के सिपाही रविंद्र व एसपीओ कप्तान ने हत्यारोपियों से काफी देर तक लड़ते हुए संघर्ष किया। वहीं सिपाही रविंद्र ने ड्यूटी का फर्ज भी निभाया और उसके हाथ पर लिखे गाड़ी के नंबर ने पुलिस को हत्यारोपियों तक पहुंचा दिया। सिपाही रविंद्र अपने हाथ पर गाड़ी का नंबर नहीं लिखता तो शायद पुलिस के लिए इस घटना का खुलासा करना आसान नहीं होता और वह हत्यारोपियों तक इतनी जल्दी नहीं पहुंच पाती।

विज्ञापन


इसलिए एसपी जश्नदीप रंधावा ने खुद भी माना कि गाड़ी के नंबर से पूरी घटना का खुलासा हुआ और हत्यारोपियों तक पहुंच सके। एसपी के अनुसार दोनों पुलिस कर्मियों ने बखूबी ईमानदारी से ड्यूटी निभाई है। वहीं हत्या के बाद सुबह तक उनके शव पड़े होने के बावजूद चौकी व थाने की पुलिस के ध्यान नहीं देने के मामले में किसी तरह की कोई लापरवाही है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन


एसपी जश्नदीप सिंह ने बताया कि जब सिपाही रविंद्र व एसपीओ कप्तान गश्त करते हुए हरियाली सेंटर के पास पहुंचे तो वहां खड़ी गाड़ी को देखकर सिपाही ने अपने हाथ पर उसका नंबर लिख लिया। वह इसलिए किया गया, जिससे उसमें अपराधी होने पर अगर वह भागते हैं तो उनको गाड़ी के नंबर के आधार पर पकड़ा जा सके। लेकिन वहां आरोपियों ने उनपर हमला कर दिया तो उस समय भी डंडे के सहारे ही सिपाही व एसपीओ ने धारदार हथियार ले रहे आरोपियों से काफी देर तक संघर्ष किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसपी के अनुसार सिपाही के हाथ पर लिखा गाड़ी का नंबर ही घटना के खुलासे की सबसे अहम कड़ी रही। उस गाड़ी के नंबर को ट्रेस किया गया तो वह जींद के गुरमीत के नाम पर निकली। उससे पूछताछ करने पर पता चला कि उसने वह गाड़ी संदीप को बेची थी। जिसके बाद संदीप की तलाश शुरू की गई और उसे सर्विलांस के सहारे पकड़ लिया गया।


उसने पुलिस को पूरी घटना बताई और उसके बाद अमित व विकास को पकड़ने जाने पर पुलिस पर हमले के अलावा अमित की गोली लगने से मौत हुई। एसपी जश्नदीप रंधावा ने खुद माना कि जहां सिपाही रविंद्र ने हत्यारोपियों से लड़ते हुए संघर्ष किया, वहीं उसने हाथ पर गाड़ी का नंबर लिखकर ड्यूटी का फर्ज भी निभाया। उसके हाथ पर गाड़ी का नंबर लिखने के कारण ही पूरे मामले का पटाक्षेप हो सका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed